कौन असुरक्षित है और क्यों?
असुरक्षितता (vulnerability) यानी नुकसान की संभावना ज़्यादा और खुद को बचाने की ताकत कम। यह उम्र, बीमारी, विकलांगता, गरीबी, परिवार खोने, आपदा या भेदभाव से आती है।
- बच्चे: पूरी तरह बड़ों पर निर्भर; खतरे: भूख, बीमारी, शोषण, बाल श्रम, माता-पिता खोना, स्कूल न जाना।
- युवा: खतरे: पढ़ाई छोड़ना, नौकरी या कौशल न होना, नशा, अपराध, मानसिक तनाव, कम उम्र में शादी।
- बुज़ुर्ग: खतरे: बीमारी, विकलांगता, आय न होना, अकेलापन, उपेक्षा या दुर्व्यवहार।
सहायता सेवाएँ सुरक्षा जाल की तरह हैं: लोगों को गहरी मुसीबत में गिरने से पहले थाम लेती हैं।
छोटे बच्चों के लिए सेवाएँ
समेकित बाल विकास सेवाएँ
कई देश 6 साल से छोटे बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए सामुदायिक केंद्र चलाते हैं। भारत की समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) आँगनवाड़ी केंद्रों से छह सेवाएँ देती है:
- पूरक पोषण
- टीकाकरण
- स्वास्थ्य जाँच
- अस्पताल के लिए रेफ़रल
- पूर्व-विद्यालय (अनौपचारिक) शिक्षा
- माताओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा
जो बच्चे अपने परिवार के साथ नहीं रह सकते
बच्चे की सबसे अच्छी जगह परिवार है। इसलिए पसंद का क्रम है:
- गोद लेना (दत्तक ग्रहण): बच्चा कानूनी रूप से नए माता-पिता की स्थायी संतान बनता है, सभी अधिकारों के साथ। यह मान्य एजेंसी और अदालत या सरकारी आदेश से होता है।
- पालन-पोषण देखभाल और परिवार-शैली के बाल ग्राम: जैसे SOS बाल ग्राम, जहाँ कुछ बच्चे एक घर में स्नेही "माँ" के साथ परिवार की तरह रहते हैं, पास के स्कूल जाते हैं और साथ बड़े होते हैं।
- बाल गृह: सरकार या NGO की संस्थाएँ जो आश्रय, भोजन, शिक्षा और देखभाल देती हैं। जब परिवार वाला विकल्प न हो तब, और मौका मिलते ही बच्चा परिवार में जाए।
युवाओं के लिए कार्यक्रम
- पढ़ाई न छूटे इसके लिए शिक्षा और छात्रवृत्ति।
- नौकरी या स्वरोज़गार के लिए कौशल प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप।
- स्वास्थ्य, नेतृत्व और नागरिकता के लिए खेल, स्काउट-गाइड और स्वयंसेवा (जैसे राष्ट्रीय सेवा योजना और युवा क्लब)।
- किशोर स्वास्थ्य: पोषण, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, यौन और प्रजनन स्वास्थ्य जानकारी।
- नशे और अपराध से बचाव: जागरूकता और नशा मुक्ति केंद्र।
बुज़ुर्गों के लिए कार्यक्रम
- वृद्धावस्था पेंशन: कम आय वाले बुज़ुर्गों को हर महीने पैसा।
- स्वास्थ्य सेवा: वृद्ध (जेरियाट्रिक) क्लिनिक, स्वास्थ्य बीमा, मुफ़्त दवाइयाँ।
- डे केयर केंद्र: बुज़ुर्ग दिन भर दूसरों के साथ रहते, खाते, गतिविधि करते और शाम को घर जाते हैं।
- वृद्धाश्रम: जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं।
- हेल्पलाइन और कानूनी सुरक्षा: कई देशों में कानून बच्चों को माता-पिता के भरण-पोषण का ज़िम्मेदार बनाते हैं, और दुर्व्यवहार के खिलाफ़ हेल्पलाइन हैं।
- सक्रिय बुढ़ापा: क्लब, सीखना, स्वयंसेवा, ताकि बुज़ुर्ग अपना कौशल और सम्मान बनाए रखें।
खुद करो
किसी बुज़ुर्ग पड़ोसी या दादा-दादी से 10 मिनट बात करो। पूछो उन्हें सबसे ज़्यादा किस मदद की ज़रूरत है: स्वास्थ्य, पैसा, साथ, या कुछ और। इस पाठ की कौन-सी सेवा फ़िट बैठती है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- असुरक्षित = ज़्यादा खतरा + खुद को बचाने की कम ताकत
- मुख्य असुरक्षित समूह: बच्चे, युवा, बुज़ुर्ग (और विकलांग, संकट में महिलाएँ)
- बाल विकास सेवाएँ: पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जाँच, रेफ़रल, पूर्व-विद्यालय, स्वास्थ्य शिक्षा
- बिना परिवार वाले बच्चे: गोद लेना → पालन-पोषण / बाल ग्राम → बाल गृह (आखिरी)
- युवा: शिक्षा, कौशल, खेल, स्वास्थ्य, परामर्श
- बुज़ुर्ग: पेंशन, स्वास्थ्य सेवा, डे केयर, वृद्धाश्रम, हेल्पलाइन, सक्रिय बुढ़ापा
हल किए गए उदाहरण
1. गरीब परिवार का 4 साल का बच्चा कम वज़न का है और उसके टीके छूट गए हैं। कौन-सी सेवा मदद करेगी, कैसे?
बाल विकास (आँगनवाड़ी जैसा) केंद्र: पूरक भोजन देता है, छूटे टीके लगवाता है, वृद्धि जाँचता है, ज़रूरत हो तो डॉक्टर के पास भेजता है, और पूर्व-विद्यालय पढ़ाई देता है।
2. 7 साल की बच्ची के माता-पिता नहीं रहे और कोई रिश्तेदार देखभाल नहीं कर सकता। विकल्प पसंद के क्रम में क्या हैं?
पहले मान्य एजेंसी से नए स्थायी परिवार द्वारा गोद लेना। संभव न हो तो पालन-पोषण देखभाल या परिवार-शैली का बाल ग्राम। बाल गृह आखिरी विकल्प, और केवल परिवार मिलने तक।
3. 72 साल के व्यक्ति अकेले रहते हैं, आय नहीं है और मधुमेह है। तीन सेवाएँ बताओ।
1. पैसे के लिए वृद्धावस्था पेंशन। 2. मधुमेह की दवाओं के लिए सरकारी स्वास्थ्य सेवा या बीमा। 3. साथ और भोजन के लिए डे केयर केंद्र या वरिष्ठ नागरिक क्लब। आपात स्थिति में बुज़ुर्ग हेल्पलाइन।
आम गलतियाँ
- मानना कि अनाथ बच्चों के लिए बाल गृह पहली पसंद है। परिवार आधारित देखभाल (गोद लेना, पालन-पोषण, बाल ग्राम) पहले आती है।
- मानना कि केवल गरीब असुरक्षित हैं। बीमारी, विकलांगता, अकेलापन और आपदा किसी को भी असुरक्षित बना सकते हैं।
- मानना कि बाल विकास केंद्र केवल खाना देता है। वह टीके, स्वास्थ्य जाँच, रेफ़रल, पूर्व-विद्यालय और माताओं को शिक्षा भी देता है।
- मानना कि गोद लेना बिना कागज़ के हो सकता है। कानूनी गोद लेना मान्य एजेंसी और सरकारी आदेश से होता है।