Ukraine 11 клас Ukrainian Literature
अध्याय: 9
1. Executed Renaissance and the avant-garde
Literature of the 1920s
- कला और साहित्य में अवाँ-गार्द आंदोलन – अवाँ-गार्द (फ़्रेंच में "अगली टुकड़ी") उन कलाकारों और लेखकों का नाम है जिन्होंने लगभग 1905 से 1970 तक कला के पुराने नियम जान-बूझकर तोड़े। फ्यूचरिज़्म ने रफ़्तार और मशीनों की प्रशंसा की; अभिव्यंजनावाद ने भीतर की भावना दिखाई; दादा ने पहले विश्वयुद्ध के सदमे के बाद बकवास, संयोग और विरोध का सहारा लिया; अतियथार्थवाद ने स्वचालित लेखन से सपनों और अवचेतन को खोजा; रचनावाद ने नए समाज के लिए साफ़, उपयोगी आकार बनाए। दो विश्वयुद्धों के बीच अवाँ-गार्द कवियों ने तुक और तय छंद छोड़े, पन्ने पर शब्दों के आकार से खेले और शहरों व मशीनों पर लिखा। 1945 के बाद फ़्लक्सस जैसे समूहों ने कला को घटनाओं और रोज़मर्रा के कामों में बदल दिया।
2. Poetic self-expression
P. Tychyna and Ye. Pluzhnyk · Kyiv neoclassicists
- नवशास्त्रीयता: यूनान और रोम की ओर लौटती कला – नवशास्त्रीयता (लगभग 1750–1830) कला, इमारतों और साहित्य की एक शैली थी जिसने प्राचीन यूनान और रोम के शांत क्रम को अपनाया। पॉम्पेई की खुदाई और ज्ञानोदय के तर्क-प्रेम से यह बढ़ी। इसमें सीधी रेखाएँ, संतुलन, साफ़ रूपरेखा, सफ़ेद संगमरमर और कर्तव्य की गंभीर कहानियाँ थीं — चंचल रोकोको के उलट। मुख्य नाम: दावीद, आंग्र, एंजेलिका कॉफ़मान, कनोवा। 1920 के दशक में 'क्रम की ओर वापसी' और मेटाफ़िज़िकल चित्रकला में यह फिर लौटी।
3. Prose of the 1920s
M. Khvylovyi, Yu. Yanovskyi, V. Pidmohylnyi · Ostap Vyshnia
जल्द आ रहा है
4. Modern drama
M. Kulish
- नाटक: तत्व, मंचकला और प्रस्तुति – नाटक ऐसी कहानी है जिसे अभिनेता पात्र बनकर दर्शकों के सामने करके दिखाते हैं। हर नाटक में पात्र होते हैं जो कुछ चाहते हैं, उनकी चाहतें टकराती हैं तो द्वंद्व बनता है, कथानक तनाव को चरम तक ले जाकर सुलझाता है, और साथ में संवाद, परिवेश और विषय होते हैं। मंच पर अभिनेता आवाज़ और शरीर से काम करते हैं, और प्रकाश, सेट, वेशभूषा व ध्वनि मंचन को पूरा करते हैं।
5. Western Ukrainian literature and emigration
B.-I. Antonych and O. Turianskyi · Literature in emigration
जल्द आ रहा है
6. Wartime literature
O. Dovzhenko and O. Honchar
जल्द आ रहा है
7. The Sixtiers
Poets of the 1960s · Prose of the 1960s
जल्द आ रहा है
8. Artist and society; stoic poetry
L. Kostenko · V. Stus
- अस्तित्ववाद: आप वही हैं जो आप चुनते हैं – अस्तित्ववाद (Existentialism) 19वीं–20वीं सदी की एक सोच है जो इंसान की ज़िंदगी को देखती है। मुख्य बात: इंसान के लिए अस्तित्व सार से पहले आता है। औज़ार का उद्देश्य पहले तय होता है; इंसान पहले पैदा होता है, फिर अपने चुनावों से खुद को बनाता है। इसलिए हम स्वतंत्र हैं, और इस आज़ादी के साथ चिंता और पूरी ज़िम्मेदारी आती है। यास्पर्स ने बताया कि सीमा-स्थितियाँ (मृत्यु, दुख, संघर्ष, अपराध-बोध) हमें जगाती हैं। भीड़ या किस्मत के पीछे छिपना बुरा विश्वास है; अपने चुनाव अपनाना प्रामाणिकता है। प्रमुख विचारक: कीर्केगार्द, नीत्शे, हाइडेगर, यास्पर्स, सार्त्र, सिमोन द बोउवार, कामू; स्पेनी विचार में उनामुनो और ओर्तेगा इ गासेत।
9. Contemporary Ukrainian literature
Literature at the turn of the 21st century · Local literature and review
- साहित्य में उत्तर-आधुनिकतावाद – उत्तर-आधुनिकतावाद 20वीं सदी के उत्तरार्ध की कला और लेखन की एक शैली और दृष्टि है। यह बड़ी, सुघड़ कहानियों और एक ही सच पर शक करता है। मुख्य विशेषताएँ: टूटे या उलझे कथानक, व्यंग्य और खेल, दूसरी रचनाओं या खुद की ओर संकेत करने वाली रचनाएँ (अंतर्पाठीयता), गंभीर और लोकप्रिय संस्कृति का मेल, कई वक्ता और बेतुकापन। अर्थ बनाने में पाठक की भी भूमिका होती है।