पूर्व क्यों जाएँ? फर और नदियाँ
फर, ख़ासकर सेबल, रूस और यूरोप में बहुत क़ीमती था। 1600 के दशक में यह राज्य की आमदनी का एक बड़ा साधन था। यूराल के पार की ज़मीन विशाल थी और कम बसी थी। बड़ी नदियाँ (ओब, येनिसेई, लेना) और उनके बीच के छोटे ज़मीनी रास्ते सड़कों जैसे थे। 1580 के दशक में यरमक के लोगों ने साइबेरियाई ख़ानत तोड़ी, उसके बाद कज़ाकों, शिकारियों और व्यापारियों के छोटे दल पूर्व बढ़े, और उनके पीछे ज़ार के अधिकारी।
ऑस्त्रोग और यासाक
ऑस्त्रोग लकड़ी का छोटा क़िला था जिसमें कुछ सैनिक रहते। हर क़िला माल रखने, कर लेने और आगे बढ़ने का आधार था। मुख्य क़िले: तोबोल्स्क (1587), तोम्स्क (1604), क्रास्नोयार्स्क (1628), येनिसेस्क (1619), याकुत्स्क (1632) और ओखोत्स्क (1647)।
स्थानीय लोगों, जैसे खांटी, मानसी, एवेंक, ब्यूरियात और याकूत (साखा), को यासाक देना पड़ता था, जो फर में कर था। कभी ज़बरदस्ती होती, बंधक लिए जाते। झड़पें हुईं, और नए लोगों की लाई बीमारियों से स्थानीय समुदायों को बहुत नुक़सान हुआ। कुछ स्थानीय लोगों ने व्यापार भी किया और बाद में रूसियों के साथ सेवा भी की।
प्रशांत और आर्कटिक तक यात्राएँ
- इवान मोस्कविटिन 1639 में ओखोत्स्क सागर तक पहुँचा। ओखोत्स्क क़िला (1647) प्रशांत पर पहला रूसी बंदरगाह बना।
- सेम्योन देझनेव, एक कज़ाक, 1648 में कोलिमा नदी से एशिया के सुदूर उत्तर-पूर्व के सिरे का चक्कर लगाकर समुद्र से गुज़रा। वह उस जलडमरूमध्य से निकला जिसे बहुत बाद में बेरिंग जलडमरूमध्य कहा गया, विटस बेरिंग से लगभग 80 साल पहले।
- व्लादिमीर अतलासोव ने 1697–99 में कामचाटका की खोज की और उसे रूस में मिलाने की शुरुआत की।
अमूर प्रदेश और चीन से सीमा
- वासिली पोयारकोव 1643–46 में अमूर से उतरकर समुद्र तक गया।
- येरोफ़ेई खाबारोव (1649–53) ने अमूर पर क़िले बनाए, जिनमें अल्बाज़िन भी है।
- चीन के किंग साम्राज्य और रूस में इस इलाक़े पर टकराव हुआ। 1689 में उन्होंने नेरचिन्स्क की संधि की, जो उनके बीच पहली संधि थी। इसने सीमा तय की और रूस लगभग 170 साल के लिए अमूर क्षेत्र छोड़ गया।
इस बीच दक्षिण में कज़ाक और किसान वोल्गा और डोन के साथ मैदानी इलाक़ों में भी बढ़े, और रूस का सामना तातार, बाशकिर और काल्मिक जैसे कई लोगों से हुआ। 1600 के दशक में कई जन रूस का हिस्सा बने।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- तोबोल्स्क 1587 → तोम्स्क 1604 → येनिसेस्क 1619 → याकुत्स्क 1632 → ओखोत्स्क 1647
- देझनेव 1648: समुद्र से एशिया के उत्तर-पूर्व सिरे का चक्कर
- पोयारकोव 1643–46 और खाबारोव 1649–53: अमूर पर
- अतलासोव 1697–99: कामचाटका
- नेरचिन्स्क की संधि 1689: रूस–चीन की पहली संधि, अमूर पर सीमा
हल किए गए उदाहरण
1. तोबोल्स्क (1587) और याकुत्स्क (1632) की स्थापना के बीच कितने साल बीते?
1632 − 1587 = 45 साल।
2. देझनेव 1648 में जलडमरूमध्य से गुज़रा। बेरिंग 1728 में गुज़रा। देझनेव कितने साल पहले था?
1728 − 1648 = 80 साल पहले।
3. खोजियों ने नदियों का उपयोग क्यों किया, और नदियों के बीच वे क्या करते थे?
घने जंगल और जमी ज़मीन में नदियाँ ही सड़कें थीं। नदियों के बीच वे नावें ज़मीन की छोटी पट्टियों (पोर्टेज) पर खींचते थे।
4. यासाक क्या था, और राज्य उसे क्यों चाहता था?
यासाक स्थानीय लोगों का दिया फर-कर था। फर क़ीमती था और राज्य को धन देता था।
आम गलतियाँ
- यह लिखना कि यरमक ने तोबोल्स्क बसाया। यरमक का अभियान 1580 के दशक में था; तोबोल्स्क क़िला उसकी मृत्यु के बाद 1587 में बना।
- कहना कि बेरिंग जलडमरूमध्य से गुज़रने वाला पहला था। देझनेव 1648 में गुज़रा।
- ऑस्त्रोग को बड़ा महल कहना। वे लकड़ी के छोटे क़िले थे।
- सोचना कि ज़मीन ख़ाली थी। वहाँ याकूत, एवेंक और ब्यूरियात जैसे कई लोग रहते थे।