Ukraine 11 клас Ukrainian Literature (profile level)
अध्याय: 8
1. Literary and artistic avant-garde
Avant-garde and futurism
- कला और साहित्य में अवाँ-गार्द आंदोलन – अवाँ-गार्द (फ़्रेंच में "अगली टुकड़ी") उन कलाकारों और लेखकों का नाम है जिन्होंने लगभग 1905 से 1970 तक कला के पुराने नियम जान-बूझकर तोड़े। फ्यूचरिज़्म ने रफ़्तार और मशीनों की प्रशंसा की; अभिव्यंजनावाद ने भीतर की भावना दिखाई; दादा ने पहले विश्वयुद्ध के सदमे के बाद बकवास, संयोग और विरोध का सहारा लिया; अतियथार्थवाद ने स्वचालित लेखन से सपनों और अवचेतन को खोजा; रचनावाद ने नए समाज के लिए साफ़, उपयोगी आकार बनाए। दो विश्वयुद्धों के बीच अवाँ-गार्द कवियों ने तुक और तय छंद छोड़े, पन्ने पर शब्दों के आकार से खेले और शहरों व मशीनों पर लिखा। 1945 के बाद फ़्लक्सस जैसे समूहों ने कला को घटनाओं और रोज़मर्रा के कामों में बदल दिया।
2. Modernism of the 1920s–30s
Neoclassicists and lyric poets · O. Turianskyi · Prose of the 1920s
- नवशास्त्रीयता: यूनान और रोम की ओर लौटती कला – नवशास्त्रीयता (लगभग 1750–1830) कला, इमारतों और साहित्य की एक शैली थी जिसने प्राचीन यूनान और रोम के शांत क्रम को अपनाया। पॉम्पेई की खुदाई और ज्ञानोदय के तर्क-प्रेम से यह बढ़ी। इसमें सीधी रेखाएँ, संतुलन, साफ़ रूपरेखा, सफ़ेद संगमरमर और कर्तव्य की गंभीर कहानियाँ थीं — चंचल रोकोको के उलट। मुख्य नाम: दावीद, आंग्र, एंजेलिका कॉफ़मान, कनोवा। 1920 के दशक में 'क्रम की ओर वापसी' और मेटाफ़िज़िकल चित्रकला में यह फिर लौटी।
- अभिव्यंजनावाद: जो दिखता है नहीं, जो महसूस होता है – अभिव्यंजनावाद (लगभग 1905–1925) एक आधुनिक कला आंदोलन था जो बाहर की दुनिया नहीं, अंदर की भावनाएँ दिखाता था। कलाकार आकार मोड़ते, असली न लगने वाले तेज़ रंग और खुरदुरे ब्रश-स्ट्रोक लगाते थे — डर, ग़ुस्सा, ख़ुशी या अकेलापन दिखाने के लिए। अग्रदूत: वान गॉग और मुंक। पेरिस में फ़ॉविज़्म (माटीस) ने रंग को आज़ाद किया; जर्मनी में डी ब्रुके (किर्शनर) ने नुकीले आकार और डेर ब्लाउए राइटर (कैंडिंस्की, मार्क) ने रंग को आत्मिक भावना माना। फ़िल्म, नाटक, कविता और कहानी पर भी इसका असर पड़ा।
3. Modern drama and theatre
M. Kulish
- नाटक: तत्व, मंचकला और प्रस्तुति – नाटक ऐसी कहानी है जिसे अभिनेता पात्र बनकर दर्शकों के सामने करके दिखाते हैं। हर नाटक में पात्र होते हैं जो कुछ चाहते हैं, उनकी चाहतें टकराती हैं तो द्वंद्व बनता है, कथानक तनाव को चरम तक ले जाकर सुलझाता है, और साथ में संवाद, परिवेश और विषय होते हैं। मंच पर अभिनेता आवाज़ और शरीर से काम करते हैं, और प्रकाश, सेट, वेशभूषा व ध्वनि मंचन को पूरा करते हैं।
4. Emigration and wartime prose
I. Bahrianyi and O. Dovzhenko
जल्द आ रहा है
5. The Sixtiers
Poetry of the Sixtiers · Prose and poetry of the era
जल्द आ रहा है
6. Socialist-realist era (overview)
Literary process 1950s–1990s
जल्द आ रहा है
7. Crimean Tatar literature
E. Umerov
जल्द आ रहा है
8. Postmodernism and after
Contemporary literature · Local literature and review
- साहित्य में उत्तर-आधुनिकतावाद – उत्तर-आधुनिकतावाद 20वीं सदी के उत्तरार्ध की कला और लेखन की एक शैली और दृष्टि है। यह बड़ी, सुघड़ कहानियों और एक ही सच पर शक करता है। मुख्य विशेषताएँ: टूटे या उलझे कथानक, व्यंग्य और खेल, दूसरी रचनाओं या खुद की ओर संकेत करने वाली रचनाएँ (अंतर्पाठीयता), गंभीर और लोकप्रिय संस्कृति का मेल, कई वक्ता और बेतुकापन। अर्थ बनाने में पाठक की भी भूमिका होती है।