HP, VP और दो दृश्य
दो सपाट परदे सोचो जो एक रेखा पर मिलते हैं। HP (क्षैतिज तल) फ़र्श जैसा है। VP (ऊर्ध्वाधर तल) दीवार जैसा है। प्रथम कोण प्रक्षेप में ठोस HP के ऊपर और VP के सामने रहता है।
- सामने का दृश्य (FV): VP की ओर सामने से देखने पर जो दिखे। यह VP पर बनता है। इसमें ऊँचाई और चौड़ाई दिखती है।
- ऊपर का दृश्य (TV): ऊपर से देखने पर जो दिखे। इसमें चौड़ाई और गहराई दिखती है।
लंब नियमित ठोस का आधार नियमित आकार (वर्ग, षट्भुज, वृत्त) का होता है और उसका अक्ष (आधार के केंद्र से शीर्ष तक की रेखा) आधार पर लंब होता है।
अक्ष HP के लंबवत
ठोस अपने आधार पर खड़ा है। आधार HP के समांतर है, इसलिए ऊपर के दृश्य में आधार का सही आकार दिखता है।
- घन या प्रिज़्म: TV आधार का आकार (वर्ग, षट्भुज...) और FV आयत।
- पिरामिड: TV में आधार और कोनों से केंद्र (शीर्ष) तक रेखाएँ। FV त्रिभुज।
- शंकु: TV में बीच में बिंदु वाला वृत्त। FV त्रिभुज।
- बेलन: TV वृत्त, FV आयत।
- गोला: दोनों दृश्य एक ही माप के वृत्त।
यह सबसे आसान स्थिति है और हर कठिन सवाल का पहला चरण।
अक्ष VP के लंबवत, या दोनों के समांतर
अक्ष VP के लंबवत
अब आधार VP के समांतर है, इसलिए सामने के दृश्य में आधार का सही आकार दिखता है और ऊपर का दृश्य बगल वाला आकार होता है। दीवार की ओर नुकीला शंकु: FV वृत्त और TV त्रिभुज।
अक्ष HP और VP दोनों के समांतर
ठोस इस तरह लेटा है कि अक्ष बाएँ से दाएँ जाता है। बेलन के दो आयत बनते हैं। शंकु के दो त्रिभुज बनते हैं। वर्ग पिरामिड के भी दो त्रिभुज बनते हैं।
नियम: जिस तल पर अक्ष लंब है, उस तल का दृश्य आधार का सही आकार है। जिस तल के अक्ष समांतर है, उस तल का दृश्य बगल का आकार (त्रिभुज या आयत) है।
छिन्नक और अर्धगोला
छिन्नक (frustum) वह शंकु या पिरामिड है जिसका ऊपरी भाग आधार के समांतर तल से कटा हो। उसके दृश्य पूरे ठोस जैसे होते हैं, बस शीर्ष हटा होता है: अक्ष सीधा हो तो FV समलंब चतुर्भुज, और TV में दो संकेंद्री वृत्त (शंकु का छिन्नक) या दो एक के अंदर एक वर्ग जिनके कोने जुड़े हों (वर्ग पिरामिड का छिन्नक)।
अर्धगोला गोले का आधा है। सपाट सतह नीचे हो तो TV वृत्त और FV अर्धवृत्त। सपाट सतह VP की ओर हो तो FV वृत्त और TV अर्धवृत्त।
अक्ष एक तल से झुका: झुकाने की विधि
जब अक्ष HP से φ कोण पर झुका हो (और VP के समांतर हो), तब दो चरण लो।
- पहला चरण: ठोस को आसान स्थिति में बनाओ (अक्ष HP के लंबवत)। FV और TV बनाओ।
- दूसरा चरण: FV को φ से झुकाकर दोबारा बनाओ। उसका आकार वही रहता है। फिर झुके FV से ऊपर की ओर और पहले TV से आर-पार रेखाएँ खींचकर नया TV बनाओ (बिंदुओं की VP से दूरी नहीं बदलती)।
अक्ष VP के समांतर है, इसलिए FV में अक्ष की सही लंबाई और सही कोण φ दिखता है। TV में अक्ष छोटा दिखता है: ऊपर के दृश्य की लंबाई = L cos φ। अगर अक्ष VP से झुका हो तो दोनों दृश्यों की भूमिकाएँ बदल जाती हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अक्ष की सही लंबाई = L (उस दृश्य में जहाँ अक्ष तल के समांतर है)
- HP से φ झुके अक्ष की TV में लंबाई = L cos φ
- VP से θ झुके अक्ष की FV में लंबाई = L cos θ
- अक्ष किसी तल पर लंब हो तो उस तल का दृश्य आधार का सही आकार होता है
- मुख्य शब्द: छिन्नक (frustum) = आधार के समांतर तल से शीर्ष कटा ठोस
हल किए गए उदाहरण
1. आधार पर खड़े बेलन (अक्ष HP के लंबवत) के सामने और ऊपर के दृश्य के नाम बताओ।
आधार HP के समांतर है, इसलिए ऊपर का दृश्य वृत्त है। किनारा सीधा है, इसलिए सामने का दृश्य आयत है: चौड़ाई = व्यास और ऊँचाई = अक्ष।
2. वर्ग पिरामिड का आधार 40 मिमी और अक्ष 60 मिमी है। अक्ष HP के लंबवत है। दोनों दृश्य बताओ।
TV: 40 मिमी का वर्ग और हर कोने से केंद्र तक रेखाएँ। FV: आधार 40 मिमी और ऊँचाई 60 मिमी वाला त्रिभुज, शीर्ष आधार के ठीक बीच के ऊपर।
3. 70 मिमी अक्ष वाला शंकु लेटा है; अक्ष HP के समांतर और VP के लंबवत है, शीर्ष VP की ओर। दृश्य क्या होंगे?
अक्ष VP के लंबवत है, इसलिए FV में आधार का सही आकार: वृत्त। TV में बगल का आकार: 70 मिमी ऊँचाई वाला त्रिभुज जो VP की ओर नुकीला है।
4. 60 मिमी अक्ष वाला पिरामिड ऐसे झुका है कि अक्ष HP से 30° बनाता है और VP के समांतर है। TV में अक्ष कितना लंबा दिखेगा?
अक्ष VP के समांतर है, इसलिए FV में 30° पर 60 मिमी दिखता है। TV की लंबाई = L cos φ = 60 × cos 30° = 60 × 0.866 = लगभग 52 मिमी।
5. बेलन (व्यास 40 मिमी, अक्ष 70 मिमी) का अक्ष HP से 45° झुका और VP के समांतर है। दोनों दृश्य बनाने के चरण लिखो।
पहला चरण: सीधा बेलन बनाओ: TV में 40 मिमी का वृत्त, FV में 40 × 70 का आयत। दूसरा चरण: FV के आयत को झुकाकर बनाओ ताकि अक्ष आधार रेखा से 45° बनाए। झुके FV से ऊपर की ओर और पहले TV से आर-पार रेखाएँ खींचकर TV बनाओ। TV में दोनों सिरों के वृत्त (अब दीर्घवृत्त) स्पर्श रेखाओं से जुड़े आकार में दिखेंगे।
6. शंकु का आधार-व्यास 50 मिमी और अक्ष 60 मिमी है। अक्ष HP से 60° झुका और VP के समांतर है। FV में कोण कितना दिखेगा और TV में अक्ष कितना लंबा?
FV में सही कोण 60° और सही अक्ष-लंबाई 60 मिमी दिखती है। TV में अक्ष = 60 × cos 60° = 30 मिमी।
आम गलतियाँ
- झुके ठोस का आकार बदलकर बना देना। दूसरे चरण में FV का आकार बिल्कुल वही रहता है, केवल स्थिति घूमती है।
- यह भूल जाना कि कौन-सा दृश्य सही है। अक्ष की सही लंबाई उसी दृश्य में दिखती है जहाँ अक्ष उस तल के समांतर है।
- पिरामिड के TV में कोनों से शीर्ष तक की रेखाएँ न बनाना।
- ठोस को HP के नीचे या VP के पीछे रख देना। प्रथम कोण में ठोस HP के ऊपर और VP के सामने रहता है।