Ukraine 9 клас Ukrainian Literature
अध्याय: 7
1. Introduction
Content and form in art
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2. Early modernism
Modernism as a style of the era · Neoromantic and symbolist lyric · Impressionist prose · Dramatic poem · Neoclassicism
- प्रभाववाद (इम्प्रेशनिज़्म) – प्रभाववाद (Impressionism) 1860–1870 के दशक में फ़्रांस में शुरू हुआ कला आंदोलन था। क्लॉद मोने, पियेर-ऑगस्त रेनुआ, एडगर देगा, कामी पिसारो, आल्फ़्रेड सिसले, बर्थ मोरिसो और मैरी कसाट जैसे चित्रकार बाहर खुली हवा में, जल्दी-जल्दी चित्र बनाते थे ताकि एक पल की बदलती रोशनी और माहौल पकड़ सकें। वे चमकीले, शुद्ध रंगों को दिखते ब्रश-स्ट्रोक में साथ-साथ रखते, छाया को रंगीन बनाते और रोज़ के आधुनिक जीवन को चित्रित करते थे। 1874 में पेरिस में उनकी पहली प्रदर्शनी का आलोचकों ने मज़ाक़ उड़ाया और मोने के चित्र 'इम्प्रेशन, सनराइज़' से नाम पड़ा। इसके बाद उत्तर-प्रभाववाद (सरा, वान गॉग, सेज़ान, गोगाँ) और आधुनिक कला आई; यह शब्द संगीत (दबूसी) और साहित्य के लिए भी इस्तेमाल हुआ।
- नाटक: तत्व, मंचकला और प्रस्तुति – नाटक ऐसी कहानी है जिसे अभिनेता पात्र बनकर दर्शकों के सामने करके दिखाते हैं। हर नाटक में पात्र होते हैं जो कुछ चाहते हैं, उनकी चाहतें टकराती हैं तो द्वंद्व बनता है, कथानक तनाव को चरम तक ले जाकर सुलझाता है, और साथ में संवाद, परिवेश और विषय होते हैं। मंच पर अभिनेता आवाज़ और शरीर से काम करते हैं, और प्रकाश, सेट, वेशभूषा व ध्वनि मंचन को पूरा करते हैं।
- नवशास्त्रीयता: यूनान और रोम की ओर लौटती कला – नवशास्त्रीयता (लगभग 1750–1830) कला, इमारतों और साहित्य की एक शैली थी जिसने प्राचीन यूनान और रोम के शांत क्रम को अपनाया। पॉम्पेई की खुदाई और ज्ञानोदय के तर्क-प्रेम से यह बढ़ी। इसमें सीधी रेखाएँ, संतुलन, साफ़ रूपरेखा, सफ़ेद संगमरमर और कर्तव्य की गंभीर कहानियाँ थीं — चंचल रोकोको के उलट। मुख्य नाम: दावीद, आंग्र, एंजेलिका कॉफ़मान, कनोवा। 1920 के दशक में 'क्रम की ओर वापसी' और मेटाफ़िज़िकल चित्रकला में यह फिर लौटी।
3. Late modernism
Adventure novel · Song lyric and the Sixtiers · Psychological prose about childhood
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4. Crimean Tatar literature
Crimea and its literature
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5. Panorama of contemporary poetry
Contemporary poetry
- साहित्य में उत्तर-आधुनिकतावाद – उत्तर-आधुनिकतावाद 20वीं सदी के उत्तरार्ध की कला और लेखन की एक शैली और दृष्टि है। यह बड़ी, सुघड़ कहानियों और एक ही सच पर शक करता है। मुख्य विशेषताएँ: टूटे या उलझे कथानक, व्यंग्य और खेल, दूसरी रचनाओं या खुद की ओर संकेत करने वाली रचनाएँ (अंतर्पाठीयता), गंभीर और लोकप्रिय संस्कृति का मेल, कई वक्ता और बेतुकापन। अर्थ बनाने में पाठक की भी भूमिका होती है।
6. Contemporary youth prose
Genres of modern youth prose
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7. Local literature, new books, review
Reading beyond the core list
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