कॉटर जोड़ क्या है?
जोड़ दो भागों को मिलाता है। कॉटर जोड़ एक सीध (समाक्ष) वाली दो छड़ों को जोड़ता है जिन पर अक्षीय भार होता है: छड़ की दिशा में खिंचाव (तनाव) या धक्का (संपीडन)। यह अस्थायी (खुलने वाला) जोड़ है: कॉटर निकालकर छड़ें अलग कर सकते हैं। घूमने वाली छड़ के लिए इसका उपयोग नहीं होता, क्योंकि कॉटर ढीला हो सकता है।
कॉटर स्टील की चपटी पट्टी है। इसकी एक तरफ़ तिरछी होती है। इस ढलान को टेपर कहते हैं, आमतौर पर 1 में 30 (1 में 24 तक)। कम ढलान के कारण कॉटर घर्षण से अपने-आप टिका रहता है: यह स्व-ताला (सेल्फ़-लॉकिंग) है। कॉटर के सिरे गोल किए जाते हैं।
स्लीव और कॉटर जोड़
एक ही नाप की दो गोल छड़ों को जोड़ने के लिए।
- भाग: दो छड़ें (मोटे सिरे वाली), एक स्लीव (खोखला बेलन) और दो कॉटर।
- स्लीव और हर छड़ के सिरे में आयताकार खाँचे (स्लॉट) काटे जाते हैं। खाँचे कॉटर की चौड़ाई से थोड़े लंबे होते हैं, जिससे छोटे खाली स्थान बचते हैं जिन्हें क्लीयरेंस (लगभग 3 मिमी) कहते हैं।
- कॉटर ठोकने पर उसकी ढलान हर छड़ को बीच की ओर खींचती है और जोड़ कस जाता है।
सामान्य अनुपात (d = छड़ का व्यास)
छड़ का मोटा सिरा ≈ 1.2d; स्लीव का बाहरी व्यास ≈ 2.5d; स्लीव की लंबाई ≈ 4d; कॉटर की मोटाई ≈ 0.3d; कॉटर की चौड़ाई ≈ 1.2d; ढलान 1 में 30। अलग पुस्तकों में संख्याएँ थोड़ी अलग होती हैं; प्रश्न में दिए माप ही मानिए।
गिब और कॉटर जोड़
चौकोर या आयताकार सिरे वाली छड़ों के लिए, जैसे कनेक्टिंग रॉड का पट्टे वाला सिरा।
- भाग: चौकोर सिरे वाली छड़, उसे लपेटने वाला U-आकार का पट्टा (स्ट्रैप), एक गिब और एक कॉटर।
- गिब स्टील का टुकड़ा है जिसकी एक सीधी सतह और दो मुड़े हुए सिरे (हुक) होते हैं। यह कॉटर के बगल में बैठता है।
- गिब क्यों? कॉटर ठोकते समय घर्षण पट्टे की दोनों भुजाओं को बाहर की ओर फैला देता। गिब के हुक भुजाओं को पकड़े रहते हैं। गिब कॉटर को फिसलने के लिए चौड़ी समतल सतह भी देता है, जिससे घिसाव कम होता है।
- ढलान केवल कॉटर की तरफ़ होती है; गिब की दोनों सतहें समांतर होती हैं। गिब और कॉटर मिलकर समांतर बाहरी सतहों वाला आयत बनाते हैं।
कुछ डिज़ाइनों में दो गिब होते हैं; कॉटर को खिसकने से रोकने के लिए सेट स्क्रू या स्प्लिट पिन लगाई जा सकती है।
छड़ जोड़ कैसे बनाएँ (परीक्षा टिप्स)
प्रश्न में अक्सर सामने का दृश्य (ऊपरी आधा काट में) और बगल का दृश्य, या दिए गए भागों से असेंबली माँगी जाती है।
- पहले केंद्र रेखा खींचिए। सभी माप व्यास d से निकालिए।
- पहले छड़ें, फिर स्लीव या पट्टा, फिर खाँचे, और अंत में कॉटर बनाइए।
- कॉटर की ढलान साफ़ दिखाइए (यह छोटी होती है, कहा जाए तो थोड़ी बढ़ाकर दिखाइए)।
- क्लीयरेंस को छोटे खाली स्थान की तरह दिखाइए। लंबाई में कटी छड़, कॉटर या गिब पर हैचिंग नहीं; स्लीव या पट्टे पर हैचिंग कीजिए।
- शीर्षक, पैमाना और भागों की सूची (छड़, स्लीव, कॉटर, गिब, पट्टा) लिखिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- कॉटर की ढलान = (चौड़ा सिरा − पतला सिरा) ÷ लंबाई ≈ 1/30
- स्लीव का बाहरी व्यास ≈ 2.5d · स्लीव की लंबाई ≈ 4d
- कॉटर की मोटाई ≈ 0.3d · कॉटर की चौड़ाई ≈ 1.2d
- जोड़ पर अक्षीय भार = प्रतिबल × क्षेत्रफल (केवल खिंचाव या धक्का)
हल किए गए उदाहरण
1. एक कॉटर 150 मिमी लंबा है। चौड़ा सिरा 40 मिमी और पतला सिरा 35 मिमी है। ढलान ज्ञात कीजिए।
ढलान = (40 − 35) ÷ 150 = 5 ÷ 150 = 1/30। यानी ढलान 1 में 30 है।
2. छड़ का व्यास d = 30 मिमी है। 2.5d, 4d और 0.3d से स्लीव का बाहरी व्यास, स्लीव की लंबाई और कॉटर की मोटाई निकालिए।
बाहरी व्यास = 2.5 × 30 = 75 मिमी। लंबाई = 4 × 30 = 120 मिमी। कॉटर मोटाई = 0.3 × 30 = 9 मिमी।
3. चौकोर सिरे वाली छड़ को पट्टे से जोड़ना है। कौन-सा जोड़ चुनेंगे और क्यों?
गिब और कॉटर जोड़। चौकोर सिरा पट्टे में फिट होता है, और कॉटर ठोकते समय गिब पट्टे की भुजाओं को खुलने से रोकता है तथा कॉटर को समतल सतह देता है।
4. 1 में 30 ढलान वाला कॉटर 15 मिमी और अंदर ठोका गया। छड़ कितनी खिंचेगी?
बगल की ओर खिसकना = 15 × (1/30) = 0.5 मिमी। छड़ लगभग 0.5 मिमी खिंचती है। कम ढलान से खिंचाव छोटा पर बल बड़ा होता है और कॉटर टिका रहता है।
आम गलतियाँ
- कॉटर को समांतर भुजाओं वाला बनाना: कॉटर की एक तरफ़ हमेशा ढलान (लगभग 1 में 30) होती है।
- खाँचों में क्लीयरेंस भूल जाना: खाली स्थान न हो तो कॉटर छड़ों को पास नहीं खींच सकता।
- घूमने वाले शाफ़्ट के लिए कॉटर जोड़ लगाना: यह अक्षीय खिंचाव या धक्के के लिए है, घूमने के लिए नहीं।
- काट वाले दृश्य में कॉटर, गिब या छड़ पर हैचिंग करना: लंबाई में कटे ठोस भागों पर हैचिंग नहीं होती; स्लीव या पट्टे पर करें।