व्यावसायिक संयोजन के रूप
व्यावसायिक संयोजन यानी कंपनियों का जुड़ना। मुख्य रूप:
- विलय (समावेशन): एक कंपनी दूसरी की संपत्ति और देनदारी ले लेती है और दूसरी खत्म। या दो मिलकर नई बनाती हैं।
- नियंत्रण का अधिग्रहण: खरीदार (मूल कंपनी) दूसरी कंपनी (सहायक) के आधे से ज़्यादा मतदान शेयर खरीदता है। दोनों कानूनन अलग रहती हैं।
- शेयर-अदला-बदली / होल्डिंग कंपनी: शेयर बदले जाते हैं, या नई होल्डिंग कंपनी कई कंपनियों की मालिक बनती है।
क्यों जुड़ें: बड़े होने, नया बाज़ार पाने, लागत बचाने, कौशल या तकनीक पाने के लिए।
विलय के बाद वित्तीय विवरण
विलय के बाद नई कंपनी एक विवरण बनाती है। खरीदार जो पाता है (संपत्ति और देनदारी) उसे उचित मूल्य पर आँकता है।
ख्याति = दिया दाम − प्राप्त शुद्ध संपत्ति का उचित मूल्य (संपत्ति − देनदारी)।
उदाहरण: दाम 130, शुद्ध संपत्ति 100, ख्याति 30। ख्याति एक संपत्ति है जो ब्रांड, ग्राहकों और कौशल का अतिरिक्त मूल्य दिखाती है। इसे समय के साथ घटाया जाता है (या मूल्य-हानि जाँची जाती है)। दाम कम हो तो अंतर लाभ है (सस्ता सौदा)।
समेकित विवरण तैयार करना
मूल और सहायक की अलग बहियाँ रहती हैं, पर पाठक समूह की एक तस्वीर चाहते हैं। चरण:
- दोनों कंपनियों की मिलती पंक्तियाँ जोड़ें।
- निवेश हटाएँ: मूल के "सहायक में शेयर" को सहायक की पूँजी में मूल के हिस्से से मिलाएँ। अंतर ख्याति है।
- गैर-नियंत्रक हित (बाहरी मालिकों का हिस्सा): मूल 80% का मालिक हो तो सहायक की पूँजी और लाभ का 20% बाहरी हित के रूप में दिखाएँ।
- भीतरी लेन-देन हटाएँ: समूह कंपनियों के बीच बिक्री और आपसी देय-प्राप्य।
- समूह के भीतर बिना बिके माल पर अवास्तविक लाभ हटाएँ।
सिर्फ़ समूह के बाहर वालों से लेन-देन बचते हैं।
समेकित कर-प्रभाव लेखांकन
कर हर कंपनी अपने लाभ पर देती है। समूह अवास्तविक लाभ हटाता है तो विक्रेता उस पर कर दे चुका होता है। समूह का लाभ घटता है, कर नहीं। इस समय-अंतर को आस्थगित कर सुलझाता है।
उदाहरण: अवास्तविक लाभ 20, कर दर 30%। समूह 20 लाभ हटाता है और 6 की आस्थगित कर संपत्ति (20 × 30%) मानता है। समूह लाभ में शुद्ध कमी = 20 − 6 = 14।
माल बाहर बिकने पर लाभ असली बनता है और आस्थगित कर संपत्ति खप जाती है। अधिग्रहण पर सहायक की संपत्ति उचित मूल्य पर आँकने से भी कर-प्रभाव बनता है (प्रायः आस्थगित कर देनदारी)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: मूल = नियंत्रक; सहायक = नियंत्रित
- ख्याति = दाम − शुद्ध संपत्ति में हिस्सा
- गैर-नियंत्रक हित = बाहरी % × सहायक की पूँजी
- समेकित = जोड़ − भीतरी मदें
- अवास्तविक लाभ = बिक्री मूल्य − लागत (बिना बिके माल पर)
- आस्थगित कर संपत्ति = अवास्तविक लाभ × कर दर
हल किए गए उदाहरण
1. कंपनी A विलय से B को लेती है और 130 के शेयर देती है। B की संपत्ति (उचित) 150 और देनदारी 50 है। ख्याति निकालिए।
शुद्ध संपत्ति = 150 − 50 = 100। ख्याति = 130 − 100 = 30।
2. मूल P, S की 100% मालिक है। P की कुल संपत्ति 300 है जिसमें S में निवेश 80 है। S की संपत्ति 120 और पूँजी 80 है। समेकित संपत्ति?
जोड़: 300 + 120 = 420। निवेश 80 को S की पूँजी 80 से हटाएँ: 420 − 80 = 340। दाम पूँजी के बराबर है, इसलिए ख्याति नहीं।
3. P, S की 100 शुद्ध संपत्ति के 80% के लिए 90 देती है। ख्याति और गैर-नियंत्रक हित निकालिए।
शुद्ध संपत्ति में हिस्सा = 80% × 100 = 80। ख्याति = 90 − 80 = 10। गैर-नियंत्रक हित = 20% × 100 = 20।
4. P, S को 60 लागत का माल 80 में बेचती है। S के पास सारा माल है। कर दर 30%। समेकन समायोजन क्या हैं?
समूह के भीतर बिक्री 80 और लागत 80 हटाएँ। अवास्तविक लाभ = 80 − 60 = 20, S के स्टॉक से हटाएँ (स्टॉक 60 पर)। आस्थगित कर संपत्ति = 20 × 30% = 6। समूह लाभ में कमी 20 − 6 = 14।
आम गलतियाँ
- सहायक में निवेश और सहायक की पूँजी, दोनों जोड़ देना। इन्हें हटाना है।
- मूल 100% से कम की मालिक हो तो गैर-नियंत्रक हित भूल जाना।
- भीतरी बिक्री और देय-प्राप्य को समूह विवरण में छोड़ देना।
- अवास्तविक लाभ हटाना पर आस्थगित कर प्रभाव भूल जाना।