एक गति, दो भाग
तारे स्थिर नहीं हैं। हर तारा चलता है। उसकी असली गति को अंतरिक्ष वेग (v) कहते हैं। पृथ्वी से हम उसे पूरा नहीं देख सकते। हमें उसके केवल दो भाग दिखते हैं:
- अरीय वेग (vr): हमारी देखने की रेखा के साथ, हमारी ओर या हमसे दूर।
- स्पर्श-रेखीय वेग (vt): आसमान में आड़ा, देखने की रेखा से समकोण पर।
दोनों भाग समकोण पर हैं, इसलिए समकोण त्रिभुज की भुजाओं की तरह जुड़ते हैं:
v² = vr² + vt²
डॉप्लर विस्थापन से अरीय वेग
जो तारा दूर जाता है, वह अपनी प्रकाश तरंगों को खींच देता है: रंग लाल सिरे की ओर खिसकते हैं। जो तारा पास आता है, वह तरंगों को दबा देता है: रंग नीले सिरे की ओर खिसकते हैं। खगोलविद तारे के स्पेक्ट्रम की काली रेखाएँ देखते हैं। यदि कोई रेखा अपनी सामान्य तरंगदैर्ध्य λ से Δλ खिसक गई है, तो
vr = c × Δλ / λ (c = 3 × 10⁵ km/s)
लाल विस्थापन यानी vr धनात्मक (दूर जा रहा)। नील विस्थापन यानी vr ऋणात्मक (पास आ रहा)।
निज गति से स्पर्श-रेखीय वेग
कई सालों में पास का तारा दूर के तारों के सामने धीरे-धीरे खिसकता है। हर साल का यह खिसकना निज गति (μ) कहलाता है, जो आर्कसेकंड प्रति वर्ष में होती है। यह बहुत छोटी है: सबसे तेज़ तारा भी साल में लगभग 10″ ही खिसकता है।
एक जैसा कोण दूर के तारे के लिए ज़्यादा km होता है। इसलिए दूरी चाहिए (देखिए: तारों की दूरी):
vt = 4.74 × μ × d (μ ″/वर्ष में, d पारसेक में, vt km/s में)
अब दोनों को जोड़िए: v = √(vr² + vt²)।
करके देखिए: गति को बाँटना
- 3D में कोण θ = 0° रखिए। पूरी गति अरीय है। हरा भाग शून्य है।
- θ = 90° कीजिए। अब पूरी गति स्पर्श-रेखीय है और तारे का रंग पीला ही रहता है।
- पहले अंदाज़ा लगाइए: θ = 45° पर क्या vr और vt बराबर हैं? फिर संख्याएँ जाँचिए।
घर पर: डोरी से खिलौना गाड़ी पकड़े दोस्त के पास से गुज़रिए। देखिए कि गाड़ी सीधी आपकी ओर चले या आपके आर-पार, तो क्या बदलता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- v² = vr² + vt²
- vt = 4.74 × μ × d (μ ″/वर्ष में, d पारसेक में, vt km/s में)
- vr = c × Δλ / λ, c = 3 × 10⁵ km/s
- लाल विस्थापन: vr > 0 (दूर जा रहा); नील विस्थापन: vr < 0 (पास आ रहा)
हल किए गए उदाहरण
1. एक तारे के लिए vr = 30 km/s और vt = 40 km/s है। उसका अंतरिक्ष वेग निकालिए।
v = √(30² + 40²) = √(900 + 1600) = √2500 = 50 km/s।
2. 10 pc दूर एक तारे की निज गति 0.2″ प्रति वर्ष है। vt निकालिए।
vt = 4.74 × 0.2 × 10 = 9.48 km/s।
3. एक वर्णक्रम रेखा लाल की ओर Δλ / λ = 0.0001 खिसकी है। vr निकालिए और बताइए तारा क्या कर रहा है।
vr = 3 × 10⁵ × 0.0001 = 30 km/s। लाल विस्थापन यानी वह दूर जा रहा है।
4. 2 pc दूर एक तारा आसमान में हर साल 10″ खिसकता है। vt निकालिए।
vt = 4.74 × 10 × 2 = 94.8 km/s।
5. एक तारे के लिए vr = −60 km/s और vt = 80 km/s है। v कितना है और वह पास आ रहा है या दूर जा रहा है?
v = √(60² + 80²) = 100 km/s। vr में ऋण चिह्न का अर्थ है कि वह पास आ रहा है (नील विस्थापन)।
आम गलतियाँ
- vr और vt को सीधे जोड़ देना। वे समकोण पर हैं, इसलिए v² = vr² + vt² लगाइए।
- यह सोचना कि आसमान में आड़ा चलने वाले तारे में डॉप्लर विस्थापन होगा। उसका अरीय वेग शून्य है, तो उस गति से कोई विस्थापन नहीं होता।
- निज गति को अंश में या आर्कसेकंड प्रति शताब्दी में लगा देना। सूत्र में ″ प्रति वर्ष चाहिए।
- चिह्न उलझाना: लाल विस्थापन यानी दूर जाना (धनात्मक), नील विस्थापन यानी पास आना (ऋणात्मक)।