वुडब्लॉक प्रिंटिंग क्या है?
वुडब्लॉक प्रिंटिंग एक तरीका है जिससे एक चित्र की कई नकलें बनती हैं। कलाकार लकड़ी के सपाट टुकड़े पर चित्र खोदता है। चित्र उभरे हिस्सों से बनता है। स्याही सिर्फ़ उभरे हिस्सों पर लगती है। फिर ब्लॉक पर कागज़ दबाया जाता है और स्याही कागज़ पर आ जाती है। इसे उभार छपाई (relief printing) कहते हैं।
चीन, जापान, कोरिया, भारत और यूरोप, सब जगह यह पुरानी कला है।
ब्लॉक बनाना: चित्र बनाना और काटना
पहले पतले कागज़ पर चित्र बनता है। उसे उल्टा करके लकड़ी पर चिपकाते हैं या रेखाएँ लकड़ी पर उतारते हैं। फिर नक्काशी का चाकू, गोज (मुड़ी हुई छेनी) या छेनी से हर सफ़ेद हिस्सा काट देते हैं।
- कटे हिस्से नीचे होते हैं और सफ़ेद छपते हैं।
- उभरे हिस्से ऊँचे होते हैं और स्याही के रंग में छपते हैं।
- बारीक रेखाओं की दीवारें ढलान वाली रखते हैं, ताकि वे टूटें नहीं।
चेरी या नाशपाती जैसी कठोर, चिकनी लकड़ी में बारीक काम होता है। शुरुआत के लिए नरम लकड़ी आसान है।
स्याही, दबाव और उल्टी छाप
उभरे हिस्सों पर ब्रश या रोलर से स्याही फैलाओ। ब्लॉक पर नम कागज़ रखो। कागज़ की पीठ पर बारेन (गोल चपटा पैड) या चम्मच की पीठ रगड़ो। फिर कागज़ धीरे से उतारो।
छाप उल्टी (दर्पण रूप) आती है। ब्लॉक पर R हो तो कागज़ पर उल्टा R बनेगा। सीधा पढ़ने लायक छाप चाहिए तो अक्षर उल्टे खोदो।
दबाव ज़रूरी है। कम दबाव से छाप फीकी आती है। ज़्यादा दबाव से स्याही सफ़ेद हिस्सों में फैल जाती है और धब्बा बनता है।
रंगीन छाप और रजिस्ट्रेशन
कई रंगों के चित्र के लिए हर रंग का अलग ब्लॉक बनता है। अक्सर एक ब्लॉक (की-ब्लॉक) में काली बाहरी रेखा होती है, बाकी में रंग के हिस्से। कागज़ बारी-बारी से हर ब्लॉक पर छापा जाता है।
रंग सही जगह पड़ें, इसलिए हर ब्लॉक पर दो छोटे खाँचे काटते हैं, जिन्हें जापान में केन्तो कहते हैं। कागज़ का कोना हर बार उसी खाँचे में बैठता है। इसे रजिस्ट्रेशन कहते हैं।
एक ही ब्लॉकों से बनी सब छापें मिलकर संस्करण (edition) कहलाती हैं। कलाकार उन पर 3/10 जैसे नंबर डालते हैं और पेंसिल से हस्ताक्षर करते हैं।
वुडब्लॉक छापें हमें कहाँ दिखती हैं?
जापान की उकियो-ए तस्वीरें, जिनमें लहरें, पहाड़ और शहर का जीवन है, प्रसिद्ध वुडब्लॉक छापें हैं। चीन और कोरिया की पुरानी किताबें ब्लॉक से छपती थीं। भारत में कपड़े पर ब्लॉक प्रिंट (बगरू, सांगानेर, अजरख) नक्काशीदार लकड़ी के ठप्पों और रंग से बनता है। आज कक्षाओं में बच्चे लिनोकट बनाते हैं। लिनोलियम नरम होता है, पर तरीका वही है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- उभार छपाई: उभरा = स्याही = छपता है
- कटा हुआ = नीचे = सफ़ेद रहता है
- छाप = ब्लॉक का दर्पण रूप (उल्टा)
- संस्करण (edition) = एक ही ब्लॉकों की सब छापें, नंबर 3/10 जैसे
- रजिस्ट्रेशन (केन्तो) = कागज़ को एक जगह रखने वाले खाँचे
- रंगों के लिए ब्लॉक = हर रंग का एक ब्लॉक
हल किए गए उदाहरण
1. एक ब्लॉक पर "BOX" शब्द इस तरह खोदा गया कि ब्लॉक पर सीधा पढ़ा जाता है। छाप में क्या दिखेगा?
छाप उल्टी आएगी, अक्षर उलटे दिखेंगे। BOX सीधा छापना हो तो अक्षर उल्टे रूप में खोदो।
2. एक कलाकार काली रेखा और 2 रंगों की छाप बनाना चाहता है। कितने ब्लॉक चाहिए?
रेखा का 1 ब्लॉक और हर रंग का 1: 1 + 2 = 3 ब्लॉक।
3. छाप में सफ़ेद हिस्से धुँधले हैं और रेखाएँ मोटी हैं। दो संभावित कारण बताओ।
ब्लॉक पर ज़्यादा स्याही या ज़्यादा रगड़ का दबाव। स्याही कटे हिस्सों में दब जाती है।
आम गलतियाँ
- चित्र सीधा काटकर सोचना कि छाप भी वैसी ही आएगी। छाप उल्टी आती है।
- पूरे ब्लॉक पर, कटे हिस्सों पर भी, स्याही लगा देना। सिर्फ़ उभरे हिस्सों पर लगनी चाहिए।
- बहुत ज़्यादा स्याही लेना। बारीक रेखाएँ भर जाती हैं और छाप धुँधली होती है।
- रंगीन छाप में कागज़ को अंदाज़ से रखना। रजिस्ट्रेशन खाँचों के बिना रंग खिसक जाते हैं।