पसंद-सूची (रैंक्ड बैलट) और सबसे ज़्यादा वोट
रैंक्ड बैलट में एक वोटर उम्मीदवारों को सबसे अच्छे से सबसे कम अच्छे के क्रम में लिखता है। यह सिर्फ़ "एक नाम" से कहीं ज़्यादा बताता है। 3 उम्मीदवारों की 6 अलग सूचियाँ बन सकती हैं।
प्लूरैलिटी (सबसे ज़्यादा वोट) में सिर्फ़ पहली पसंद गिनी जाती है। जिसकी पहली पसंद सबसे ज़्यादा हो, वह जीतता है। बहुत से चुनाव ऐसे ही होते हैं। बहुमत का मतलब है कुल वोटों के आधे से ज़्यादा। हमारी कहानी में क को 4 वोट मिले, यह प्लूरैलिटी है, बहुमत नहीं, और 9 में से 5 वोटरों ने क को सबसे आख़िर में रखा।
रनऑफ़ (रैंक्ड-चॉइस) वोटिंग
रनऑफ़ इस दिक़्क़त को कुछ कम करता है। पहला कदम: पहली पसंद गिनिए। दूसरा: अगर किसी के आधे से ज़्यादा वोट नहीं हैं, तो सबसे कम वोट वाले को हटाइए। तीसरा: हटाए गए के हर बैलट को उस सूची के अगले नाम पर भेजिए। चौथा: फिर गिनिए। जब तक किसी को बहुमत न मिले, यही दोहराइए।
कहानी में ख हटा और उसके 2 बैलट ग को गए। ग को 3 + 2 = 5 मिले और वह जीता। विजेता क से ग हो गया। वोट वही रहे, सिर्फ़ नियम बदला।
बोर्डा गिनती और कॉन्डोर्से विजेता
बोर्डा गिनती में हर स्थान के अंक मिलते हैं। n उम्मीदवारों में पहले को n − 1 अंक, अगले को n − 2, और आख़िरी को 0। सब वोटरों के अंक जोड़िए। यह उसे इनाम देती है जिसे बहुत लोग पसंद करते हैं, भले वह पहले नंबर पर न हो। कहानी में ख के अंक: 4×1 + 3×1 + 2×2 = 11।
कॉन्डोर्से विजेता वह है जो हर दूसरे उम्मीदवार को आमने-सामने के मुक़ाबले में हराए। ख, क को 5 बनाम 4 से और ग को 6 बनाम 3 से हराता है, इसलिए ख कॉन्डोर्से विजेता है। कभी-कभी कोई ऐसा नहीं होता। अगर तीन समूह क को ख से, ख को ग से और ग को क से बेहतर मानें, तो पसंद गोल घूम जाती है (चक्र)।
क्या कोई तरीका सही है? केनेथ ऐरो ने 1951 में सिद्ध किया कि तीन या ज़्यादा उम्मीदवारों में कोई भी रैंकिंग-तरीका निष्पक्षता के सारे नियम एक साथ पूरे नहीं कर सकता। वोटर रणनीतिक वोट भी दे सकते हैं (ईमानदारी से नहीं), ताकि अपना पसंदीदा जीते। मक़सद के हिसाब से तरीका चुनिए, और वोट से पहले नियम सबको बता दीजिए।
खुद करके देखिए: अपना चुनाव कराइए
घर पर: 9 लोगों से कागज़ पर 3 नाश्तों को पसंद के क्रम में लिखवाइए। प्लूरैलिटी, रनऑफ़ और बोर्डा से गिनिए। क्या विजेता एक ही आया? फिर 3D लैब में पहले अनुमान लगाइए कि कौन जीतेगा, तरीका दबाइए और जाँचिए। तीनों तरीकों को एक ही विजेता पर लाने की कोशिश कीजिए, फिर उन्हें अलग-अलग करने की।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- बहुमत = कुल वोटों के आधे से ज़्यादा (n ÷ 2 से ज़्यादा)
- प्लूरैलिटी: सबसे ज़्यादा पहली पसंद वाला जीतता है
- रनऑफ़: सबसे कम वाले को हटाओ, उसके बैलट अगली पसंद को भेजो, फिर गिनो
- n उम्मीदवारों में बोर्डा अंक: n−1, n−2, …, 1, 0
- कुल बोर्डा अंक = वोटर × (0 + 1 + … + (n−1))
- कॉन्डोर्से विजेता: हर दूसरे उम्मीदवार को आमने-सामने हराए
हल किए गए उदाहरण
1. 5 वोटर: 3 की पहली पसंद X, 2 की Y। प्लूरैलिटी से कौन जीता? क्या यह बहुमत है?
X को 3 पहली पसंद, Y को 2। X जीता। 5 का आधा 2.5 है और 3, 2.5 से ज़्यादा है, इसलिए यह बहुमत भी है।
2. 4 वोटर की सूची क, ख, ग; 3 की ग, ख, क; 2 की ख, ग, क। क और ग के बोर्डा अंक निकालिए।
क: 4 वोटरों में पहला (4×2 = 8), बाक़ी में आख़िरी (0)। क = 8। ग: 4 में आख़िरी (0), 3 में पहला (3×2 = 6), 2 में दूसरा (2×1 = 2)। ग = 8।
3. 100 वोटर। पहली पसंद: P को 42, Q को 33, R को 25। R के 25 वोटरों में से 20 की अगली पसंद Q और 5 की P है। रनऑफ़ में कौन जीता?
किसी के 50 से ज़्यादा नहीं हैं। R बाहर। Q को 33 + 20 = 53। P को 42 + 5 = 47। Q 53 वोट से जीता।
4. कहानी के 9 वोटरों में कॉन्डोर्से विजेता खोजिए।
क बनाम ख: 4 क को चाहते हैं, 5 ख को, इसलिए ख जीता। ख बनाम ग: 4 + 2 = 6 वोटर ख को ग से ऊपर रखते हैं, 3 ग को। ख जीता। ख दोनों को हराता है, इसलिए ख कॉन्डोर्से विजेता है।
5. 3-3 वोटरों के तीन समूह: क>ख>ग, ख>ग>क, ग>क>ख। क्या कोई कॉन्डोर्से विजेता है?
क, ख को 6 बनाम 3 से हराता है। ख, ग को 6 बनाम 3 से। ग, क को 6 बनाम 3 से। यह चक्र है, इसलिए कोई सबको नहीं हराता। कॉन्डोर्से विजेता नहीं है।
आम गलतियाँ
- "सबसे ज़्यादा वोट" को "सबसे ज़्यादा लोगों की पसंद" मान लेना। कहानी में क 9 में से 4 वोट से जीता, जबकि 5 वोटरों ने उसे आख़िर में रखा।
- रनऑफ़ में हटाए गए उम्मीदवार के बैलट को अगली पसंद पर भेजना भूल जाना। वे फेंके नहीं जाते।
- बोर्डा अंक उल्टे देना। सबसे अच्छे स्थान को सबसे ज़्यादा अंक मिलते हैं और आख़िरी को 0।
- यह मान लेना कि कोई सही तरीका होता है। ऐरो की प्रमेय कहती है कि 3 या ज़्यादा उम्मीदवारों में हर तरीका कोई न कोई निष्पक्षता-नियम तोड़ता है।