1600 के दशक में रूस की अर्थव्यवस्था: बड़ी तस्वीर
1600 के दशक में ज़्यादातर रूसी किसान थे। वे अनाज और सन उगाते और पशु पालते थे। हर इलाक़ा एक काम में बेहतर होने लगा: वोल्गा के इलाक़े अनाज बेचते, उत्तर मछली और नमक, तुला लोहा बनाता, यारोस्लावल चमड़ा। इलाक़े आपस में व्यापार करने लगे और धीरे-धीरे एक अखिल-रूसी बाज़ार बना।
यह बढ़त संकट-काल (1613 से पहले के कठिन साल) के बाद आई। शुरुआती रोमानोव ज़ारों को सेना और राज्य के लिए धन चाहिए था, इसलिए उन्होंने व्यापार और दस्तकारी को बढ़ावा दिया।
मेले (Fairs): साल के बड़े बाज़ार
मेला एक जगह, साल के तय समय पर लगने वाला बड़ा बाज़ार है। दूर-दूर से व्यापारी आते, थोक में माल बेचते और नया माल खरीदते।
- मकारियेव मेला (निज़नी नोवगोरोद के पास, वोल्गा पर) सबसे बड़ा बना। यहाँ फर, कपड़ा, धातु का सामान और पूर्व का माल बिकता था।
- इरबित (1640 के दशक से, यूराल में) साइबेरिया को रूस से जोड़ता था, खासकर फर के लिए।
- स्वेन्स्क (ब्रायंस्क के पास) और आर्खांगेलस्क के मेले भी अहम थे। आर्खांगेलस्क तब पश्चिमी यूरोप से व्यापार का अकेला समुद्री बंदरगाह था।
मेले दिखाते हैं कि स्थानीय बाज़ार पूरे देश के व्यापार में बदल रहे थे।
मैन्युफ़ैक्टरी: पहली बड़ी कार्यशालाएँ
मैन्युफ़ैक्टरी बड़ी कार्यशाला है जहाँ एक चीज़ बनाने के लिए कई मज़दूर काम बाँटकर करते हैं। मशीनें अभी नहीं थीं; काम हाथ से होता था। 1600 के दशक में राज्य और अमीर व्यापारियों ने पहली मैन्युफ़ैक्टरी बनाई, अक्सर विदेशी जानकारों की मदद से।
- तुला के पास लोहे के कारख़ाने (1632 से, डच व्यापारी आंद्रेई विनियस ने शुरू किए)।
- मॉस्को में हथियारों के लिए तोप-यार्ड और शस्त्रागार।
- सनी कपड़े के लिए ख़ामोव्नी यार्ड और सिक्कों के लिए मनी यार्ड।
ज़्यादातर मज़दूर किराये के लोग थे, या ऐसे किसान और कारीगर जिन्हें काम पर लगाया जाता था। मैन्युफ़ैक्टरी अभी कम थीं, और ज़्यादातर सामान गाँव की छोटी दस्तकारी से आता था। मशीन वाले असली कारख़ाने बाद में आए।
1653 और 1667 के व्यापार-अधिनियम
1653 से पहले कई स्थानीय शुल्क थे। गाड़ी बार-बार रोकी जाती और हर बार माल का हिस्सा लिया जाता। इससे व्यापार धीमा होता था।
1653 के व्यापार-अधिनियम ने कई छोटे शुल्कों की जगह बिक्री पर लिया जाने वाला एक 5 प्रतिशत का शुल्क रखा। व्यापार गिनना और योजना बनाना आसान हुआ।
1667 का नया व्यापार-अधिनियम, जो राजनेता अफ़ानासी ओर्दिन-नाशचोकिन से जुड़ा है, संरक्षण वाला था: विदेशी व्यापारियों को ज़्यादा शुल्क देना पड़ता और वे थोक बिक्री सिर्फ़ सीमा के नगरों में कर सकते थे। लक्ष्य था रूसी व्यापारियों की मदद। इससे पहले 1649 में ज़ार ने अंग्रेज़ व्यापारियों के विशेष अधिकार भी वापस ले लिए थे।
यह क्यों ज़रूरी है और परीक्षा में क्या आता है
परीक्षा में नाम और समझाना पूछा जाता है: (1) मैन्युफ़ैक्टरी क्या है, (2) मुख्य मेले और वहाँ क्या बिकता था, (3) 1653 और 1667 के अधिनियमों ने क्या बदला। कारण की कड़ी याद रखो: इलाक़ों की दस्तकारी बढ़ी → व्यापार बढ़ा → मेले और एक बाज़ार → राज्य को व्यवस्था और कर चाहिए → अधिनियम।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मेला = एक जगह, साल में एक बार लगने वाला बड़ा बाज़ार
- मैन्युफ़ैक्टरी = हाथ के काम वाली बड़ी कार्यशाला, काम बाँटकर
- 1653 का व्यापार-अधिनियम = कई शुल्कों की जगह एक 5% शुल्क
- 1667 का नया व्यापार-अधिनियम = रूसी व्यापारियों की रक्षा (विदेशियों पर ज़्यादा शुल्क)
- मुख्य मेले: मकारियेव (वोल्गा), इरबित (यूराल), स्वेन्स्क, आर्खांगेलस्क
हल किए गए उदाहरण
1. एक व्यापारी 200 सिक्कों का माल बेचता है। 1653 के अधिनियम में शुल्क 5% है। वह कितना शुल्क देगा और कितना रखेगा?
शुल्क = 200 का 5% = 10 सिक्के। वह रखता है 200 − 10 = 190 सिक्के।
2. 1653 से पहले एक व्यापारी 6 शुल्क-खंभों से गुज़रता है और हर खंभा 100 में से 2 सिक्के लेता है। अधिनियम के बाद एक 5% शुल्क है। बचा हुआ धन तुलना करो।
पहले: 6 × 2 = 12 सिक्के गए, 88 बचे। बाद में: 5 सिक्के गए, 95 बचे। उसे 7 सिक्के ज़्यादा बचे, और सड़क भी तेज़ हुई। (संख्याएँ उदाहरण हैं।)
3. मकारियेव जैसे मेले ने सिर्फ़ एक नगर की नहीं, पूरे देश की अर्थव्यवस्था की मदद कैसे की?
कई इलाक़ों के व्यापारी आते थे, इसलिए हर इलाक़ा जो सबसे अच्छा बनाता (अनाज, फर, लोहा, चमड़ा) बेच सकता और जो कमी थी खरीद सकता। इससे स्थानीय बाज़ार जुड़कर एक अखिल-रूसी बाज़ार बने।
4. गाँव की दस्तकारी और मैन्युफ़ैक्टरी में दो अंतर बताओ।
गाँव की दस्तकारी में एक व्यक्ति या परिवार घर पर पूरी चीज़ बनाता है। मैन्युफ़ैक्टरी में कई मज़दूर एक बड़ी जगह साथ काम करते हैं, हर कोई एक हिस्सा करता है, और माल ज़्यादा मात्रा में बनता है।
आम गलतियाँ
- यह लिखना कि मैन्युफ़ैक्टरी में मशीनें और भाप थी। 1600 के दशक में वे हाथ के काम की कार्यशालाएँ थीं।
- अधिनियम गड़बड़ाना: 1653 = एक 5% शुल्क (शुल्क आसान); 1667 = रूसी व्यापारियों की रक्षा।
- यह सोचना कि ज़्यादातर रूसी उद्योग में काम करते थे। ज़्यादातर अब भी किसान थे।
- आर्खांगेलस्क को बाल्टिक पर लिखना। यह उत्तर में श्वेत सागर पर है।