छापाकला क्या है? प्लेट, स्याही, कागज़, दबाव
छापाकला में एक तैयार सतह से स्याही कागज़ (या कपड़े) पर उतारकर चित्र बनाते हैं। तैयार सतह को मैट्रिक्स या प्लेट कहते हैं: लकड़ी या लिनो का ब्लॉक, धातु की प्लेट, पत्थर या स्क्रीन।
ज़रूरी शब्द
- ब्रेयर: स्याही फैलाने का रबर रोलर।
- बैरन या चम्मच: कागज़ की पीठ पर हाथ से रगड़ने के लिए।
- प्रेस: उभार प्रेस ऊपर से दबाता है; एचिंग प्रेस प्लेट और कागज़ को भारी बेलनों के बीच से निकालता है।
- प्रूफ़: परख वाली छाप। संस्करण (edition): एक-जैसी अंतिम छापों का सेट।
- दर्पण-प्रतिबिंब: छाप बाएँ-दाएँ उल्टी आती है, इसलिए अक्षर उल्टे काटने पड़ते हैं।
उभार छपाई: वुडकट और लिनोकट
उभार छपाई में जो सफ़ेद रहना है, उसे खोद देते हैं। बची हुई सतह स्याही लेती है।
- डिज़ाइन उल्टा करके ब्लॉक पर बनाओ।
- गॉज से पृष्ठभूमि खोदो (रेखा के लिए V-गॉज, बड़ी जगह के लिए U-गॉज)। हमेशा अपने हाथ से दूर की ओर काटो।
- ब्रेयर से पतली स्याही लगाओ।
- ऊपर कागज़ रखकर बैरन से रगड़ो या प्रेस में दबाओ।
वुडकट में लकड़ी का तख़्ता होता है और रेशे दिखते हैं; लिनोकट में नरम लिनोलियम से चिकने, मोटे आकार बनते हैं। कार्ड प्रिंट में कार्ड पर कार्ड चिपकाकर उभरे आकार बनाते हैं। पानी वाली स्याही पानी से साफ़ होती है; तेल वाली स्याही के लिए वनस्पति तेल या विलायक चाहिए (हवादार जगह में)।
इंटैग्लियो: एनग्रेविंग, एचिंग और ड्राईपॉइंट
इंटैग्लियो में स्याही सतह के नीचे, धातु (ताँबा, ज़िंक) या प्लास्टिक की प्लेट में कटी रेखाओं में रहती है।
- प्रत्यक्ष तकनीक: कलाकार ख़ुद हाथ से प्लेट काटता है। एनग्रेविंग में तेज़ ब्यूरिन; ड्राईपॉइंट में सुई से खरोंच, जिससे नरम, रोएँदार रेखा (बर) बनती है।
- अप्रत्यक्ष तकनीक: कटाई अम्ल करता है। एचिंग में प्लेट पर अम्ल-रोधी परत (ग्राउंड) चढ़ाते हैं, कलाकार उसमें से रेखा खींचता है, फिर प्लेट अम्ल में डुबोते हैं जो खुली रेखाएँ खा जाता है। एक्वाटिंट से छाया वाले हिस्से बनते हैं।
छपाई: पूरी प्लेट पर स्याही लगाओ, रेखाओं में भरो, सतह साफ़ पोंछो, ऊपर गीला कागज़ रखो और ज़ोरदार एचिंग प्रेस से निकालो।
समतल और स्टेंसिल: लिथोग्राफ़ी और स्क्रीन प्रिंट
लिथोग्राफ़ी समतल छपाई है। यह इस पर टिकी है कि चिकनाई और पानी नहीं मिलते। कलाकार चूना पत्थर या ज़िंक/एल्युमिनियम प्लेट पर चिकने क्रेयॉन या टुश (चिकनी स्याही) से बनाता है। सतह को उपचारित करके गीला रखते हैं। तैलीय स्याही चिकनी ड्रॉइंग पर चिपकती है और गीली जगह से हट जाती है।
स्क्रीन प्रिंट (सेरिग्राफ़ी) स्टेंसिल विधि है। फ्रेम पर बारीक जाली कसी होती है। उसके कुछ हिस्से बंद कर देते हैं (कटे कागज़, गोंद या प्रकाश-संवेदी इमल्शन से)। स्क्वीजी स्याही को खींचती है और स्याही सिर्फ़ खुली जाली से निकलती है।
इलेक्ट्रॉनिक तरीक़े: फ़ोटोकॉपी, इंकजेट, डिजिटल प्रिंट, और कॉपी आर्ट जिसमें फ़ोटोकॉपी मशीन ही रचना का औज़ार बनती है।
मोनोटाइप, संस्करण, रंग और रजिस्ट्रेशन
मोनोटाइप एक ही बार की छाप है: चिकनी सपाट शीट (काँच, ऐक्रेलिक) पर रंग या स्याही लगाओ, उसमें बनाओ या पोंछो, फिर एक बार छापो। हर छाप अनोखी होती है।
संस्करण एक प्लेट से बनी एक-जैसी छापों का सेट है। हर छाप पर हस्ताक्षर और नंबर होता है, जैसे 7/25 = 25 में से 7वीं। A/P = कलाकार का प्रूफ़।
रंग और रजिस्ट्रेशन
हर रंग का आमतौर पर अलग ब्लॉक होता है, या रिडक्शन विधि में हर रंग के बाद उसी ब्लॉक को और खोदते हैं। हर रंग ठीक उसी जगह आए, इसके लिए रजिस्ट्रेशन करते हैं: निशान, जिग या पिन जो कागज़ और ब्लॉक को हर बार एक ही जगह रखें। हल्के रंग पहले, गहरे बाद में।
फ़िनिशिंग
छाप को सपाट सुखाओ, साफ़ किनारे काटो, चित्र के नीचे पेंसिल से शीर्षक, नंबर, नाम, साल लिखो और कार्ड पर माउंट करो। कपड़े की ठप्पा छपाई में भी यही बातें लागू होती हैं।
घर पर करके देखो
एक आलू आधा काटो। आसपास का हिस्सा खोदकर कोई अक्षर उभरा छोड़ो (उल्टा बनाना याद रखो!)। उस पर पोस्टर रंग लगाकर कागज़ पर दबाओ। 5 बार छापो और 1/5 से 5/5 तक नंबर लिखो। क्या सब एक-जैसी हैं?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- उभार: उभरी सतह पर स्याही (वुडकट, लिनोकट, कार्ड प्रिंट)
- इंटैग्लियो: गड्ढों में स्याही (एनग्रेविंग, ड्राईपॉइंट, एचिंग, एक्वाटिंट)
- समतल: सपाट सतह, चिकनाई स्याही खींचती है, पानी भगाता है (लिथोग्राफ़ी)
- स्टेंसिल: छेदों से स्याही (स्क्रीन प्रिंट / सेरिग्राफ़ी)
- छाप = प्लेट का दर्पण-प्रतिबिंब
- संस्करण नंबर 7/25 = 25 में से 7वीं छाप; A/P = कलाकार का प्रूफ़
हल किए गए उदाहरण
1. लिनोकट से 'कमल' शब्द छापना है। ब्लॉक पर कैसे लिखोगे?
उल्टा (दर्पण लेखन), क्योंकि छाप बाएँ-दाएँ पलट देती है। फिर अक्षरों को छोड़कर बाक़ी सब खोद दो।
2. इंटैग्लियो में प्लेट पोंछनी क्यों पड़ती है, उभार में क्यों नहीं?
इंटैग्लियो में चित्र गड्ढों की स्याही है; सतह पर बची स्याही धूसर परत बनकर छप जाएगी। उभार में सतह ही चित्र है, इसलिए उस पर स्याही रहनी चाहिए।
3. दो रंग के लिनोकट में लाल रंग काले से 3 mm खिसक गया। क्या ग़लती हुई और कैसे सुधारोगे?
रजिस्ट्रेशन ठीक नहीं था। रजिस्ट्रेशन जिग या निशान लगाओ ताकि हर रंग में कागज़ और ब्लॉक ठीक उसी जगह रहें।
आम गलतियाँ
- भूल जाना कि छाप दर्पण-प्रतिबिंब है, इसलिए अक्षर उल्टे आ जाते हैं।
- बहुत मोटी स्याही लगाना: बारीक रेखाएँ भर जाती हैं और छाप धब्बेदार दिखती है।
- मोनोटाइप को संस्करण कहना; मोनोटाइप से सिर्फ़ एक अनोखी छाप बनती है।
- गॉज को अपने हाथ की ओर चलाना; हमेशा शरीर से दूर काटो और दूसरा हाथ औज़ार के पीछे रखो।