प्लवक का जीवन: ये क्या हैं
प्लवक (plankton) पानी में तैरने वाले छोटे जीव हैं। ये इतने कमज़ोर होते हैं कि लहरों और धाराओं के विरुद्ध नहीं तैर पाते, इसलिए बहते रहते हैं। कई इतने छोटे हैं कि सूक्ष्मदर्शी चाहिए। कुछ, जैसे जेलीफ़िश, बड़े भी होते हैं।
प्लवक समुद्र की ऊपरी 100 से 200 मीटर में रहते हैं, जहाँ रोशनी पहुँचती है। ये झीलों और नदियों में भी होते हैं।
पादप प्लवक: समुद्र के किसान
पादप प्लवक (phytoplankton) में हरा रंग (क्लोरोफ़िल) होता है। धूप में ये कार्बन डाइऑक्साइड और पानी से शर्करा बनाते हैं। इसे प्रकाश-संश्लेषण कहते हैं। ये ऑक्सीजन भी छोड़ते हैं। ये समुद्र के उत्पादक हैं।
इन्हें दो चीज़ें चाहिए: रोशनी और पोषक तत्व (नाइट्रेट, फॉस्फेट)। दोनों भरपूर हों तो ये बहुत तेज़ बढ़ते हैं। इसे ब्लूम कहते हैं। कुछ ब्लूम (लाल ज्वार) ज़हर बनाते हैं और मछलियाँ मार सकते हैं।
जंतु प्लवक: छोटे चरने वाले
जंतु प्लवक (zooplankton) भोजन नहीं बना सकते। ये पादप प्लवक या दूसरे जंतु प्लवक खाते हैं, इसलिए ये उपभोक्ता हैं। मछली, केकड़े आदि के अंडे और शिशु (लार्वा) भी इनमें आते हैं।
कई जंतु प्लवक रोज़ ऊपर-नीचे जाते हैं, इसे ऊर्ध्वाधर प्रवास कहते हैं: रात में खाने ऊपर, दिन में देखकर शिकार करने वाली मछलियों से बचने नीचे।
मुख्य प्लवक जो आपको जानने चाहिए
- डायटम: काँच जैसे (सिलिका) खोल वाले पादप प्लवक। ठंडे, पोषक पानी में बहुत।
- डाइनोफ़्लैजेलेट: दो कोड़े जैसी पूँछ वाले पादप प्लवक। कुछ रात में चमकते हैं, कुछ लाल ज्वार बनाते हैं।
- कोपेपॉड: झींगे जैसे नन्हे जंतु प्लवक, समुद्र के सबसे ज़्यादा संख्या वाले जानवर।
- क्रिल: छोटे झींगे जैसे जंतु प्लवक, व्हेल और पेंगुइन का भोजन।
- लार्वा: मछली, केकड़े, तारा मछली के शिशु जो कुछ समय बहते हैं।
- जेलीफ़िश: बड़े बहने वाले जीव; धारा के विरुद्ध नहीं तैर पाते, इसलिए प्लवक गिने जाते हैं।
प्लवक क्यों ज़रूरी हैं
1. पादप प्लवक दुनिया की लगभग आधी ऑक्सीजन बनाते हैं। 2. ये समुद्री खाद्य जाल का आधार हैं। 3. ये कार्बन डाइऑक्साइड सोखकर जलवायु संतुलित रखते हैं। 4. जहाँ प्लवक ज़्यादा, वहाँ मछली ज़्यादा। 5. मरे प्लवक नीचे बैठकर समुद्र तल की मिट्टी बनाते हैं। एक स्तर से अगले स्तर तक सिर्फ़ लगभग 10% ऊर्जा जाती है, इसलिए एक बड़ी मछली के लिए बहुत सारे प्लवक चाहिए।
खुद करके देखिए
3D में स्लाइडर शून्य पर और फिर पूरा करके देखिए। हरे बिंदु गिनिए। अनुमान लगाइए: हरे बिंदु ख़त्म हों तो नारंगी बिंदुओं का क्या होगा? घर पर: तालाब का पानी काँच के जार में एक हफ़्ता धूप में रखिए। पानी हरा हो जाएगा: पादप प्लवक बढ़ गए। (पानी पीजिए नहीं।)
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: प्लवक = बहने वाले; पादप प्लवक = उत्पादक; जंतु प्लवक = उपभोक्ता
- खाद्य श्रृंखला: पादप प्लवक → जंतु प्लवक → छोटी मछली → बड़ी मछली
- प्रकाश-संश्लेषण: कार्बन डाइऑक्साइड + पानी → शर्करा + ऑक्सीजन (रोशनी में)
- 10% नियम: अगले स्तर तक सिर्फ़ लगभग 10% ऊर्जा जाती है
- ब्लूम = रोशनी + पोषक तत्व + शांत पानी
हल किए गए उदाहरण
1. समुद्री पानी की एक बूँद में हरी, काँच के खोल वाली कोशिका है। यह कौन-सा प्लवक है?
हरी है, यानी भोजन बनाती है: पादप प्लवक। काँच (सिलिका) का खोल बताता है कि यह डायटम है।
2. जंतु प्लवक दिन में नीचे और रात में ऊपर क्यों जाते हैं?
मछलियाँ देखकर शिकार करती हैं। दिन में गहरा अँधेरा पानी छिपाता है। रात में ऊपर सुरक्षित हैं और वहीं पादप प्लवक भोजन है।
3. तालाब में पादप प्लवक के पास 1000 इकाई ऊर्जा है। 10% नियम से जंतु प्लवक और फिर छोटी मछली तक कितनी पहुँचेगी?
जंतु प्लवक: 1000 का 10% = 100 इकाई। छोटी मछली: 100 का 10% = 10 इकाई।
आम गलतियाँ
- सारे प्लवक को पौधे समझना। जंतु प्लवक जानवर हैं।
- प्लवक को हमेशा छोटा मानना। जेलीफ़िश बड़ी है पर बहती है, इसलिए प्लवक है।
- प्लवक को गहरे अँधेरे समुद्र में मानना। पादप प्लवक को रोशनी चाहिए, इसलिए ऊपर रहते हैं।
- हर ब्लूम को अच्छा मानना। कुछ ब्लूम (लाल ज्वार) ज़हरीले हैं और ऑक्सीजन घटाते हैं।