रेशा, धागा और कपड़ा
रेशा बारीक, लचीला धागा है, जो चौड़ाई से कम से कम लगभग 100 गुना लंबा हो। छोटे रेशे (सूती, ऊन) स्टेपल रेशे कहलाते हैं; बहुत लंबे (रेशम, संश्लेषित) तंतु (filament)।
रेशे → कातकर धागा → धागे बुनकर (दो सेट समकोण पर आर-पार) या गूँथकर (फंदे बनाकर, knitting) कपड़ा। कुछ कपड़े, जैसे नमदा (felt), सीधे रेशों से बनते हैं (बिना बुने)।
वर्गीकरण: प्राकृतिक और मानव-निर्मित रेशे
- प्राकृतिक – पौधों से (सेल्युलोज़): सूती (कपास के बीज के रेशे), लिनन (सन/फ़्लैक्स के तने से), जूट, भांग।
- प्राकृतिक – जंतुओं से (प्रोटीन): ऊन (भेड़ के बाल), रेशम (रेशम कीट के कोकून का धागा), कश्मीरी जैसे बकरी के बाल।
- मानव-निर्मित – पुनर्जनित: लकड़ी की लुगदी का प्राकृतिक सेल्युलोज़ घोलकर स्पिनरेट से निकालते हैं: विस्कोस रेयॉन, लायोसेल, मोडल।
- मानव-निर्मित – संश्लेषित: तेल के रसायनों से बने बहुलक: नायलॉन (पॉलीऐमाइड), पॉलिएस्टर, ऐक्रिलिक, इलास्टेन (स्पैन्डेक्स)।
रेशों का रूप और गुण
सूक्ष्मदर्शी में रेशे का रूप बताता है कि वह कैसे व्यवहार करेगा:
- सूती: चपटा, मुड़ा फीता। सोखने वाला, ठंडा, मज़बूत (गीला होकर और मज़बूत), जल्दी सिलवट, सिकुड़ सकता है।
- लिनन: सीधी छड़, बीच-बीच में "गाँठें"। बहुत मज़बूत, ठंडा, चमकदार, बहुत सिलवट।
- ऊन: लहरदार, ऊपर एक-पर-एक शल्क। लहरें हवा फँसाती हैं → गर्म और लचीली; गर्मी और रगड़ से शल्क फँस जाते हैं → नमदा बनना और सिकुड़ना।
- रेशम: चिकना, आड़ी काट त्रिकोणीय → चमकीला, मुलायम, वज़न के हिसाब से मज़बूत।
- विस्कोस: धारीदार छड़। सूती जैसा सोखने वाला और मुलायम, पर गीला होकर कमज़ोर।
- नायलॉन और पॉलिएस्टर: चिकनी, गोल छड़ें। बहुत मज़बूत, लचीले, सिलवट-रोधी, जल्दी सूखने वाले, कम सोखने वाले (पसीना चिपचिपा लगता है), गर्मी से पिघलते हैं।
- ऐक्रिलिक: सेम या डंबल जैसी आकृति। ऊन जैसा गर्म और हल्का, सस्ता, रोएँ (pilling) बनते हैं।
तुलना के मुख्य गुण: सोखना, मज़बूती, गर्मी, लचक, सिलवट-रोध, ज्वलनशीलता, क़ीमत और पर्यावरण पर असर।
रेशों से धागा कातना और मिश्रण
कताई: रेशे साफ़ होते हैं, धुनकर या कंघी कर सीधे किए जाते हैं, खींचकर पतली लड़ी बनती है और फिर बट (twist) दिया जाता है। बट घर्षण से रेशों को पकड़े रखता है: ज़्यादा बट = मज़बूत, सख़्त धागा; कम बट = मुलायम, फूला धागा। संश्लेषित तंतु पिघले या घुले बहुलक को स्पिनरेट (बारीक छेदों वाली प्लेट) से दबाकर और फिर खींचकर बनते हैं।
एक धागे में दो या ज़्यादा रेशे मिलाए जा सकते हैं। पॉलीकॉट (पॉलिएस्टर + सूती) आरामदेह भी और मज़बूत, कम सिलवट वाला भी; ऊन + नायलॉन के मोज़े गर्म और टिकाऊ; थोड़ा इलास्टेन मिलाने से खिंचाव आता है।
रेशों का परीक्षण और जाँच
जलाने का परीक्षण (बस किसी बड़े के साथ, छोटा टुकड़ा चिमटी से धातु की ट्रे के ऊपर): सेल्युलोज़ रेशे तेज़ जलते, काग़ज़ जैसी गंध, मुलायम राख; प्रोटीन रेशे जले बाल जैसी गंध, भुरभुरी राख; संश्लेषित रेशे पिघलते, लौ से सिकुड़ते, सख़्त मनका छोड़ते।
दूसरे परीक्षण: सूक्ष्मदर्शी से देखो; कपड़े पर पानी की बूँद डालकर समय नापो कि कितनी जल्दी सोखता है (सोखना); मुट्ठी में भींचकर देखो सिलवट रहती है या नहीं (सिलवट-वापसी); धागे पर वज़न लटकाओ जब तक टूटे नहीं (मज़बूती)। परीक्षण निष्पक्ष रखो: बराबर नमूना, एक जैसी स्थिति, दोहराओ और औसत लो।
टिकाऊपन: कपास को बहुत पानी चाहिए; संश्लेषित रेशे तेल से बनते हैं और धुलाई में सूक्ष्म-प्लास्टिक छोड़ते हैं; पुनर्चक्रित पॉलिएस्टर और जैविक कपास नुक़सान घटाते हैं।
खुद करो
3D में पहले सूती, फिर पॉलिएस्टर चुनो और उनके सोखने और सिलवट-रोध की पट्टियाँ मिलाओ। घर पर: पुराने सूती और पुराने पॉलिएस्टर कपड़े से छोटा-सा चौकोर टुकड़ा काटो। हर एक पर पानी की एक बूँद डालो और गिनो कि सोखने में कितने सेकंड लगे। तौलिये के लिए कौन-सा बेहतर? क्यों?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- रेशा → धागा (कताई) → कपड़ा (बुनाई या गुँथाई)
- प्राकृतिक: पौधों से (सेल्युलोज़) – सूती, लिनन; जंतुओं से (प्रोटीन) – ऊन, रेशम
- मानव-निर्मित: पुनर्जनित (विस्कोस, लायोसेल) और संश्लेषित (नायलॉन, पॉलिएस्टर, ऐक्रिलिक, इलास्टेन)
- ज़्यादा बट → मज़बूत, सख़्त धागा
- मिश्रण = एक धागे में दो या ज़्यादा रेशे, गुण जोड़ने के लिए
- जलाने का परीक्षण: काग़ज़ की गंध = सेल्युलोज़; जले बाल = प्रोटीन; पिघलकर मनका = संश्लेषित
हल किए गए उदाहरण
1. गर्म, उमस वाले शहर में गर्मी की कमीज़ के लिए कौन-सा रेशा चुनोगे और क्यों?
सूती या लिनन: ये पसीना सोखते हैं, गर्मी बाहर जाने देते हैं और ठंडे लगते हैं। पॉलिएस्टर कम सोखता है, चिपचिपा लगेगा।
2. गर्म पानी में धोने पर ऊनी स्वेटर सिकुड़ गया। समझाओ।
ऊन के रेशों पर शल्क होते हैं। गर्मी, पानी और रगड़ से शल्क आपस में फँस जाते हैं (नमदा बनना), रेशे पास खिंचते हैं और स्वेटर सिकुड़ जाता है।
3. एक नमूना पिघलता है, लौ से सिकुड़ता है और सख़्त मनका छोड़ता है। यह किस समूह का है?
संश्लेषित रेशा, जैसे नायलॉन, पॉलिएस्टर या ऐक्रिलिक।
4. विस्कोस को संश्लेषित नहीं, पुनर्जनित रेशा क्यों कहते हैं?
यह प्राकृतिक सेल्युलोज़ (लकड़ी की लुगदी) को घोलकर फिर से रेशा बनाकर बनता है; संश्लेषित रेशे तेल के रसायनों से बने बहुलकों से बनते हैं।
5. स्कूल वर्दी के लिए पॉलीकॉट मिश्रण क्यों लोकप्रिय है?
सूती से आराम और सोखना; पॉलिएस्टर से मज़बूती, जल्दी सूखना और कम सिलवट, तो वर्दी लंबी चलती है और कम इस्त्री चाहिए।
आम गलतियाँ
- विस्कोस को प्राकृतिक रेशा कहना; यह प्राकृतिक सेल्युलोज़ से बना मानव-निर्मित (पुनर्जनित) रेशा है।
- मानना कि संश्लेषित मतलब कमज़ोर; नायलॉन और पॉलिएस्टर सबसे मज़बूत रेशों में हैं।
- रेशा, धागा और कपड़ा आपस में मिला देना।
- बड़े टुकड़े से या बिना बड़े और सुरक्षा ट्रे के जलाने का परीक्षण करना।