खाद्य प्रयोगशाला के बुनियादी काम (Basic operations)
हर जाँच एक जैसी शुरू होती है। पहले प्रतिनिधि नमूना लो: भोजन को पीसकर या मिलाकर ऐसा बनाओ कि छोटा टुकड़ा पूरे भोजन जैसा हो। फिर विश्लेषणात्मक तराज़ू पर तौलो (यह 0.0001 ग्राम तक बताती है)। साफ़ और सूखे बर्तन लो और हर वज़न लिखो। गरम करने के लिए ओवन या मफ़ल भट्ठी और तरल नापने के लिए पिपेट या ब्यूरेट काम आते हैं। हर जाँच कम से कम दो बार करो। दोनों नतीजे पास-पास हों तो भरोसा कर सकते हैं।
मात्रात्मक विश्लेषण (Quantitative analysis): कितना है
गुणात्मक जाँच बताती है कि क्या है (जैसे "इसमें स्टार्च है")। मात्रात्मक जाँच बताती है कि कितना है (जैसे "100 ग्राम में 20 ग्राम स्टार्च")। तीन तरीके चलते हैं। भार-विधि (gravimetric) में तौलते हैं: सूखा वज़न, राख, वसा। अनुमापन (titration) में जाने हुए घोल को तब तक मिलाते हैं जब तक रंग न बदले: नाइट्रोजन, अम्लता, विटामिन C। यंत्र-विधि में प्रकाश या दूसरे संकेत काम आते हैं।
प्रतिशत = (हिस्से का द्रव्यमान ÷ नमूने का द्रव्यमान) × 100।
पानी की मात्रा (Water content)
पानी सुखाकर निकाला जाता है। नमूना तौलो, ओवन में लगभग 105 °C पर तब तक सुखाओ जब तक वज़न घटना बंद न हो, डेसिकेटर में ठंडा करो और फिर तौलो।
पानी % = (वज़न की कमी ÷ शुरू का वज़न) × 100
पानी इसलिए ज़रूरी है कि इससे तय होता है कि भोजन कितनी जल्दी ख़राब होगा, कैसा स्वाद देगा और उसका दाम क्या होगा। बहुत मीठे या तैलीय भोजन को कम गरमी पर निर्वात (vacuum) में सुखाते हैं ताकि वे जलें नहीं।
प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट
प्रोटीन। भोजन में नाइट्रोजन का मुख्य स्रोत प्रोटीन है। केल्डाल विधि में नमूने को गरम अम्ल में गलाते हैं, फिर नाइट्रोजन इकट्ठा करके अनुमापन से नापते हैं। प्रोटीन = नाइट्रोजन × 6.25 (क्योंकि प्रोटीन में लगभग 16% नाइट्रोजन होता है)।
वसा। नमूना सुखाओ, फिर सॉक्स्लेट उपकरण में पेट्रोलियम ईथर जैसे सॉल्वेंट से धोओ। सॉल्वेंट उड़ाकर वसा तौल लो।
कार्बोहाइड्रेट। आमतौर पर अंतर से निकालते हैं: 100 − (पानी + राख + वसा + प्रोटीन)। शर्करा और स्टार्च की सीधी जाँच भी होती है।
खनिज और विटामिन (Minerals and vitamins)
राख और खनिज। नमूने को मफ़ल भट्ठी में लगभग 550 °C पर जलाओ। कार्बन, हाइड्रोजन और नाइट्रोजन गैस बनकर उड़ जाते हैं। भूरी-सफ़ेद राख कुल खनिज की मात्रा बताती है। कैल्शियम या आयरन जैसे अलग खनिज के लिए राख को घोलकर अनुमापन या यंत्र से नापते हैं।
विटामिन। विटामिन बहुत कम (मिलीग्राम या माइक्रोग्राम) होते हैं और कई रोशनी या गरमी से टूट जाते हैं, इसलिए धीमी, खास विधियाँ चलती हैं। विटामिन C को नीले रंग के घोल से अनुमापन करके नापते हैं, जो रंगहीन हो जाता है। दूसरे विटामिन HPLC यंत्र से अलग करके नापे जाते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पानी % = (वज़न की कमी ÷ नमूने का वज़न) × 100
- राख % = (राख का वज़न ÷ नमूने का वज़न) × 100
- प्रोटीन % = नाइट्रोजन % × 6.25
- कार्बोहाइड्रेट % = 100 − (पानी + राख + वसा + प्रोटीन)
- मुख्य शब्द: प्रतिनिधि नमूना, भार-विधि, अनुमापन (titration), सॉक्स्लेट, केल्डाल, डेसिकेटर, मफ़ल भट्ठी
हल किए गए उदाहरण
1. 5.00 ग्राम नमूना सुखाने के बाद 3.40 ग्राम रहा। पानी का प्रतिशत निकालो।
कमी = 5.00 − 3.40 = 1.60 ग्राम। पानी % = 1.60 ÷ 5.00 × 100 = 32%।
2. 2.0 ग्राम आटे से 0.0196 ग्राम नाइट्रोजन मिला। प्रोटीन प्रतिशत निकालो।
नाइट्रोजन % = 0.0196 ÷ 2.0 × 100 = 0.98%। प्रोटीन % = 0.98 × 6.25 ≈ 6.1%।
3. एक भोजन में पानी 12%, राख 1%, वसा 2% और प्रोटीन 9% है। कार्बोहाइड्रेट निकालो।
जोड़ = 12 + 1 + 2 + 9 = 24। कार्बोहाइड्रेट = 100 − 24 = 76%।
4. 10 ग्राम मेवों से सॉक्स्लेट निकासी के बाद 4.5 ग्राम वसा मिली। वसा कितने प्रतिशत है?
4.5 ÷ 10 × 100 = 45% वसा।
आम गलतियाँ
- गरम नमूना तौलना। गरम हवा ऊपर उठती है और तराज़ू कम वज़न दिखाती है। पहले डेसिकेटर में ठंडा करो।
- नाइट्रोजन को 6.25 से गुणा करना भूल जाना और नाइट्रोजन को ही प्रोटीन लिख देना।
- पानी का प्रतिशत निकालते समय सूखे वज़न से भाग देना। भाग शुरू के वज़न से देना है।
- सिर्फ़ एक बार नापकर मान लेना। हमेशा दोहराओ और मिलाओ।