नवशास्त्रीयता क्या है?
नवशास्त्रीयता यानी 'नया शास्त्रीयवाद'। यहाँ 'शास्त्रीय' का मतलब है प्राचीन यूनान और रोम की कला। लगभग 1750 से 1830 तक यूरोप और अमेरिका के कलाकारों ने वही शांत, संतुलित शैली फिर से अपनाई।
शुरुआत के तीन कारण:
- पॉम्पेई और हरकुलेनियम की खुदाई (1738 और 1748 से) — असली रोमन घर, दीवार-चित्र और मूर्तियाँ मिलीं।
- लेखक विंकेलमान ने यूनानी कला की 'महान सादगी और शांत भव्यता' की तारीफ़ की।
- ज्ञानोदय (Enlightenment): विचारक तर्क, नियम और अच्छे नागरिक को महत्त्व देते थे। अपने नगर के लिए त्याग करने वाले प्राचीन नायक इन विचारों से मेल खाते थे।
यह रोकोको के ख़िलाफ़ प्रतिक्रिया भी थी — अमीर महलों की हल्की, घुमावदार, सजावटी शैली।
नवशास्त्रीय चित्रकला और मूर्तिकला की विशेषताएँ
- रंग से ज़्यादा रेखा: साफ़ ड्रॉइंग, तीखी रूपरेखा; ब्रश के निशान छिपे रहते हैं।
- फ़्रीज़ जैसी रचना: आकृतियाँ एक पंक्ति में, जैसे पत्थर की नक्काशीदार पट्टी।
- साफ़, बराबर रोशनी और सादी पृष्ठभूमि (मेहराब या खंभे)।
- गंभीर विषय: यूनानी-रोमन इतिहास की कहानियाँ — कर्तव्य, त्याग, देशभक्ति।
- आदर्श शरीर: संतुलित, शांत चेहरे।
मुख्य कलाकार
- जाक-लुई दावीद (फ़्रांस): होराती की शपथ (1784), सुकरात की मृत्यु, मरा की मृत्यु। वे फ़्रांसीसी क्रांति और फिर नेपोलियन के चित्रकार बने।
- आंग्र: बहुत चिकने, बारीक पोर्ट्रेट।
- एंजेलिका कॉफ़मान: स्विस चित्रकार, लंदन की रॉयल अकादमी की संस्थापक सदस्य।
- अंतोनियो कनोवा (इटली) और थॉर्वाल्डसेन (डेनमार्क): सफ़ेद संगमरमर के मूर्तिकार।
नवशास्त्रीय वास्तुकला
इमारतों ने यूनानी मंदिरों और रोमन सार्वजनिक भवनों की नक़ल की:
- डोरिक, आयोनिक या कोरिंथियन खंभे।
- पेडिमेंट: खंभों के ऊपर त्रिकोण।
- गुंबद और समरूपता (दोनों आधे हिस्से एक जैसे)।
- सादी दीवारें, कम सजावट।
उदाहरण: पेरिस का पैंथियॉन, बर्लिन का ब्रांडेनबर्ग गेट, लंदन का ब्रिटिश म्यूज़ियम, अमेरिका का कैपिटल। भारत में कोलकाता का टाउन हॉल और मेटकाफ़ हॉल। सरकारों को यह शैली पसंद थी क्योंकि यह मज़बूत, न्यायपूर्ण और पुरानी लगती थी — जैसे गणतंत्र।
विरासत: 1920 के दशक की 'क्रम की ओर वापसी', मेटाफ़िज़िकल चित्रकला और कविता
प्रथम विश्व युद्ध के झटके के बाद कई कलाकार फिर शांति और क्रम चाहते थे। इसे 'क्रम की ओर वापसी' (लगभग 1918–1930) कहते हैं।
- पिकासो ने मूर्ति जैसी भारी शास्त्रीय स्त्रियाँ बनाईं।
- मेटाफ़िज़िकल चित्रकला (जॉर्जो दे किरिको, कार्लो कार्रा): ख़ाली शास्त्रीय चौक, मेहराबें, मूर्तियाँ और बहुत लंबी छायाएँ — शांत पर सपने जैसा अजीब माहौल। आगे चलकर इसने अतियथार्थवाद (Surrealism) को प्रेरित किया।
- संगीत में स्ट्राविंस्की की नवशास्त्रीय रचनाएँ।
- कविता में 1920 के दशक के कीव नवशास्त्रीय कवि (मिकोला ज़ेरोव, मक्सिम रिल्स्की आदि) — सॉनेट जैसे सख़्त छंद, सधी हुई भाषा, प्राचीन संस्कृति के विषय।
यानी बाद की कोई भी कला जो यूनान-रोम का क्रम, संतुलन और स्पष्टता उधार लेती है, 'नवशास्त्रीय' कहलाती है।
करके देखो
अपने शहर की कोई बड़ी सरकारी इमारत देखो या उसकी फ़ोटो लो। गिनो: कितने खंभे? पेडिमेंट है? क्या दोनों तरफ़ एक जैसी है? फिर उसका स्केच बनाकर खंभा, पेडिमेंट और गुंबद पर नाम लिखो। 3D में स्लाइडर से रोकोको सजावट हटाओ और देखो वही इमारत नवशास्त्रीय कैसे बनती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- नवशास्त्रीयता ≈ यूनानी/रोमन आदर्श + सीधी रेखाएँ + संतुलन (समरूपता) + साफ़ रूपरेखा + नैतिक कहानियाँ
- समय: लगभग 1750–1830 (रोकोको के विरुद्ध, स्वच्छंदतावाद से पहले)
- चित्रकला: दावीद, आंग्र, कॉफ़मान · मूर्तिकला: कनोवा, थॉर्वाल्डसेन
- वास्तुकला: खंभे + पेडिमेंट + गुंबद + समरूपता
- विरासत: 1920s 'क्रम की ओर वापसी', मेटाफ़िज़िकल चित्रकला (दे किरिको), नवशास्त्रीय कविता और संगीत
हल किए गए उदाहरण
1. एक चित्र में तीन भाई एक पंक्ति में हाथ उठाकर शपथ ले रहे हैं, पिता तलवारें पकड़े है, पीछे सादी मेहराबें हैं। कौन-सी शैली और क्यों?
नवशास्त्रीयता (दावीद की 'होराती की शपथ', 1784)। सुराग: फ़्रीज़ जैसी पंक्ति, तीखी रूपरेखा, साफ़ रोशनी, सादी मेहराबें और देश के प्रति कर्तव्य की रोमन कहानी।
2. एक इमारत में छह खंभे, ऊपर त्रिकोण और दोनों तरफ़ एक जैसी बनावट है। हिस्सों के नाम और शैली बताओ।
खंभे ऊपर की पट्टी को थामते हैं; त्रिकोण पेडिमेंट है; एक जैसे हिस्से समरूपता दिखाते हैं। यूनानी मंदिर से ली गई ये बातें नवशास्त्रीय इमारत की पहचान हैं।
3. दे किरिको ने 1914 में मेहराबों और लंबी छाया वाला ख़ाली चौक बनाया। क्या यह 18वीं सदी की नवशास्त्रीयता है?
नहीं। यह 20वीं सदी की मेटाफ़िज़िकल चित्रकला है। इसमें शास्त्रीय मेहराबें और मूर्तियाँ (शास्त्रीय विरासत) हैं, पर अजीब सपने जैसा माहौल इसे आधुनिक बनाता है।
आम गलतियाँ
- नवशास्त्रीयता और रोकोको को मिला देना। रोकोको घुमावदार, सुनहरा, चंचल है; नवशास्त्रीयता सीधी, शांत, गंभीर।
- सोचना कि नवशास्त्रीय कला प्राचीन काल में बनी। यह 1750–1830 में बनी, प्राचीन कला की नक़ल करके।
- कहना कि नवशास्त्रीयता भावनाओं और जंगली प्रकृति के बारे में है। वह स्वच्छंदतावाद है, जो बाद में आया।
- सोचना कि सिर्फ़ चित्रकला नवशास्त्रीय थी। मूर्तिकला, वास्तुकला, फ़र्नीचर, संगीत और कविता भी।