गोर्यो की स्थापना
9वीं सदी के अंत तक पुराना सिल्ला राज्य कमज़ोर हो गया। स्थानीय ताकतवर लोगों ने सत्ता ले ली और लगभग 900 तक ज़मीन तीन हिस्सों में बँट गई: सिल्ला, उत्तरी बाक्जे और उत्तरी गोगुर्यो (जिसे थेबोंग भी कहते हैं)।
वांग गन उत्तर-पश्चिम के एक अमीर व्यापारी परिवार का सेनापति था। 918 में वह राजा बना और उसने अपने राज्य का नाम गोर्यो रखा, ताकि वह उत्तर के गौरवशाली गोगुर्यो से जुड़ सके। 935 में सिल्ला के आख़िरी राजा ने शांति से राज्य सौंप दिया और 936 में वांग गन ने उत्तरी बाक्जे को हराया। ज़मीन फिर एक हो गई।
उसने राज्य को कैसे संगठित किया?
- राजधानी अपने इलाके केसोंग (गेगयोंग) में बनाई।
- ताकतवर स्थानीय परिवारों को कुचलने की जगह विवाह-संबंध, उपहार और उपाधियों से अपने साथ जोड़ा।
- पुराने सिल्ला के कुलीनों के साथ अच्छा व्यवहार किया ताकि वे शासन में मदद करें।
- एकता के लिए बौद्ध धर्म का सहारा लिया और अपने वंशजों के लिए सीख (दस निर्देश) छोड़ी।
शासन और शासक वर्ग
शुरू में राजा बस ताकतवर परिवारों में पहला था। अगले 100 सालों में राजाओं ने थांग (चीन) के मॉडल पर, पर कोरियाई ढंग से, एक सही सरकार बनाई।
- राजा सबसे ऊपर था।
- केंद्रीय परिषदें राजा को सलाह देतीं और बड़े फ़ैसले करतीं। एक निगरानी दफ़्तर (सेंसरेट) अधिकारियों की आलोचना कर सकता था।
- छह विभाग कर्मचारियों, राजस्व, रीति-रिवाज़, सेना, न्याय और सार्वजनिक निर्माण जैसे काम देखते थे।
- स्थानीय अधिकारी प्रांतों में भेजे जाते थे। कुछ जगह शुरू में स्थानीय नेताओं के पास ही रहीं।
परीक्षा: 958 में राजा ग्वांगजोंग ने सिविल सेवा परीक्षा (ग्वागो) शुरू की। इसमें लिखने और प्राचीन ग्रंथों की समझ परखी जाती थी। इससे प्रतिभावान लोग भी सरकार में आ सकते थे, सिर्फ ताकतवर घराने के लोग नहीं।
असल में कौन शासन करता था? व्यवहार में ऊँचे पद कुलीन परिवारों के एक छोटे समूह के पास रहते थे। बड़े अधिकारियों के बेटे पारिवारिक विशेषाधिकार से बिना परीक्षा के पद पा सकते थे। ये परिवार आपस में और राजपरिवार में विवाह करते थे, इसलिए पीढ़ियों तक सत्ता उनके पास रही। आम किसानों और दासों की बात कम सुनी जाती थी।
विदेश संबंध: सोंग, खितान और जुर्चेन
गोर्यो बड़ी ताकतों के बीच था, इसलिए उसकी सुरक्षा समझदार कूटनीति पर टिकी थी।
- सोंग (चीन, दक्षिण): मित्र व्यापारिक साझेदार। जहाज़ किताबें, दवाएँ, रेशम और चाय गोर्यो लाते, और काग़ज़, जिनसेंग तथा सेलाडॉन सोंग ले जाते। विचारों का आदान-प्रदान होता था, पर गोर्यो ने सोंग के लिए सेना नहीं भेजी।
- खितान (लियाओ, उत्तर): घुड़सवारों का ताकतवर साम्राज्य। गोर्यो इन्हें ख़तरा मानता था। उन्होंने तीन बार हमला किया: 993, 1010 और 1018 में। 993 में कूटनीतिज्ञ सेओ ही ने बातचीत से हमला रुकवाया और नई ज़मीन भी पाई। 1010 में राजधानी जला दी गई। 1019 में सेनापति गांग गाम-चान ने हमलावरों को करारी हार दी और शांति हुई।
- जुर्चेन (उत्तर-पूर्व): जंगल और घाटियों के लोग, जो पहले गोर्यो से छोटे थे। वे बढ़ते गए, 1115 में जिन राज्य बनाया, और शांति बनाए रखने के लिए 1126 में गोर्यो ने उन्हें बड़ा साझेदार मान लिया।
तरकीब यह थी: गोर्यो घर में ऊँची उपाधि ("सम्राट") रखता था, पर विदेश में सुरक्षा के लिए ज़रूरत पड़ने पर नज़राना-जैसे रिश्ते मान लेता था।
सैनिक शासन और मंगोल युद्ध
असैनिक अधिकारी सैनिकों को छोटा समझते थे। 1170 में नाराज़ सेनापतियों ने सत्ता छीन ली, और लगभग 100 साल तक ताकतवर लोग (जैसे चोए परिवार) राज चलाते रहे जबकि राजा सिर्फ नाम का था।
1231 में मंगोलों ने हमला किया। चोए शासकों ने 1232 में दरबार कांगहवा द्वीप पर पहुँचा दिया, क्योंकि मंगोल घुड़सवार समुद्र पर कमज़ोर थे। मुख्य भूमि के किसानों को बहुत कष्ट हुआ। लगभग 30 साल की लड़ाई के बाद 1259 में गोर्यो ने शांति कर ली और 1270 में दरबार केसोंग लौट आया।
युआन के प्रभाव में गोर्यो और सुधार
मंगोलों ने बाद में अपने वंश का नाम युआन रखा। गोर्यो के अपने राजा बने रहे, पर युआन के दबाव में:
- युवराज युआन की राजधानी में रहते और युआन की राजकुमारियों से विवाह करते थे।
- राजाओं के नामों में "निष्ठा" (चुंग) शब्द जुड़ने लगा और कुछ पदों का दर्जा घटा दिया गया।
- गोर्यो को सैनिक, जहाज़ और रसद देने पड़ते थे, जैसे जापान पर हमले के प्रयासों (1274, 1281) के लिए।
- युआन दरबार के करीबी नए परिवार, जैसे की परिवार, अमीर हो गए।
सुधार। जब युआन कमज़ोर हुआ तो राजा गोंगमिन (शासन 1351–1374) ने कदम उठाया। 1356 में उसने युआन-समर्थक परिवारों को हटाया, उत्तर में खोई ज़मीन वापस ली और गोर्यो में युआन के दफ़्तर बंद किए। उसने ज़मीन किसानों को लौटाने की कोशिश की, पर ताकतवर परिवारों ने विरोध किया। उसके बाद सेनापति यी सोंग-गे ने सत्ता ली, और 1392 में गोर्यो समाप्त हुआ और जोसोन शुरू हुआ।
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घर पर करो: काग़ज़ पर 918 से 1392 तक एक रेखा खींचो। 936, 958, 1019, 1170, 1231, 1259, 1356 और 1392 पर निशान लगाओ। हर निशान के नीचे एक शब्द लिखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 918: वांग गन ने गोर्यो बनाया; 936: ज़मीन फिर एक
- 958: सिविल सेवा परीक्षा (ग्वागो) शुरू
- 993, 1010, 1018: खितान के हमले; 1019: गांग गाम-चान की जीत
- 1170: सेनापतियों ने सत्ता ली; सैनिक शासन लगभग 1270 तक
- 1231–1259: मंगोल युद्ध; 1232: दरबार कांगहवा द्वीप पर
- लगभग 1270–1356: युआन का प्रभाव; 1356: गोंगमिन के सुधार
- 1392: यी सोंग-गे ने गोर्यो समाप्त किया; जोसोन शुरू
हल किए गए उदाहरण
1. गोर्यो की स्थापना किसने की और ज़मीन कब एक हुई?
वांग गन ने 918 में स्थापना की और 936 में बँटी ज़मीन को एक किया।
2. गोर्यो कितने साल चला?
918 से 1392 तक: 1392 − 918 = 474 साल।
3. गोर्यो के राजाओं ने 958 में सिविल सेवा परीक्षा क्यों शुरू की?
वे पढ़े-लिखे और वफ़ादार अधिकारी चाहते थे जो नौकरी के लिए परिवार की ताकत की जगह राजा के आभारी हों। परीक्षा से प्रतिभावान लोगों को भी रास्ता मिला।
4. गोर्यो ने खितान से कैसे निपटा?
बातचीत और लड़ाई दोनों से। 993 में सेओ ही ने बातचीत करके हमला रुकवाया। 1010 में राजधानी जली और 1019 में सेनापति गांग गाम-चान ने बड़ी जीत पाई। इसके बाद शांति रही।
5. 1232 में दरबार कांगहवा द्वीप पर क्यों गया?
मंगोल घुड़सवार सेना ज़मीन पर ताकतवर थी पर समुद्र पर कमज़ोर। द्वीप राजधानी के पास भी था और उनके लिए पहुँचना कठिन भी।
6. गोर्यो में युआन के प्रभाव के दो तरीके बताओ।
राजा युआन की राजकुमारियों से विवाह करते थे और उनके नाम में "निष्ठा" शब्द जुड़ता था; गोर्यो को युआन की लड़ाइयों के लिए सैनिक और जहाज़ देने पड़ते थे।
आम गलतियाँ
- गोर्यो (918–1392) और जोसोन (1392–1897) को मिला देना। गोर्यो पहले आया और जोसोन ने उसकी जगह ली।
- यह मान लेना कि गोर्यो ने सब कुछ चीन से नकल किया। उसने थांग का ढाँचा लिया पर कोरियाई जीवन के हिसाब से ढाला, जहाँ ताकतवर कुलीन परिवार थे।
- यह सोचना कि मंगोलों ने गोर्यो को खत्म किया। गोर्यो बचा रहा और उसके राजा रहे; उसे 1392 में यी सोंग-गे ने समाप्त किया।
- सब पड़ोसियों को दुश्मन कह देना। सोंग मुख्य रूप से व्यापार और विचारों का साझेदार था।