रेशे, धागे और कपड़ा बनाना
रेशे (fibres) वे बारीक बाल हैं जिनसे कपड़ा बनता है।
- प्राकृतिक: कपास और लिनन (पौधों से), ऊन और रेशम (जानवरों से)।
- संश्लेषित: पॉलिएस्टर, नायलॉन, ऐक्रेलिक (तेल से)। पुनर्जनित: विस्कोस, लायोसेल (लकड़ी की लुगदी से)।
रेशों को काता (मरोड़ा) जाता है तो धागा बनता है। रेशे मिलाने (जैसे पॉलिएस्टर-कॉटन) से दोनों के अच्छे गुण मिलते हैं।
कपड़ा बनाने के तरीके
- बुना हुआ (woven): ताना (लंबाई में) और बाना (आड़ा) समकोण पर गुँथते हैं। सादी (1 ऊपर, 1 नीचे: मज़बूत, बराबर), टवील (तिरछी रेखाएँ: टिकाऊ, जैसे डेनिम), साटन (लंबे धागे: चिकना, चमकीला, आसानी से उलझता)।
- निटेड (knitted): एक धागे से फंदों की पंक्तियाँ। खिंचने वाला और गर्म (टी-शर्ट, स्वेटर)।
- नॉन-वोवन: रेशे गर्मी, गोंद या सुई से जोड़े जाते हैं (फ़ेल्ट, इंटरफ़ेसिंग, मास्क)।
टेक्सटाइल डिज़ाइन के तत्व और सिद्धांत
तत्व डिज़ाइन की ईंटें हैं: रेखा, आकार, रंग, बनावट (छूने या देखने में कैसा), पैटर्न और स्थान।
सिद्धांत बताते हैं कि इन्हें कैसे सजाएँ: दोहराव, लय, संतुलन, विरोधाभास (contrast), ज़ोर (केंद्र बिंदु), अनुपात और एकता।
रिपीट पैटर्न
मोटिफ़ एक छोटा डिज़ाइन है। रिपीट बताता है कि वह कपड़े पर कैसे दोहराया जाए: ब्लॉक (सीधी जाली), हाफ़-ड्रॉप (हर दूसरा कॉलम आधा नीचे), ब्रिक (पंक्तियाँ आधी खिसकीं), मिरर और रैंडम। अच्छे रिपीट में जोड़ नहीं दिखता।
टेक्सटाइल डिज़ाइन के क्षेत्र
आर्ट टेक्सटाइल, फ़ैशन डिज़ाइन, पोशाक डिज़ाइन, छपे और रंगे कपड़े, निर्मित टेक्सटाइल (बुनाई, निटिंग, फ़ेल्टिंग), सजाए कपड़े (कढ़ाई, ऐप्लिक, मनके) और डिजिटल टेक्सटाइल (CAD और डिजिटल छपाई)।
रंग और सतह की सजावट
रंगाई
रंग रेशे में समा जाता है। रेज़िस्ट रंगाई में कुछ हिस्सों तक रंग पहुँचने से रोका जाता है: बंधेज/टाई-डाई (भारत में बांधनी, जापान में शिबोरी) में धागे से बाँधते या मोड़ते हैं; बाटिक में गरम मोम लगाते हैं।
छपाई
रंग सतह पर एक पैटर्न में लगता है: ब्लॉक छपाई (लकड़ी के खुदे ठप्पे, जैसे सांगानेरी), स्क्रीन छपाई (जाली के स्टेंसिल से स्याही, हर रंग की एक स्क्रीन), स्टेंसिल, ट्रांसफ़र (सब्लिमेशन) और डिजिटल इंकजेट।
सजावट
कढ़ाई (हाथ या मशीन), ऐप्लिक (ऊपर कपड़े की आकृतियाँ सिलना), क्विल्टिंग, मनके लगाना और स्मॉकिंग।
फ़िनिश से कपड़े को बेहतर बनाना
फ़िनिश (परिसज्जा) कपड़े का रूप, छुअन या काम बदलती है।
- यांत्रिक: ब्रशिंग (मुलायम, गर्म सतह), कैलेंडरिंग (गर्म रोलरों में दबाकर चमक), सिकुड़न-रोधी (पहले से सिकोड़ना)।
- रासायनिक: पानी-रोधी (बूँदें मोती बनें), दाग़-रोधी, अग्नि-मंदक (पर्दे, बच्चों के रात के कपड़े), सिलवट-रोधी, मर्सराइज़िंग (कपास मज़बूत और चमकीली), जीवाणु-रोधी।
- कोटिंग और लेमिनेट: वाटरप्रूफ़ पर हवा जाने देने वाली परत (रेनकोट)।
- स्मार्ट और तकनीकी टेक्सटाइल: माइक्रोएनकैप्सुलेशन (ख़ुशबू या दवा के बारीक कैप्सूल), थर्मोक्रोमिक रंग (गर्मी से रंग बदलें), बिजली चलाने वाले धागे और चमकने वाली पट्टियाँ।
डिज़ाइनर टिकाऊपन भी सोचते हैं: जैविक या रीसायकल रेशे, रंगाई में कम पानी, और मरम्मत व रीसायकल के लायक डिज़ाइन।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- रेशा → धागा (कताई) → कपड़ा (बुनाई, निटिंग, जोड़ना) → रंग → फ़िनिश
- ताना = लंबाई के धागे; बाना = आड़े धागे
- सादी = 1 ऊपर 1 नीचे; टवील = तिरछी; साटन = लंबे धागे
- तत्व: रेखा, आकार, रंग, बनावट, पैटर्न, स्थान
- रिपीट: ब्लॉक, हाफ़-ड्रॉप, ब्रिक, मिरर, रैंडम
- रेज़िस्ट रंगाई: बंधेज, बाटिक
हल किए गए उदाहरण
1. मोटिफ़ 10 cm चौड़ा है। 1.5 m चौड़े कपड़े पर कितने पूरे ब्लॉक रिपीट आएँगे?
1.5 m = 150 cm। 150 ÷ 10 = 15 रिपीट।
2. मज़बूत और बारिश झेलने वाले स्कूल बैग के लिए बुनाई और फ़िनिश चुनो।
पॉलिएस्टर या नायलॉन की टवील (टिकाऊ), पानी-रोधी फ़िनिश या वाटरप्रूफ़ कोटिंग के साथ।
3. डेनिम बाहर से नीला और अंदर से हल्का क्यों दिखता है?
टवील में ताना ज़्यादातर एक तरफ़ ऊपर रहता है। डेनिम में ताना नीला और बाना सफ़ेद होता है, इसलिए बाहर नीला और अंदर सफ़ेद ज़्यादा दिखता है।
आम गलतियाँ
- ताना और बाना उलट देना। ताना लंबाई में (किनारी की दिशा में), बाना आड़ा।
- छपाई और रंगाई को एक मानना। रंग रेशे में समाता है; छपाई सतह पर पैटर्न में।
- साटन को चमकीला होने से मज़बूत समझना। लंबे धागे आसानी से उलझते हैं।
- निटेड कपड़े को वोवन कहना। निट एक धागे के फंदे हैं; वोवन दो सेट धागे समकोण पर।