तरंगरूप क्या है?
तरंगरूप (waveform) एक ग्राफ़ है। नीचे समय होता है। बगल में वोल्टेज (या धारा)। रेखा बीच से ऊपर हो तो धक्का एक दिशा में है। नीचे हो तो धक्का उल्टा है।
एक पूरे पैटर्न का समय आवर्तकाल (T) है। एक सेकंड में कितने पैटर्न आते हैं, वह आवृत्ति (f) है। दोनों जुड़े हैं: f = 1 / T। भारत की बिजली 50 Hz है, तो T = 0.02 s।
सबसे ऊँचा बिंदु शिखर मान (Vm) है। RMS मान उस स्थिर DC वोल्टेज के बराबर है जो बल्ब को उतना ही गरम करे। साइन तरंग के लिए Vrms = Vm / √2 (लगभग 0.707 Vm)।
साइन, वर्ग, त्रिकोण और आरी तरंग
साइन तरंग: चिकनी। घूमती जनरेटर कुंडली यही बनाती है, इसलिए घर की बिजली साइन तरंग है। इसे ज्यावक्रीय (sinusoidal) कहते हैं।
जो तरंग साइन नहीं है वह अ-ज्यावक्रीय (non-sinusoidal) है। आम तरंगें:
- वर्ग तरंग: दो स्तरों के बीच कूदती है। स्विच और डिजिटल परिपथ बनाते हैं। Vrms = Vm।
- त्रिकोण तरंग: सीधी ढलान ऊपर-नीचे। Vrms = Vm / √3।
- आरी (रैंप) तरंग: धीरे चढ़ती, झट से गिरती। पुराने टीवी स्कैन और ध्वनि बनाने वाले परिपथों में काम आती है।
साइन तरंग "साफ़" है। बाकी में तेज़ अतिरिक्त लहरें होती हैं, जो मोटर गरम कर सकती हैं और रेडियो में शोर कर सकती हैं।
अ-ज्यावक्रीय तरंग साइन तरंगों का योग है
फ़्रांसीसी वैज्ञानिक फ़ूरिए ने दिखाया कि हर दोहराने वाली तरंग साइन तरंगों का योग है। पहली साइन मूल तरंग (fundamental) है। बाकी हार्मोनिक हैं, जिनकी आवृत्ति 2, 3, 4 ... गुना होती है।
वर्ग तरंग के लिए सिर्फ़ विषम हार्मोनिक चाहिए: मूल + तीसरे का 1/3 + पाँचवें का 1/5 + ...। जितने जोड़ो, कोने उतने तीखे होते हैं। त्रिकोण तरंग भी विषम हार्मोनिक से बनती है, पर वे बहुत जल्दी छोटे हो जाते हैं, इसलिए वह चिकनी रहती है।
असल ज़िंदगी में हार्मोनिक मायने रखते हैं: इन्वर्टर, चार्जर या डिमर हार्मोनिक धारा वापस वायरिंग में भेजते हैं।
क्षणिक अवस्था: स्विच के ठीक बाद क्या होता है
प्रतिरोध R और कैपेसिटर C को श्रेणी में जोड़कर स्विच बंद करो। कैपेसिटर का वोल्टेज झट से नहीं चढ़ता। वह वक्र में चढ़कर टिक जाता है। यह छोटा समय क्षणिक अवस्था (transient) है। उसके बाद स्थायी अवस्था (steady state) आती है।
गति समय नियतांक τ = R × C तय करता है (R ओम में, C फ़ैरड में, τ सेकंड में)।
- 1 τ बाद: वोल्टेज अंतिम का लगभग 63%।
- 3 τ बाद: लगभग 95%।
- 5 τ बाद: लगभग 99%, इसलिए इसे "पूरा" मानते हैं।
चार्ज होते समय: v = V (1 − e−t/τ)। डिस्चार्ज में: v = V e−t/τ। R-L परिपथ में τ = L / R होता है।
खुद करके देखो: तरंग बनाओ
3D में जोड़ो दबाओ। "साइन तरंगें" स्लाइडर को 1 से 9 तक चलाओ। पहले सोचो: ऊपर का हिस्सा चपटा होगा या गोल? फिर जाँचो। अब स्विच-ऑन दबाओ। τ को 3 करो। सोचो: वक्र तेज़ चढ़ेगा या धीमा? जाँचो कि हरी पट्टी वक्र को कहाँ छूती है: हमेशा 63% पर।
घर पर: किट में छोटा LED, बड़ा कैपेसिटर और प्रतिरोध लगाओ। R या C बड़ा करने पर LED धीरे-धीरे बुझता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- f = 1 / T
- साइन तरंग: V_rms = V_m / √2 ≈ 0.707 V_m
- वर्ग तरंग (±V_m): V_rms = V_m
- त्रिकोण तरंग: V_rms = V_m / √3 ≈ 0.577 V_m
- वर्ग तरंग = sin x + (1/3) sin 3x + (1/5) sin 5x + ... (गुणा 4/π)
- RC समय नियतांक: τ = R × C; RL: τ = L / R
- कैपेसिटर चार्ज होते समय: v = V (1 − e^(−t/τ))
हल किए गए उदाहरण
1. एक सप्लाई की आवृत्ति 50 Hz है। उसका आवर्तकाल निकालो।
T = 1 / f = 1 / 50 = 0.02 s = 20 ms।
2. साइन तरंग का शिखर मान 325 V है। RMS मान निकालो।
V_rms = 325 / √2 = 325 / 1.414 ≈ 230 V।
3. R = 10 kΩ और C = 100 µF है। τ निकालो।
τ = R C = 10 000 × 0.0001 = 1 s।
4. 10 V का स्रोत उदाहरण 3 के कैपेसिटर को चार्ज करता है। 1 s बाद और 5 s बाद वोल्टेज क्या होगा?
1 τ बाद: 0.632 × 10 = 6.32 V। 5 τ बाद: लगभग 0.993 × 10 = 9.93 V, यानी लगभग पूरा।
5. एक वर्ग तरंग +12 V और −12 V के बीच झूलती है। उसका RMS मान क्या है?
वर्ग तरंग में V_rms = V_m = 12 V, क्योंकि वोल्टेज का परिमाण हमेशा 12 V है।
6. एक तरंग हर 4 ms में दोहराती है। उसकी आवृत्ति क्या है?
f = 1 / T = 1 / 0.004 = 250 Hz।
आम गलतियाँ
- हर तरंग के लिए V_m / √2 लगा देना। यह सूत्र सिर्फ़ साइन तरंग का है। वर्ग में V_m और त्रिकोण में V_m / √3 आता है।
- सोचना कि कैपेसिटर का वोल्टेज झट से चढ़ जाता है। वह वक्र में चढ़ता है; लगभग 5 τ बाद ही पूरा होता है।
- आवर्तकाल और आवृत्ति में गड़बड़ करना। आवर्तकाल = सेकंड प्रति चक्र; आवृत्ति = चक्र प्रति सेकंड। f = 1 / T।
- τ = RC में माइक्रोफ़ैरड सीधे रख देना। पहले बदलो: 100 µF = 0.0001 F।