ताइका सुधार (645)
645 में कुछ नेताओं ने एक ताक़तवर कुल को हटाकर ताइका सुधार शुरू किए (ताइका यानी 'महान बदलाव')। उन्होंने चीन के तांग राज से विचार लिए। मुख्य बातें:
- सारी ज़मीन सम्राट और राज्य की मानी गई।
- ज़मीन टुकड़ों में बाँटकर परिवारों को दी गई।
- जनगणना से लोग गिने गए, और राज्य ने चावल, कपड़े और श्रम के रूप में कर लिया।
- देश को अधिकारियों वाले प्रांतों में बाँटा गया।
लक्ष्य सम्राट के अधीन मज़बूत राज्य था। पर समय के साथ कर-मुक्त जागीरें (शोएन) बढ़ीं और व्यवस्था कमज़ोर पड़ गई।
योद्धा वर्ग का उदय: समुराई
हेयान काल (794–1185) में राजधानी क्योटो पर दरबारी कुल राज करते थे, ख़ासकर फ़ूजीवारा, जो सम्राट के नाम पर शासन चलाते थे। राजधानी से दूर भू-स्वामी सुरक्षा के लिए योद्धा रखते थे। ये समुराई ('सेवा करने वाले') थे। वे एक लॉर्ड की सेवा करते, धनुष-तलवार से लड़ते और सम्मान, वफ़ादारी और अनुशासन की संहिता मानते थे, जिसे बाद में बुशीदो कहा गया।
शोगुनेट: शोगुन का शासन
दो बड़े कुल, ताइरा और मिनामोतो, सत्ता के लिए लड़े। मिनामोतो जीते। 1192 में मिनामोतो नो योरितोमो को शोगुन घोषित किया गया और उसने कामाकुरा में सरकार बनाई। सम्राट क्योटो में सम्मानित प्रतीक बना रहा, पर सेना और ज़मीन शोगुन के हाथ में थी। इसे कामाकुरा शोगुनेट कहते हैं। इसने 1274 और 1281 के मंगोल हमले रोके। बाद में आशिकागा शोगुनेट (1336 से) आया। 1467 के ओनिन युद्ध के बाद ताक़तवर स्थानीय सामंत दाइम्यो अपने इलाक़े चलाने लगे, जब तक कि 1600 के आसपास तीन नेताओं ने जापान को फिर एक किया।
सामंती समाज कैसे चलता था
समाज पिरामिड जैसा था। शोगुन दाइम्यो को ज़मीन देता, दाइम्यो समुराई रखते, और समुराई को चावल में वेतन मिलता। सबसे नीचे किसान चावल उगाते और कर देते। हर स्तर ऊपर सेवा और वफ़ादारी देता और नीचे से सुरक्षा पाता था। यह यूरोप के सामंतवाद जैसा है, पर समुराई की संहिता और शोगुन-सम्राट का बँटवारा जापान की ख़ास बातें थीं। करके देखो: 3D का पिरामिड यूरोप के तीन वर्गों से मिलाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ताइका सुधार: 645; ज़मीन राज्य की, जनगणना, कर
- हेयान की राजधानी क्योटो: 794; फ़ूजीवारा कुल का शासन
- शोगुन: मिनामोतो नो योरितोमो, कामाकुरा, 1192
- पिरामिड: शोगुन > दाइम्यो > समुराई > किसान
- समुराई = लॉर्ड की सेवा करने वाला योद्धा; वफ़ादारी की संहिता (बुशीदो)
हल किए गए उदाहरण
1. ताइका सुधार क्यों चाहते थे कि सारी ज़मीन सम्राट की हो?
सुधारक तांग चीन जैसा मज़बूत राज्य चाहते थे। अगर ज़मीन राज्य की हो, तो वह परिवारों को टुकड़े देकर लोगों को गिन सकता और कर ले सकता है, बजाय इसके कि स्थानीय कुल सब रख लें।
2. 1192 के बाद सम्राट और शोगुन में क्या फ़र्क था?
सम्राट क्योटो में रहकर सम्मानित प्रमुख था। शोगुन कामाकुरा में रहकर सेना और ज़मीन संभालता था, इसलिए असली फ़ैसले वही करता था।
3. ताइका सुधार (645) और पहले शोगुन (1192) के बीच कितने साल बीते?
1192 − 645 = 547 साल।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि समुराई हमेशा शासक थे। वे लॉर्ड की सेवा करने वाले योद्धा थे।
- यह कहना कि शोगुन ने सम्राट को हटा दिया। सम्राट रहा, पर असली ताक़त बहुत कम थी।
- क्योटो (सम्राट) और कामाकुरा (पहले शोगुन की राजधानी) मिला देना।
- दाइम्यो और समुराई को एक कहना। दाइम्यो बड़े सामंत थे; समुराई उनकी सेवा करते थे।