तारों के लिए पैमाना क्यों चाहिए
तारे बहुत-बहुत दूर हैं। सूर्य के बाद सबसे पास का तारा भी लगभग 4 प्रकाश-वर्ष दूर है। प्रकाश-वर्ष वह दूरी है जो प्रकाश एक साल में तय करता है, लगभग 95 खरब km। हम फ़ीता या रडार इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसलिए खगोलविद तारे की अपनी रोशनी और पृथ्वी की गति का सहारा लेते हैं।
एक बड़ी इकाई है पारसेक (pc)। 1 pc = 3.26 प्रकाश-वर्ष। यह लंबन विधि के लिए ही बनी है।
विधि 1: लंबन (पास के तारे)
जनवरी में तारे की फ़ोटो लीजिए। जुलाई में फिर लीजिए। पृथ्वी अपनी कक्षा के दूसरी ओर पहुँच चुकी है। पास का तारा दूर के स्थिर तारों के सामने थोड़ा खिसकता दिखता है। कुल खिसकाव का आधा लंबन कोण p है।
कोण बहुत छोटा है, इसलिए उसे आर्कसेकंड (″) में नापते हैं। 1 अंश = 3600 आर्कसेकंड।
d (पारसेक में) = 1 / p (आर्कसेकंड में)
- p = 0.5″ → d = 2 pc
- p = 0.1″ → d = 10 pc
p छोटा तो दूरी बड़ी। अंतरिक्ष की दूरबीनें p को लगभग 0.00001″ तक नाप लेती हैं, इसलिए हज़ारों पारसेक दूर के तारे भी नपते हैं। ज़मीन से यह केवल कुछ सौ पारसेक तक चलता है।
विधि 2: चमक (आभासी और निरपेक्ष परिमाण)
रोशनी फैलती है। दोगुनी दूरी पर वही रोशनी 4 गुना क्षेत्र में फैलती है, इसलिए तारा 4 गुना धुँधला दिखता है। यह व्युत्क्रम वर्ग नियम है: चमक ∝ 1 / d²।
खगोलविद परिमाण (magnitude) इस्तेमाल करते हैं। छोटी संख्या यानी ज़्यादा चमकीला तारा। आभासी परिमाण (m) बताता है कि पृथ्वी से तारा कितना चमकता दिखता है। निरपेक्ष परिमाण (M) बताता है कि वह 10 pc की मानक दूरी पर कितना चमकता दिखेगा। M तारे की असली शक्ति दिखाता है।
इन दोनों का अंतर दूरी बताता है:
m − M = 5 log10(d / 10) (d पारसेक में)। यही दूरी मापांक है।
- m − M = 0 → d = 10 pc
- m − M = 5 → d = 100 pc
M पता होना चाहिए। वह तारे के प्रकार से मिलता है, जैसे किसी जाने-पहचाने प्रकार के तारे की शक्ति पता होती है।
करके देखिए: घर पर लंबन
- हाथ फैलाकर अँगूठा ऊपर कीजिए। बायीं आँख बंद करके किसी दूर के पेड़ या इमारत को देखिए। अब दायीं आँख बंद कीजिए। अँगूठा उछलता है।
- अँगूठे को आधा नाक की ओर ले आइए और दोहराइए। उछाल बड़ा होगा।
- पहले अंदाज़ा लगाइए, फिर जाँचिए: पास की पेंसिल का उछाल बड़ा होगा या दूर की?
फिर ऊपर के 3D में तारे को पास लाइए और p को बढ़ते देखिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- d (pc) = 1 / p (आर्कसेकंड)
- 1 pc = 3.26 प्रकाश-वर्ष ≈ 3.09 × 10¹³ km
- चमक ∝ 1 / d²
- m − M = 5 log10(d / 10) (d पारसेक में)
हल किए गए उदाहरण
1. एक तारे का लंबन p = 0.25″ है। उसकी दूरी पारसेक और प्रकाश-वर्ष में निकालिए।
d = 1 / p = 1 / 0.25 = 4 pc। प्रकाश-वर्ष में: 4 × 3.26 = 13.0 प्रकाश-वर्ष।
2. एक तारा 50 pc दूर है। उसका लंबन कितना होगा?
p = 1 / d = 1 / 50 = 0.02″।
3. एक तारे के लिए m = 7 और M = 2 है। वह कितनी दूर है?
m − M = 5। तो 5 = 5 log10(d / 10), log10(d / 10) = 1, d / 10 = 10, d = 100 pc।
4. एक तारा पहले से 3 गुना दूर चला गया। वह कितने गुना धुँधला दिखेगा?
चमक ∝ 1 / d², इसलिए 3² = 9 गुना धुँधला।
5. M = 0 वाला तारा 1000 pc दूर है। उसका आभासी परिमाण m क्या होगा?
m − M = 5 log10(1000 / 10) = 5 log10(100) = 5 × 2 = 10। यानी m = 10 (खुली आँख से बहुत धुँधला)।
आम गलतियाँ
- पूरे खिसकाव को p मान लेना। लंबन कोण जनवरी-जुलाई वाले खिसकाव का आधा होता है।
- बड़ा परिमाण यानी ज़्यादा चमकीला तारा समझ लेना। उल्टा है: छोटा परिमाण ज़्यादा चमकीला।
- इकाइयाँ मिला देना: d = 1 / p तभी चलता है जब d पारसेक में और p आर्कसेकंड में हो।
- यह भूल जाना कि दिखने वाली चमक शक्ति और दूरी दोनों पर निर्भर है। दूर का तारा बहुत शक्तिशाली होकर भी धुँधला दिख सकता है।