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विभिन्न तरंगरूप: साइन, वर्ग, त्रिकोण और क्षणिक अवस्था

तरंगरूप (waveform) समय के साथ वोल्टेज या धारा का ग्राफ़ है। घर की AC साइन तरंग है, पर परिपथों में वर्ग, त्रिकोण और आरी तरंगें भी चलती हैं। हर ऐसी तरंग साइन तरंगों का योग होती है। स्विच बंद करने के बाद RC परिपथ का वोल्टेज समय नियतांक τ = RC के हिसाब से धीरे-धीरे चढ़ता है; इस छोटे समय को क्षणिक अवस्था (transient) कहते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. तरंगरूप समय के साथ वोल्टेज की तस्वीर है। यह साइन तरंग है। पीली गेंद अभी का वोल्टेज दिखाती है।
  2. नीला मतलब धक्का एक दिशा में। नारंगी मतलब धक्का उल्टी दिशा में। साइन तरंग इनके बीच आराम से झूलती है।
  3. वर्ग तरंग आराम से नहीं झूलती। वह एकदम ऊपर जाती है, रुकती है, फिर एकदम नीचे आती है। स्विच ऐसी तरंग बनाते हैं।
  4. त्रिकोण तरंग सीधी रेखा में ऊपर-नीचे जाती है। आरी तरंग धीरे चढ़ती है और झट से गिरती है।
  5. अब साइन तरंगें एक-एक करके जोड़ो। जोड़ धीरे-धीरे वर्ग तरंग बन जाता है। यानी हर तरंग साइन तरंगों की टोली है।
  6. कैपेसिटर पर स्विच बंद करो तो वोल्टेज झट से नहीं चढ़ता, धीरे चढ़ता है। τ स्लाइडर चलाओ और हर तरंग खुद आज़माओ।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

नीले और नारंगी रंग का क्या मतलब है?

नीला मतलब वोल्टेज एक ओर धक्का देता है (धनात्मक)। नारंगी मतलब उल्टी ओर (ऋणात्मक)।

वर्ग तरंग में ढलान क्यों नहीं होती?

वह लाइट के स्विच की तरह दो स्तरों के बीच एकदम बदलती है।

क्या त्रिकोण तरंग और साइन तरंग एक ही हैं?

नहीं। त्रिकोण की भुजाएँ सीधी और चोटी नुकीली है; साइन पूरी तरह गोल है।

चिकनी साइन से वर्ग तरंग कैसे बन सकती है?

तीसरी, पाँचवीं, सातवीं ... साइन छोटी मात्रा में जोड़ो। हर एक गोल चोटी को और चपटा करती है। 3D का स्लाइडर चलाकर देखो।

कैपेसिटर झट से चार्ज क्यों नहीं होता?

आवेश को प्रतिरोध से होकर अंदर जाना पड़ता है, और प्रतिरोध धारा रोकता है। कैपेसिटर भरने के साथ धक्का कमज़ोर होता है, इसलिए गति धीमी होती जाती है।

चढ़ने की गति किससे बदलती है?

बड़ा R या बड़ा C होने पर τ बड़ा होता है और चढ़ाव धीमा। τ स्लाइडर खींचकर देखो।

तरंगरूप क्या है?

तरंगरूप (waveform) एक ग्राफ़ है। नीचे समय होता है। बगल में वोल्टेज (या धारा)। रेखा बीच से ऊपर हो तो धक्का एक दिशा में है। नीचे हो तो धक्का उल्टा है।

एक पूरे पैटर्न का समय आवर्तकाल (T) है। एक सेकंड में कितने पैटर्न आते हैं, वह आवृत्ति (f) है। दोनों जुड़े हैं: f = 1 / T। भारत की बिजली 50 Hz है, तो T = 0.02 s।

सबसे ऊँचा बिंदु शिखर मान (Vm) है। RMS मान उस स्थिर DC वोल्टेज के बराबर है जो बल्ब को उतना ही गरम करे। साइन तरंग के लिए Vrms = Vm / √2 (लगभग 0.707 Vm)।

साइन, वर्ग, त्रिकोण और आरी तरंग

साइन तरंग: चिकनी। घूमती जनरेटर कुंडली यही बनाती है, इसलिए घर की बिजली साइन तरंग है। इसे ज्यावक्रीय (sinusoidal) कहते हैं।

जो तरंग साइन नहीं है वह अ-ज्यावक्रीय (non-sinusoidal) है। आम तरंगें:

साइन तरंग "साफ़" है। बाकी में तेज़ अतिरिक्त लहरें होती हैं, जो मोटर गरम कर सकती हैं और रेडियो में शोर कर सकती हैं।

अ-ज्यावक्रीय तरंग साइन तरंगों का योग है

फ़्रांसीसी वैज्ञानिक फ़ूरिए ने दिखाया कि हर दोहराने वाली तरंग साइन तरंगों का योग है। पहली साइन मूल तरंग (fundamental) है। बाकी हार्मोनिक हैं, जिनकी आवृत्ति 2, 3, 4 ... गुना होती है।

वर्ग तरंग के लिए सिर्फ़ विषम हार्मोनिक चाहिए: मूल + तीसरे का 1/3 + पाँचवें का 1/5 + ...। जितने जोड़ो, कोने उतने तीखे होते हैं। त्रिकोण तरंग भी विषम हार्मोनिक से बनती है, पर वे बहुत जल्दी छोटे हो जाते हैं, इसलिए वह चिकनी रहती है।

असल ज़िंदगी में हार्मोनिक मायने रखते हैं: इन्वर्टर, चार्जर या डिमर हार्मोनिक धारा वापस वायरिंग में भेजते हैं।

क्षणिक अवस्था: स्विच के ठीक बाद क्या होता है

प्रतिरोध R और कैपेसिटर C को श्रेणी में जोड़कर स्विच बंद करो। कैपेसिटर का वोल्टेज झट से नहीं चढ़ता। वह वक्र में चढ़कर टिक जाता है। यह छोटा समय क्षणिक अवस्था (transient) है। उसके बाद स्थायी अवस्था (steady state) आती है।

गति समय नियतांक τ = R × C तय करता है (R ओम में, C फ़ैरड में, τ सेकंड में)।

चार्ज होते समय: v = V (1 − e−t/τ)। डिस्चार्ज में: v = V e−t/τ। R-L परिपथ में τ = L / R होता है।

खुद करके देखो: तरंग बनाओ

3D में जोड़ो दबाओ। "साइन तरंगें" स्लाइडर को 1 से 9 तक चलाओ। पहले सोचो: ऊपर का हिस्सा चपटा होगा या गोल? फिर जाँचो। अब स्विच-ऑन दबाओ। τ को 3 करो। सोचो: वक्र तेज़ चढ़ेगा या धीमा? जाँचो कि हरी पट्टी वक्र को कहाँ छूती है: हमेशा 63% पर।

घर पर: किट में छोटा LED, बड़ा कैपेसिटर और प्रतिरोध लगाओ। R या C बड़ा करने पर LED धीरे-धीरे बुझता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक सप्लाई की आवृत्ति 50 Hz है। उसका आवर्तकाल निकालो।

T = 1 / f = 1 / 50 = 0.02 s = 20 ms।

2. साइन तरंग का शिखर मान 325 V है। RMS मान निकालो।

V_rms = 325 / √2 = 325 / 1.414 ≈ 230 V।

3. R = 10 kΩ और C = 100 µF है। τ निकालो।

τ = R C = 10 000 × 0.0001 = 1 s।

4. 10 V का स्रोत उदाहरण 3 के कैपेसिटर को चार्ज करता है। 1 s बाद और 5 s बाद वोल्टेज क्या होगा?

1 τ बाद: 0.632 × 10 = 6.32 V। 5 τ बाद: लगभग 0.993 × 10 = 9.93 V, यानी लगभग पूरा।

5. एक वर्ग तरंग +12 V और −12 V के बीच झूलती है। उसका RMS मान क्या है?

वर्ग तरंग में V_rms = V_m = 12 V, क्योंकि वोल्टेज का परिमाण हमेशा 12 V है।

6. एक तरंग हर 4 ms में दोहराती है। उसकी आवृत्ति क्या है?

f = 1 / T = 1 / 0.004 = 250 Hz।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. किस तरंग में तीखे कोने और सपाट ऊपरी हिस्से होते हैं?
2. घर की AC किसके सबसे पास है?
3. RC परिपथ का समय नियतांक है:
4. एक समय नियतांक बाद कैपेसिटर लगभग कितना चार्ज होता है?
5. वर्ग तरंग किससे बनती है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अ-ज्यावक्रीय तरंग क्या है?

ऐसी दोहराने वाली तरंग जो शुद्ध साइन नहीं है, जैसे वर्ग, त्रिकोण या आरी तरंग। गणित में यह मूल साइन और हार्मोनिक का योग है।

विद्युत परिपथ में क्षणिक अवस्था क्या है?

स्विच बंद या खुला करने के ठीक बाद का छोटा समय, जब वोल्टेज और धारा अपने स्थिर मान तक पहुँच रहे होते हैं।

पाँच समय नियतांक पर "पूरा चार्ज" क्यों मानते हैं?

5 τ बाद कैपेसिटर सप्लाई वोल्टेज का लगभग 99.3% पा लेता है, जो व्यवहार में पूरा ही है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Electric Circuits

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