नागरिक सुरक्षा क्या है?
नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफ़ेंस) का मतलब है आपात स्थिति में लोगों, घरों, संपत्ति और पर्यावरण की रक्षा। आपात स्थिति वह अचानक घटना है जो बहुत-से लोगों की जान खतरे में डाल दे।
- शांति-काल की आपदाएँ: बाढ़, भूकंप, तूफ़ान, बड़ी आग, कारखाने या परिवहन में रसायन की दुर्घटना, महामारी।
- युद्ध-काल की आपदाएँ: हवाई हमले, बिजली-पानी का टूटना, पीछे छूटी विस्फोटक वस्तुएँ।
मुख्य सिद्धांत: पहले रोकथाम, जल्दी चेतावनी, संपत्ति से पहले जान, सबकी भागीदारी। हर देश में नागरिक सुरक्षा का कानून होता है जो बताता है कि सरकार, स्थानीय निकाय, बचाव सेवाएँ और नागरिक क्या करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (जिनेवा संधियाँ और उनके प्रोटोकॉल) आम नागरिकों और सिविल डिफ़ेंस कर्मियों की रक्षा करता है। उनका चिह्न है नारंगी वर्ग पर नीला त्रिभुज। स्मारक, संग्रहालय और अभिलेखागार पर सांस्कृतिक संपत्ति की नीली-सफ़ेद ढाल लग सकती है; इन पर हमला नहीं किया जा सकता।
बचाव सेवाएँ और उनकी मदद कैसे करें
- अग्निशमन और बचाव सेवा: आग, गाड़ी या मलबे में फँसे लोग, रसायन का रिसाव, बाढ़।
- आपात चिकित्सा प्रणाली: डिस्पैचर, एम्बुलेंस, अस्पताल का आपातकालीन विभाग।
- पुलिस: व्यवस्था, यातायात, लापता लोग।
- स्वयंसेवक: स्वयंसेवी अग्निशमन दल, पहाड़ी बचाव, जल-बचाव (लाइफ़गार्ड), रेड क्रॉस / रेड क्रिसेंट।
कई देशों में एक नंबर, 112, सब तक पहुँचाता है (भारत में भी 112)। बताओ कहाँ, क्या हुआ, कितने लोग, और फ़ोन मत काटो।
रास्ता देना: सायरन सुनो या नीली चमकती बत्ती दिखे तो पैदल लोग फ़ुटपाथ पर रहें; ड्राइवर और साइकिल वाले किनारे होकर रुकें। उस गाड़ी के ठीक पीछे कभी मत चलो।
चेतावनी संकेत, आश्रय और निकासी
लोगों को सायरन, फ़ोन अलर्ट (सेल ब्रॉडकास्ट या सरकारी ऐप), रेडियो, टीवी और लाउडस्पीकर से चेताया जाता है। कई देशों में ऊपर-नीचे होती आवाज़ खतरा और एक-सी आवाज़ खतरा टलने का संकेत है; अपने देश के संकेत सीखो। अपने इलाके का सरकारी अलर्ट ऐप लगाओ और फ़ोन चार्ज रखो।
लोगों को बचाने के तीन मुख्य तरीके:
- आश्रय: तहखाना, भूमिगत स्टेशन या सरकारी आश्रय; खिड़कियों से दूर। रासायनिक बादल हो तो किसी भी इमारत में जाओ, खिड़की-दरवाज़े बंद करो, पंखे और AC बंद करो।
- निकासी: लोगों को (और समय हो तो पशु व ज़रूरी सामान) तय रास्तों से एकत्र स्थान तक ले जाना। आपात थैला: दस्तावेज़, पानी, खाना, दवाएँ, टॉर्च, पावर बैंक।
- व्यक्तिगत सुरक्षा: मास्क, सुरक्षा कपड़े और प्राथमिक उपचार।
स्कूल की निकासी योजना सीखो: सबसे पास का निकास, दूसरा निकास, एकत्र स्थान, और नियम भागो मत, धक्का मत दो, वापस मत जाओ।
विकिरण, विषैले पदार्थ और सुरक्षा उपकरण
खतरनाक माल ले जाने वाले ट्रक और टैंक पर नारंगी प्लेट होती है: ऊपर का अंक खतरा बताता है, नीचे का (UN नंबर) पदार्थ का नाम। हीरे जैसे लेबल पर आग (ज्वलनशील), खोपड़ी (विषैला) या तीन पंखुड़ी वाला चिह्न (रेडियोधर्मी) होता है। रिसाव दिखे तो हवा की उलटी दिशा में दूर जाओ और 112 मिलाओ।
विकिरण न दिखता है न सूँघा जाता है। यह शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाता है; बड़ी खुराक से विकिरण-रोग होता है। बचाव = समय (कम), दूरी (ज़्यादा), परिरक्षण (मोटी दीवार, मिट्टी)। बचाव दल इसे डोसीमीटर से नापते हैं; गैस डिटेक्टर विषैले रसायन पकड़ते हैं।
सुरक्षा उपकरण: गैस मास्क या रेस्पिरेटर, सुरक्षा सूट, दस्ताने, जूते। जुगाड़: नाक-मुँह पर गीला कपड़ा, रेनकोट, जूतों पर प्लास्टिक की थैली।
खाना और पानी: बंद डिब्बों, प्लास्टिक रैप या फ़्रिज में रखो; अधिकारी कहें तब तक बोतल का पानी पियो।
संदूषण के बाद: विसंदूषण (रसायन या रेडियोधर्मी धूल हटाना), कीटाणुशोधन (रोगाणु मारना) और कीट-चूहा नियंत्रण। स्वच्छता उपचार यानी लोगों को धोना: बाहरी कपड़े थैली में, साबुन से नहाना। विशेष उपचार यानी कपड़े, उपकरण और गाड़ियाँ साफ़ करना। सामूहिक विनाश के हथियार (परमाणु, रासायनिक, जैविक) संधियों से प्रतिबंधित हैं; नागरिक सुरक्षा उनके असर से बचना सिखाती है।
विस्फोटक वस्तुएँ और आपदा के बाद पुनर्वास
संघर्ष के बाद बिना फटे गोले, बारूदी सुरंगें और ग्रेनेड खेतों और मलबे में बरसों पड़े रह सकते हैं। वे जंग लगे पाइप, खिलौने या डिब्बे जैसे दिख सकते हैं।
सुनहरा नियम: मत छुओ, ठोकर मत मारो, मत उठाओ। रुको, जिस रास्ते आए उसी से पीछे हटो, दूसरों को बताओ, दूर से निशान लगाओ (डंडी, कपड़ा) और 112 मिलाओ। ठीक उसके पास फ़ोन या रेडियो मत चलाओ। साफ़ किए गए रास्तों पर चलो और चेतावनी-बोर्ड मानो।
पुनर्वास खतरा टलने पर शुरू होता है: बचाव दल मलबे में खोज करते हैं, बिजली, पानी और सड़कें ठीक करते हैं, रहने-खाने की व्यवस्था और मानसिक सहारा देते हैं। अब ड्रोन लोगों की खोज, नुकसान का नक्शा और विकिरण या गैस की जाँच करते हैं, बिना बचावकर्मियों को खतरे में डाले।
करके देखो: परिवार के साथ सबसे पास का आश्रय ढूँढो, घर से निकलने के दो रास्ते तय करो, मिलने की जगह चुनो और आपात थैले की सूची बनाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- विकिरण से बचाव: समय ↓, दूरी ↑, परिरक्षण ↑
- बचाव के 3 तरीके: आश्रय, निकासी, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण
- 112 पर: कहाँ? क्या? कितने लोग? फ़ोन मत काटो
- अनजान वस्तु: मत छुओ → पीछे हटो → निशान लगाओ → सूचना दो
- रासायनिक बादल: अंदर जाओ, खिड़कियाँ बंद; निकासी हवा की उलटी दिशा और ऊँचाई की ओर
- सिविल डिफ़ेंस चिह्न: नारंगी पर नीला त्रिभुज; सांस्कृतिक संपत्ति: नीली-सफ़ेद ढाल
हल किए गए उदाहरण
1. स्कूल से 500 m दूर गैस टैंकर पलट गया; हवा टैंकर से स्कूल की ओर है। स्कूल क्या करे?
अंदर ही आश्रय: सबको अंदर रखो, खिड़की-दरवाज़े बंद, पंखे-AC बंद, गीले कपड़े तैयार। सरकारी अलर्ट सुनो। कहने पर ही निकलो, हवा की उलटी या आड़ी दिशा में, बादल से दूर।
2. तूफ़ान के बाद खेत में पंखों वाला जंग लगा धातु का पाइप दिखा। क्या करोगे?
मत छुओ। रुको, उसी रास्ते पीछे लौटो, दोस्तों को बताओ, सुरक्षित दूरी से निशान लगाओ और ठीक जगह बताकर 112 मिलाओ।
3. नदी चढ़ रही है और निकासी का आदेश आया। परिवार के कदम लिखो।
गैस और बिजली बंद करो, आपात थैला लो (दस्तावेज़, पानी, दवा, चार्जर), बुज़ुर्ग पड़ोसियों की मदद करो, तय रास्ते से ऊँचाई पर जाओ, एकत्र स्थान पर नाम लिखवाओ, खतरा टलने पर ही लौटो।
4. रेडियोधर्मी धूल से बचने के लिए ऊपरी मंज़िल से तहखाना बेहतर क्यों है?
परिरक्षण: मिट्टी और मोटा कंक्रीट विकिरण सोख लेते हैं, और आप छत व बाहर जमी धूल से दूर रहते हो।
आम गलतियाँ
- सायरन बजते ही बाहर देखने जाना। पहले आश्रय में जाओ और सरकारी संदेश सुनो।
- अनजान वस्तु उठाकर बड़ों के पास ले जाना। कभी मत छुओ; बड़ों को जगह बताओ।
- रासायनिक रिसाव से हवा की दिशा में भागना। हमेशा हवा की उलटी या आड़ी दिशा में जाओ।
- सोशल मीडिया पर अफ़वाह फैलाना। केवल सरकारी चैनल और अलर्ट पर भरोसा करो।