DNA क्या है?
DNA (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल) वह लंबा अणु है जो जीव के निर्देश रखता है। यह अधिकतर केंद्रक में गुणसूत्रों के रूप में पैक रहता है। इसकी बनावट पढ़ने से पहले देखो कि यह आनुवंशिक पदार्थ क्यों है: DNA आनुवंशिक पदार्थ है।
निर्माण इकाई: न्यूक्लियोटाइड
DNA छोटी इकाइयों की बहुत लंबी लड़ी है, जिन्हें न्यूक्लियोटाइड कहते हैं। हर न्यूक्लियोटाइड के तीन भाग हैं:
- एक फ़ॉस्फ़ेट समूह,
- एक शर्करा जिसे डीऑक्सीराइबोज़ कहते हैं (पाँच कार्बन वाली शर्करा),
- एक नाइट्रोजनी क्षार: एडेनीन (A), थाइमीन (T), ग्वानीन (G) या साइटोसीन (C)।
शर्करा और फ़ॉस्फ़ेट एक के बाद एक जुड़कर स्ट्रैंड की रीढ़ बनाते हैं। क्षार रीढ़ से अंदर की ओर सीढ़ी की डंडियों जैसे लटकते हैं।
क्षार दो आकार के होते हैं: A और G प्यूरीन हैं (दो छल्ले, बड़े)। T और C पिरिमिडीन हैं (एक छल्ला, छोटे)।
क्षार युग्मन: A के साथ T, G के साथ C
दो स्ट्रैंड आमने-सामने होते हैं और उनके क्षार बीच में मिलते हैं। जोड़ियाँ तय हैं:
- A, T से जुड़ता है, 2 हाइड्रोजन बंध से।
- G, C से जुड़ता है, 3 हाइड्रोजन बंध से।
A, G से क्यों नहीं? दोनों बड़े हैं, इसलिए जोड़ी बहुत चौड़ी होकर उभर जाएगी। बड़ा और छोटा क्षार मिलकर हर जगह एक-सी चौड़ाई (लगभग 2 nm) देते हैं, और हाइड्रोजन बंध केवल A-T और G-C में ठीक बैठते हैं। A और T को पूरक कहते हैं, वैसे ही G और C को।
हाइड्रोजन बंध अकेले कमज़ोर हैं, पर हज़ारों मिलकर कुंडली को मज़बूती से थामते हैं, और कोशिका को कॉपी या पढ़ने के लिए खोलना हो तो आसानी से खुल जाते हैं।
दोहरी कुंडली का आकार और विपरीत-समानांतर स्ट्रैंड
- दोनों स्ट्रैंड एक-दूसरे के चारों ओर दाहिने हाथ की सर्पिल बनाते हैं।
- चौड़ाई: लगभग 2 nm।
- एक पूरा घुमाव: 10 क्षार-युग्म, यानी 3.4 nm लंबा। इसलिए पास-पास के दो क्षार-युग्मों के बीच 0.34 nm की दूरी है।
- विपरीत-समानांतर (antiparallel): दोनों स्ट्रैंड उलटी दिशाओं में चलते हैं। एक 5′ से 3′, दूसरा 3′ से 5′। 5′ और 3′ नाम शर्करा के उन कार्बन परमाणुओं से आते हैं जहाँ लड़ी शुरू और खत्म होती है।
चारगाफ़ का नियम और आकार की खोज
अर्विन चारगाफ़ ने कई प्रजातियों के DNA में क्षार गिने और पाया: A की संख्या = T की संख्या, और G की संख्या = C की संख्या। इसलिए A + G = T + C। A + T और G + C का अनुपात अलग-अलग प्रजातियों में अलग होता है, जो हर प्रजाति को अलग बनाने का एक हिस्सा है।
1953 में जेम्स वाटसन और फ़्रांसिस क्रिक ने तीन सुराग जोड़े: चारगाफ़ की गिनती, रोज़ालिंड फ़्रैंकलिन और मॉरिस विल्किन्स की X-किरण तस्वीरें, और क्षारों के आकार। उन्होंने A-T और G-C जोड़ों वाली दोहरी कुंडली का मॉडल बनाया। इससे तुरंत समझ आया कि DNA की कॉपी कैसे बनती है: हर स्ट्रैंड दूसरे को बनाने की जानकारी रखता है।
DNA का मॉडल बनाना
मॉडल बनाने के चरण:
- एक स्ट्रैंड बनाओ: क्षारों का क्रम लिखो, जैसे A T G C।
- नियम (A-T, G-C) से हर साथी खोजो: T A C G।
- डंडियों से दोनों स्ट्रैंड जोड़ो और उन्हें विपरीत-समानांतर रखो।
- सीढ़ी को दाहिने हाथ का मोड़ दो, हर 10 जोड़ों पर एक घुमाव।
इसे आख़िरी चरण में 3D में करके देखो।
करके देखो: टॉफ़ी से DNA मॉडल
घर पर: 4 रंग की नरम टॉफ़ी या मिट्टी की गोलियाँ लो: A = लाल, T = पीला, G = हरा, C = नीला। रीढ़ के लिए दो लंबी सींकें (या स्ट्रॉ) लो। एक सींक पर 8 क्षारों का स्ट्रैंड बनाओ, फिर दूसरी सींक पर साथी क्षार लगाओ। हर जोड़ी जाँचो: लाल के साथ पीला, हरे के साथ नीला। अब दोनों सींकें एक-दूसरे पर लपेटो, 10 जोड़ों के बाद एक घुमाव।
3D में: आख़िरी चरण पर हर साथी क्षार चुनो। गलत चुनने पर मॉडल बता देता है। सभी 12 सही होने पर सीढ़ी अपने-आप मुड़ जाती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- क्षार जोड़ियाँ: A = T (2 हाइड्रोजन बंध), G ≡ C (3 हाइड्रोजन बंध)
- चारगाफ़: A = T, G = C, इसलिए A + G = T + C
- एक घुमाव = 10 क्षार-युग्म = 3.4 nm; एक क्षार-युग्म = 0.34 nm; चौड़ाई = 2 nm
- DNA की लंबाई (nm) = क्षार-युग्मों की संख्या × 0.34
- हाइड्रोजन बंध = 2 × (A-T जोड़े) + 3 × (G-C जोड़े)
हल किए गए उदाहरण
1. एक स्ट्रैंड 5′-ATGCCA-3′ है। दूसरा स्ट्रैंड लिखो।
हर क्षार का साथी लगाओ: A-T, T-A, G-C, C-G, C-G, A-T। साथी स्ट्रैंड TACGGT है (पहले के नीचे 3′ से 5′ पढ़ते हुए, क्योंकि स्ट्रैंड उलटी दिशा में चलते हैं)। 5′ से 3′ लिखें तो यह TGGCAT है।
2. एक DNA नमूने में 30% एडेनीन है। T, G और C के प्रतिशत निकालो।
A = T, इसलिए T = 30%। A + T = 60%, बाकी 40% G + C का है। G = C, इसलिए G = 20% और C = 20%।
3. DNA के एक टुकड़े में 8 A-T जोड़े और 6 G-C जोड़े हैं। उसमें कुल कितने हाइड्रोजन बंध हैं? और वह कितना लंबा है?
बंध: 8 × 2 = 16 और 6 × 3 = 18, कुल 34। लंबाई: 14 क्षार-युग्म × 0.34 nm = 4.76 nm।
आम गलतियाँ
- A को G से या C को T से जोड़ना। केवल A-T और G-C ठीक बैठते हैं।
- कहना कि A-T में 3 हाइड्रोजन बंध हैं। A-T में 2 और G-C में 3 होते हैं।
- सोचना कि A और G का प्रतिशत बराबर है। A = T और G = C होता है; A और G अक्सर अलग होते हैं।
- भूल जाना कि स्ट्रैंड विपरीत-समानांतर हैं: एक 5′ से 3′, दूसरा 3′ से 5′।