स्वातंत्र्य कोटि क्या है?
स्वातंत्र्य कोटि वह एक स्वतंत्र तरीका है जिससे अणु चल सकता है (और ऊर्जा रख सकता है)। तीन तरह की कोटियाँ गिनते हैं:
- स्थानांतरी: पूरा अणु x, y या z में खिसके। हर अणु की 3।
- घूर्णी: किसी अक्ष के परितः घूमना।
- कंपनिक: परमाणुओं का स्प्रिंग की तरह पास-दूर होना।
स्वातंत्र्य कोटियाँ गिनना
एकपरमाणुक गैस (He, Ne, Ar)
सिर्फ़ 3 स्थानांतरी। f = 3। (बिंदु जैसे परमाणु के घूमने में लगभग कोई ऊर्जा नहीं।)
सामान्य ताप पर द्विपरमाणुक गैस (O₂, N₂, H₂)
3 स्थानांतरी + 2 घूर्णी (बंध के लंबवत दो अक्षों पर)। बंध वाले अक्ष पर जड़त्व आघूर्ण लगभग शून्य, इसलिए वह नहीं गिना जाता। f = 5।
ऊँचे ताप पर द्विपरमाणुक गैस
बंध कंपन करता है। एक कंपन विधा के 2 पद (गतिज + स्थितिज)। f = 7।
अरेखीय बहुपरमाणुक (NH₃, CH₄, H₂O)
3 स्थानांतरी + 3 घूर्णी। बिना कंपन f = 6। रेखीय बहुपरमाणुक (CO₂) का बिना कंपन f = 5।
ऊर्जा के समविभाजन का नियम
ताप T पर ऊष्मीय संतुलन में अणु की कुल ऊर्जा उसकी सभी स्वातंत्र्य कोटियों में बराबर बँटती है, और हर कोटि को औसतन ½kBT मिलता है।
- एकपरमाणुक अणु: 3 × ½kT = (3/2)kT (अणुगति सिद्धांत से मेल)।
- द्विपरमाणुक (दृढ़): 5 × ½kT = (5/2)kT।
- हर कंपन विधा: ½kT (गतिज) + ½kT (स्थितिज) = kT।
एक मोल की ऊर्जा: U = (f/2) RT।
गैसों की विशिष्ट ऊष्माएँ
स्थिर आयतन पर मोलर विशिष्ट ऊष्मा: Cv = dU/dT = (f/2) R। मेयर संबंध: Cp = Cv + R। अनुपात: γ = Cp/Cv = 1 + 2/f।
| गैस | f | Cv | Cp | γ |
|---|---|---|---|---|
| एकपरमाणुक | 3 | 3R/2 | 5R/2 | 5/3 ≈ 1.67 |
| द्विपरमाणुक (दृढ़) | 5 | 5R/2 | 7R/2 | 7/5 = 1.40 |
| द्विपरमाणुक (कंपन सहित) | 7 | 7R/2 | 9R/2 | 9/7 ≈ 1.29 |
| अरेखीय बहुपरमाणुक (दृढ़) | 6 | 3R | 4R | 4/3 ≈ 1.33 |
मिश्रण के लिए: Cv(मिश्रण) = (n₁Cv₁ + n₂Cv₂)/(n₁ + n₂)।
ठोसों और पानी की विशिष्ट ऊष्मा
ठोस में हर परमाणु अपनी जगह पर 3 दिशाओं में कंपन करता है। हर दिशा में kT (गतिज + स्थितिज), इसलिए एक मोल की U = 3RT और C = 3R ≈ 25 J mol⁻¹ K⁻¹ (ड्यूलॉन्ग–पेटिट नियम)। कमरे के ताप पर बहुत सी धातुओं के लिए ठीक बैठता है।
पानी: हर अणु को 3 परमाणु मानो तो C ≈ 9R ≈ 75 J mol⁻¹ K⁻¹, जो मापे गए 75.3 के क़रीब है।
बहुत कम ताप पर मापे गए मान इनसे कम आते हैं, क्योंकि कुछ गतियाँ "जम" जाती हैं। इसे क्वांटम भौतिकी समझाती है।
करके देखो: 3D में और घर पर
- 3D में: हर अणु चुनने से पहले f और γ का अंदाज़ा लिखो। फिर चुनकर जाँचो। f बढ़ने पर γ क्यों घटता है?
- घर पर: एक पेंसिल को बीच से पकड़ो। गिनो वह कितने तरीकों से चल सकती है: 3 दिशाओं में खिसकना, दो तरह से सिरा-पलट घूमना। अपनी लंबाई पर मरोड़ने से लगभग कुछ नहीं हिलता। यही f = 5 है, O₂ जैसा।
बोर्ड परीक्षा के लिए ज़रूरी
- समविभाजन का नियम एक पंक्ति में लिखो और एकपरमाणुक, द्विपरमाणुक गैसों के Cv, Cp, γ निकालो।
- द्विपरमाणुक का f = 5 क्यों है, 6 क्यों नहीं, यह जानो।
- ठोसों की विशिष्ट ऊष्मा = 3R की व्युत्पत्ति लघु उत्तरीय प्रश्न में आती है।
- γ = 1 + 2/f से उत्तर जल्दी जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रति स्वातंत्र्य कोटि ऊर्जा = ½ k_B T
- प्रति अणु ऊर्जा = (f/2) k_B T
- U (1 मोल) = (f/2) RT
- Cv = (f/2) R
- Cp = Cv + R
- γ = Cp/Cv = 1 + 2/f
- f: एकपरमाणुक 3, द्विपरमाणुक 5 (कंपन सहित 7), अरेखीय बहुपरमाणुक 6
- ठोस: C = 3R
- मिश्रण: Cv = (n₁Cv₁ + n₂Cv₂)/(n₁ + n₂)
हल किए गए उदाहरण
1. एकपरमाणुक गैस के Cv, Cp और γ निकालो।
चरण 1: f = 3। चरण 2: Cv = (3/2)R = 12.5 J/mol K। चरण 3: Cp = Cv + R = (5/2)R = 20.8 J/mol K। चरण 4: γ = 5/3। उत्तर: Cv = 1.5R, Cp = 2.5R, γ ≈ 1.67।
2. 300 K पर एक नाइट्रोजन अणु (दृढ़ द्विपरमाणुक) की औसत ऊर्जा? (k = 1.38 × 10⁻²³ J/K)
चरण 1: f = 5। चरण 2: E = (5/2)kT = 2.5 × 1.38 × 10⁻²³ × 300। उत्तर: E ≈ 1.04 × 10⁻²⁰ J।
3. 27 °C पर 2 mol ऑक्सीजन (दृढ़ द्विपरमाणुक) की आंतरिक ऊर्जा? (R = 8.31)
चरण 1: T = 300 K, f = 5। चरण 2: U = (f/2) n R T = 2.5 × 2 × 8.31 × 300। उत्तर: U ≈ 1.25 × 10⁴ J।
4. किसी गैस का γ = 1.4 है। स्वातंत्र्य कोटि निकालो और बताओ यह कैसी गैस हो सकती है।
चरण 1: γ = 1 + 2/f, तो 2/f = 0.4। चरण 2: f = 5। उत्तर: f = 5, दृढ़ द्विपरमाणुक गैस जैसे O₂ या N₂।
5. स्थिर आयतन पर 3 mol हीलियम का ताप 10 K बढ़ाने में कितनी ऊष्मा? (R = 8.31)
चरण 1: Cv = (3/2)R = 12.47 J/mol K। चरण 2: Q = n Cv ΔT = 3 × 12.47 × 10। उत्तर: Q ≈ 374 J।
6. अरेखीय बहुपरमाणुक गैस का Cv, जब एक कंपन विधा सक्रिय हो।
चरण 1: f = 3 + 3 + 2 = 8। चरण 2: Cv = (8/2) R = 4R। उत्तर: Cv = 4R ≈ 33.2 J/mol K, Cp = 5R, γ = 1.25।
7. मिश्रण में 1 mol हीलियम और 1 mol ऑक्सीजन (दृढ़) है। मिश्रण का γ?
चरण 1: Cv = (1.5R + 2.5R)/2 = 2R। चरण 2: Cp = Cv + R = 3R। चरण 3: γ = 3R/2R। उत्तर: γ = 1.5।
8. समविभाजन से ताँबे की मोलर विशिष्ट ऊष्मा और प्रति kg विशिष्ट ऊष्मा का अनुमान लगाओ। (M = 63.5 g/mol)
चरण 1: ठोस, C = 3R = 24.9 J/mol K। चरण 2: प्रति kg, c = 24.9 / 0.0635। उत्तर: c ≈ 392 J/kg K (मापा गया ≈ 385)।
आम गलतियाँ
- द्विपरमाणुक अणु की 3 घूर्णी कोटियाँ गिन लेना। बंध वाले अक्ष का घूमना नहीं गिनते, इसलिए f = 5।
- कंपन को सिर्फ़ ½kT देना। कंपन में गतिज और स्थितिज दोनों हैं, इसलिए kT (2 गिनो)।
- γ = Cv/Cp लिख देना। यह Cp/Cv है, हमेशा 1 से बड़ा।
- मिश्रण में γ सीधे जोड़ देना। पहले ऊष्मा धारिताएँ जोड़ो, फिर γ निकालो।