रेशों के गुण और आकार
रेशा (fibre) बाल जैसा बारीक तंतु है। रेशे प्राकृतिक (पौधों या जानवरों से) या मानव-निर्मित (लकड़ी की लुगदी से पुनर्जनित, या तेल से संश्लेषित) होते हैं।
| रेशा | आकार | क्या देता है |
|---|---|---|
| कपास | चपटा, मुड़ा रिबन | मुलायम, पानी सोखता, ठंडा, जल्दी सिलवट |
| ऊन | लहरदार, शल्कों वाला | हवा फँसाकर गर्म; सिकुड़ और नमदा बन सकता है |
| रेशम | चिकना, त्रिकोणीय | चमकीला, वज़न के हिसाब से मज़बूत |
| पॉलिएस्टर | चिकनी छड़ | मज़बूत, जल्दी सूखे, कम सिलवट, कम सोखे |
| इलास्टेन | वापस उछलने वाली लंबी शृंखलाएँ | बहुत लचीला |
मुख्य प्रदर्शन गुण: मज़बूती, लचीलापन, सोखने की क्षमता, गर्माहट, टिकाऊपन, ज्वलनशीलता, सिलवट-रोधी होना और देखभाल में आसानी।
रेशों से धागे की कताई
धागा (yarn) रेशों से बना लंबा लगातार तार है। छोटे रेशे (स्टेपल, जैसे कपास, ऊन) साफ़ करके, कंघी कर (कार्डिंग), खींचकर ऐंठे जाते हैं। लंबे फ़िलामेंट रेशे (रेशम, ज़्यादातर संश्लेषित) लगभग सीधे काम आते हैं।
- कम ऐंठन: मुलायम, फूला, कमज़ोर धागा (बुनाई की ऊन)।
- ज़्यादा ऐंठन: मज़बूत, चिकना, कसा धागा (सिलाई का धागा)।
- प्लाई धागा: दो या ज़्यादा धागे साथ ऐंठे, ज़्यादा मज़बूती के लिए।
- फ़ैंसी धागे: बनावट के लिए गाँठें या फंदे।
मिश्रण और संमिश्रण
कोई एक रेशा पूरा अच्छा नहीं, इसलिए डिज़ाइनर उन्हें मिलाते हैं।
- मिश्रण (blend): दो या ज़्यादा रेशे एक धागे में साथ काते, जैसे 65% पॉलिएस्टर / 35% कपास।
- संमिश्रण (mixture): एक कपड़े में अलग-अलग धागे, जैसे कपास का ताना और ऊन का बाना।
कारण: प्रदर्शन सुधारना (मज़बूती, खिंचाव, कम सिलवट), खर्च घटाना, रूप और स्पर्श बदलना, देखभाल आसान करना। जैसे कपास में 3–5% इलास्टेन से जींस खिंचती और वापस आती है।
बुना, फंदेदार और अबुना कपड़ा
बुना (woven)
करघे पर दो सेट धागे समकोण पर गुँथते हैं। ताना (warp) लंबाई में, बाना (weft) चौड़ाई में। तैयार किनारा सेल्वेज कहलाता है। बुने कपड़े स्थिर, मज़बूत होते हैं और कटे किनारे पर उधड़ते हैं।
- सादी बुनाई: एक ऊपर, एक नीचे (शर्टिंग, कैलिको)।
- ट्विल: दो ऊपर, दो नीचे, हर कतार खिसककर तिरछी रेखा (डेनिम)। मज़बूत, टिकाऊ।
- साटन: लंबे तैरते धागे, चिकनी चमकदार सतह, पर उलझ सकती है।
फंदेदार (knitted)
धागे के फंदे आपस में जुड़ते हैं। बाना फंदा (weft knit): एक धागा कतारों में (टी-शर्ट, स्वेटर); बहुत खिंचता, सीढ़ी (ladder) बन सकती है। ताना फंदा (warp knit): कई धागे लंबाई में फंदे बनाते हैं (खेल के कपड़े, जाली); ज़्यादा स्थिर।
अबुना (non-woven)
रेशों की परत बनाकर बंधन (गर्मी, गोंद या सुई-छेदन) या नमदा (गर्मी, नमी और रगड़ से ऊन के रेशे फँसना) से जोड़ते हैं। सस्ता, जल्दी, उधड़ता नहीं, पर कमज़ोर: इंटरफ़ेसिंग, मास्क, वाइप्स, फ़ेल्ट।
स्मार्ट और तकनीकी वस्त्र
तकनीकी वस्त्र रूप के लिए नहीं, काम के लिए बनते हैं: आग और गोली रोधी पोशाक के लिए ऐरामिड, वाटरप्रूफ़ जैकेट की साँस लेने वाली झिल्ली, सड़क किनारे मिट्टी थामने वाले जियोटेक्सटाइल, और पट्टियों जैसे चिकित्सा वस्त्र।
स्मार्ट वस्त्र आसपास के बदलाव को भाँपकर प्रतिक्रिया देते हैं:
- थर्मोक्रोमिक रंग तापमान से बदलते हैं।
- फ़ोटोक्रोमिक रंग धूप में बदलते हैं।
- अवस्था-परिवर्तन पदार्थ गर्मी जमा करके छोड़ते हैं।
- सूक्ष्म-कैप्सूलीकरण: छोटे कैप्सूल खुशबू, मॉइस्चराइज़र या मच्छर-रोधी छोड़ते हैं।
- ई-टेक्सटाइल: सुचालक धागे बिजली या डेटा ले जाते हैं, जैसे खेल शर्ट में धड़कन सेंसर।
खुद करके देखो
तीन पुरानी चीज़ें लो: एक शर्ट, एक टी-शर्ट और एक डिस्पोज़ेबल मास्क। हर एक को दोनों दिशाओं में धीरे खींचो। कटे किनारे को आवर्धक लेंस से देखो। किसमें क्रॉस करते धागे हैं, किसमें फंदे, किसमें बिखरे रेशे? खिंचाव और उधड़ने के हिसाब से क्रम लगाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- रेशा → धागा (कताई) → कपड़ा (बुनाई, फंदे, बंधन)
- ज़्यादा ऐंठन = मज़बूत, चिकना, कसा धागा
- मिश्रण = एक धागे में अलग रेशे; संमिश्रण = एक कपड़े में अलग धागे
- बुना: ताना (लंबाई) × बाना (चौड़ाई), 90° पर
- फंदेदार: जुड़े फंदे → खिंचाव; अबुना: जुड़ी रेशा परत
हल किए गए उदाहरण
1. खेल की लेगिंग्स आमतौर पर फंदेदार और इलास्टेन वाली क्यों होती हैं?
फंदे शरीर के साथ खिंचते हैं, और इलास्टेन के रेशे वापस उछलकर आकार बनाए रखते हैं। मज़बूती और जल्दी सूखने के लिए पॉलिएस्टर या नायलॉन भी मिलाते हैं।
2. डिज़ाइनर को मज़दूरों के लिए टिकाऊ पतलून चाहिए। कौन-सी बनावट और क्यों?
डेनिम या ड्रिल जैसी ट्विल बुनाई। दो-ऊपर-दो-नीचे की तिरछी बनावट धागों को कसकर बाँधती है, इसलिए मज़बूत और घिसाव-रोधी है। पॉलिएस्टर-कपास मिश्रण मज़बूती बढ़ाता है और सिलवटें घटाता है।
3. फ़ेल्ट टोपी और शिल्प में चलता है, खिंचने वाले कपड़ों में क्यों नहीं?
फ़ेल्ट अबुना है, ऊन के रेशे आपस में फँसाकर बनता है। यह उधड़ता नहीं और आकार में ढाला जा सकता है, इसलिए टोपी के लिए अच्छा है। पर इसमें फंदे या धागे नहीं जो खिंचाव दें, और यह आसानी से फटता है।
आम गलतियाँ
- मिश्रण और संमिश्रण में उलझना। मिश्रण में एक धागे के अंदर रेशे मिलते हैं; संमिश्रण में एक कपड़े में अलग धागे।
- सोचना कि ताना चौड़ाई में चलता है। ताना लंबाई में, सेल्वेज के समानांतर चलता है।
- कहना कि अबुने कपड़े धागों से बनते हैं। वे सीधे रेशों से बनते हैं।
- हर उच्च-प्रदर्शन कपड़े को 'स्मार्ट' कहना। स्मार्ट वस्त्र बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हैं; तकनीकी वस्त्र बस अच्छा काम करते हैं।