द्वि-तारा क्या है?
कई तारे अकेले नहीं होते। द्वि-तारा गुरुत्वाकर्षण से बँधे दो तारे हैं जो एक-दूसरे के चारों ओर घूमते हैं। सूर्य ही अनोखा है: उसका कोई साथी नहीं। द्वि-तारे आम हैं, इसलिए तारों को समझने में बहुत काम आते हैं।
कुछ द्वि-तारे दूरबीन में दो अलग बिंदुओं की तरह दिखते हैं (दृश्य द्वि-तारे)। कुछ इतने पास हैं कि अलग नहीं दिखते, पर रोशनी के बदलने से उनकी गति पता चलती है (वर्णक्रमीय द्वि-तारे)।
संतुलन बिंदु (द्रव्यमान-केंद्र)
हर तारा दूसरे को खींचता है। इसलिए दोनों तारे अपने बीच के एक बिंदु के चारों ओर घूमते हैं, जिसे द्रव्यमान-केंद्र कहते हैं। यह बिंदु दोनों तारों को जोड़ने वाली रेखा पर होता है।
यदि दूरी a है और तारों के द्रव्यमान m1 और m2 हैं, तो संतुलन बिंदु से उनकी दूरियाँ r1 और r2 हैं, जहाँ
r1 / r2 = m2 / m1 और r1 + r2 = a।
भारी तारा संतुलन बिंदु के पास रहता है और छोटी कक्षा में घूमता है। दोनों कक्षाओं के आकार नापने से द्रव्यमानों का अनुपात मिलता है।
तारों को तौलना: केप्लर का तीसरा नियम
एक पूरे चक्कर का समय आवर्तकाल (P) है। दो तारों के लिए केप्लर का तीसरा नियम कहता है:
m1 + m2 = a³ / P²
इकाइयाँ ये रखिए: a AU में (1 AU = पृथ्वी से सूर्य की दूरी), P वर्ष में, द्रव्यमान सूर्य में। पृथ्वी और सूर्य से जाँचिए: a = 1, P = 1, तो कुल द्रव्यमान = 1 सूर्य। सही निकला।
तो a और P नापिए, कुल द्रव्यमान निकालिए, फिर r1 / r2 के अनुपात से उसे बाँट दीजिए। ज़्यादातर तारों के द्रव्यमान ऐसे ही पता चले हैं।
करके देखिए: घूमती जोड़ी
- एक छड़ी के दोनों सिरों पर दो अलग गेंदें बाँधिए और उँगली पर संतुलित कीजिए। संतुलन बिंदु भारी गेंद के पास होगा।
- छड़ी को धीरे से घुमाइए। हल्की गेंद ज़्यादा दूर तक जाती है।
- 3D में A = 3 और B = 0.5 रखिए। पहले अंदाज़ा लगाइए: बड़ा घेरा किस तारे का है? फिर जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- m1 + m2 = a³ / P² (a AU में, P वर्ष में, m सूर्य में)
- r1 / r2 = m2 / m1, r1 + r2 = a
- P = √(a³ / (m1 + m2))
हल किए गए उदाहरण
1. दो तारे 4 AU दूर हैं और एक चक्कर में 2 वर्ष लेते हैं। कुल द्रव्यमान निकालिए।
m1 + m2 = a³ / P² = 4³ / 2² = 64 / 4 = 16 सूर्य।
2. पृथ्वी और सूर्य से सूत्र जाँचिए (a = 1 AU, P = 1 वर्ष)।
a³ / P² = 1 / 1 = 1 सूर्य। सही।
3. 3 और 1 सूर्य द्रव्यमान के तारे 4 AU दूर हैं। हर एक संतुलन बिंदु से कितनी दूर है?
r1 (3 सूर्य वाला) = a × m2 / (m1 + m2) = 4 × 1 / 4 = 1 AU। r2 (1 सूर्य वाला) = 3 AU।
4. कुल 8 सूर्य द्रव्यमान के दो तारे 2 AU दूर हैं। आवर्तकाल निकालिए।
P² = a³ / M = 8 / 8 = 1, इसलिए P = 1 वर्ष।
5. तारा A संतुलन बिंदु से 2 AU और तारा B 6 AU दूर है। आवर्तकाल 4 वर्ष है। दोनों द्रव्यमान निकालिए।
a = 8 AU। कुल द्रव्यमान = 8³ / 4² = 512 / 16 = 32 सूर्य। अनुपात mA : mB = r2 : r1 = 6 : 2 = 3 : 1, इसलिए mA = 24 सूर्य और mB = 8 सूर्य।
आम गलतियाँ
- दूरी a को एक तारे के केंद्र से नापना। a दोनों तारों के बीच की दूरी है, और r1 + r2 = a।
- भारी तारे को बड़े घेरे में रखना। भारी तारे का घेरा छोटा होता है।
- a³ / P² में km और दिन लगाना। सरल रूप में AU, वर्ष और सूर्य चाहिए।
- यह सोचना कि सूत्र एक तारे का द्रव्यमान देता है। यह कुल द्रव्यमान देता है; कक्षाओं का अनुपात उसे बाँटता है।