परियोजना क्या माँगती है और कैसे चुनें
पाठ्यक्रम में परियोजना कार्य के लिए 20 अंक हैं। तीन में से कोई एक चुनो। वही चुनो जिसे आप किसी छोटी दुकान, परिवार के व्यापार या काल्पनिक व्यापारी के असली या वास्तविक-से आँकड़ों से पूरा कर सको।
परियोजना में सही प्रविष्टियाँ, सुघड़ काम, साफ़ फ़ाइल और आपने जो किया उसे समझाने की क्षमता देखी जाती है। अपने आँकड़े लो; किसी और की फ़ाइल की नक़ल मत करो।
परियोजना क: स्रोत दस्तावेज़ और वाउचर से लेखा
स्रोत दस्तावेज़ किसी सौदे के पहले कागज़ हैं: बीजक या बिल (उधार ख़रीद-बिक्री), कैश मेमो (नक़द बिक्री), रसीद (मिला पैसा), जमा पर्ची, चेक की पर्ची, डेबिट और क्रेडिट नोट।
कदम:
- एक महीने के 15 से 25 दस्तावेज़ इकट्ठा करो या बनाओ।
- हर एक जाँचो: तारीख़, पक्ष, राशि, हस्ताक्षर।
- हर एक का वाउचर (क्रमांक वाला प्रमाण) बनाओ, जैसे प्राप्ति वाउचर या भुगतान वाउचर।
- वाउचरों से तारीख़ के क्रम में जर्नल या रोकड़ बही में लिखो।
- खाताबही में खतौनी करो और वाउचर क्रमांक से फ़ाइल करो।
नियम: कागज़ नहीं, तो प्रविष्टि नहीं।
परियोजना ख: 20 से 25 लेन-देन का बैंक मिलान
आपकी रोकड़ बही (बैंक स्तंभ) और बैंक की पासबुक एक ही सौदे दर्ज करती हैं, पर अलग समय पर, इसलिए शेष अलग होते हैं।
आम कारण:
- चेक जारी हुआ पर अभी बैंक में प्रस्तुत नहीं हुआ।
- चेक जमा हुआ पर अभी वसूल (क्रेडिट) नहीं हुआ।
- बैंक शुल्क या ब्याज जो बैंक ने डाला पर आपने अभी नहीं लिखा।
- सीधी जमा या स्थायी निर्देश जिनका आपको पता नहीं था।
कदम: 20 से 25 सौदे दोनों बहियों में लिखो, मिले जोड़ों पर निशान लगाओ, न मिले मद सूचीबद्ध करो, बैंक की ओर की मदों (शुल्क, ब्याज) से अपनी रोकड़ बही अद्यतन करो, फिर विवरण बनाओ।
पासबुक शेष = अद्यतन रोकड़ बही शेष + जारी पर अप्रस्तुत चेक − जमा पर अवसूल चेक (जब रोकड़ बही बैंक में शेष दिखाए)।
पूरी विधि बैंक मिलान विवरण पाठ में।
परियोजना ग: सरल GST के साथ एकल व्यापारी के पूरे खाते
एकल व्यापारी अकेले व्यापार का मालिक होता है। किसी छोटे व्यापारी (कपड़े की दुकान, किराना) का एक महीना या एक साल बनाओ।
- हर सौदे की जर्नल प्रविष्टि (प्रारंभिक पूँजी सहित)।
- खाताबही के खाते (रोकड़, बैंक, क्रय, विक्रय, व्यय, पक्ष)।
- तलपट: कुल नामे = कुल जमा।
- व्यापार खाता (सकल लाभ), लाभ-हानि खाता (शुद्ध लाभ) और तुलन पत्र।
- चार्ट: महीने की बिक्री का दंड चार्ट, व्ययों का वृत्त चार्ट।
सरल GST: व्यापारी बिक्री पर GST वसूलता है (आउटपुट) और ख़रीद पर GST देता है (इनपुट)। देय GST = आउटपुट GST − इनपुट GST। उदाहरण: ₹20,000 की बिक्री पर 18% से आउटपुट ₹3,600। ₹10,000 की ख़रीद पर 18% से इनपुट ₹1,800। भुगतान ₹1,800।
फ़ाइल कैसे सजाएँ
पन्नों का क्रम: आवरण पृष्ठ (नाम, कक्षा, स्कूल, विषय), अनुक्रमणिका, परिचय (क्या चुना और क्यों), काम (दस्तावेज़, बहियाँ, विवरण), सार (क्या सीखा, एक-दो निष्कर्ष) और स्रोत।
अपने शब्दों में लिखो, प्रविष्टियाँ सुघड़ रखो, पन्नों पर संख्या डालो, और "आपके शेष अलग क्यों थे?" जैसे सवालों के जवाब के लिए तैयार रहो।
करके देखो
1. एक हफ़्ते तक घर का हर बिल और रसीद रखो (फल वाला, रिचार्ज, स्कूल की स्टेशनरी)। हर एक को तारीख़, राशि और किसने दिया के साथ तालिका में लिखो।
2. 10 प्रविष्टियों की एक पासबुक बनाओ और वही 10 रोकड़ बही में लिखो, पर दो चेक "अभी पास नहीं हुए" लिखो। अंतर ख़ुद ढूँढो।
3. मान लो तुमने ₹100 की 5 चीज़ें 18% GST के साथ बेचीं। तुमने कितना GST वसूला?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पासबुक शेष = अद्यतन रोकड़ बही शेष + जारी पर अप्रस्तुत चेक − जमा पर अवसूल चेक
- GST राशि = मूल्य × दर ÷ 100
- देय GST = आउटपुट GST (बिक्री) − इनपुट GST (ख़रीद)
- तलपट: कुल नामे = कुल जमा
- सकल लाभ = शुद्ध बिक्री − बिके माल की लागत
हल किए गए उदाहरण
1. रिया ने एक बैग नक़द ₹500 में बेचा। कौन-सा स्रोत दस्तावेज़ और कौन-सी बही?
स्रोत दस्तावेज़: कैश मेमो। प्राप्ति वाउचर बनाओ। रोकड़ बही (प्राप्ति पक्ष) और विक्रय खाते में लिखो।
2. रोकड़ बही में बैंक शेष ₹24,000। जारी पर अप्रस्तुत चेक ₹6,000। जमा पर अवसूल चेक ₹4,000। बैंक शुल्क ₹200 रोकड़ बही में नहीं। बैंक ने ब्याज ₹500 जमा किया जो रोकड़ बही में नहीं। पासबुक शेष ज्ञात करो।
रोकड़ बही अद्यतन: 24,000 − 200 + 500 = 24,300। पासबुक = 24,300 + 6,000 − 4,000 = 26,300।
3. एक व्यापारी ने ₹50,000 का माल 18% GST सहित ख़रीदा और ₹80,000 का माल 18% GST सहित बेचा। देय GST ज्ञात करो।
इनपुट GST = 50,000 × 18% = 9,000। आउटपुट GST = 80,000 × 18% = 14,400। देय = 14,400 − 9,000 = 5,400।
आम गलतियाँ
- स्रोत दस्तावेज़ या वाउचर के बिना सौदा बहियों में लिख देना।
- समय के दोनों मद (अप्रस्तुत, अवसूल) एक ही तरह जोड़ देना। अप्रस्तुत चेक जुड़ते हैं; अवसूल जमा घटते हैं (जब बैंक शेष से शुरू करो)।
- मिलान से पहले बैंक शुल्क और ब्याज से रोकड़ बही अद्यतन करना भूलना।
- GST उस राशि पर निकालना जिसमें GST पहले से शामिल है, या इनपुट और आउटपुट गड़बड़ करना।