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विधियों (कानूनों) का वर्गीकरण

कानून हज़ारों हैं, इसलिए हम उन्हें समूहों में बाँटते हैं। विषय से: सार्वजनिक विधि (जिसमें राज्य एक पक्ष हो) और निजी विधि (लोगों के बीच)। स्वभाव से: मूल विधि (अधिकार व कर्तव्य) और प्रक्रिया विधि (उन्हें लागू करने के कदम)। उद्देश्य से: सिविल विधि (पीड़ित को राहत) और आपराधिक विधि (राज्य द्वारा सज़ा)। क्षेत्र से: अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य या स्थानीय विधि। एक ही कानून कई समूहों में आ सकता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह कानूनों का ढेर है। हर रंगीन डिब्बा एक कानून है। समझने के लिए हम इन्हें समूहों में बाँटेंगे।
  2. छँटाई 1, विषय से: क्या राज्य (सरकार) एक पक्ष है? हाँ = सार्वजनिक विधि। नहीं, सिर्फ़ लोग या कंपनियाँ = निजी विधि।
  3. छँटाई 2, स्वभाव से: कानून अधिकार और कर्तव्य देता है (मूल विधि) या उन्हें लागू करने के कदम (प्रक्रिया विधि)?
  4. छँटाई 3, उद्देश्य से: पीड़ित को राहत देता है (सिविल) या गलत करने वाले को सज़ा (आपराधिक)?
  5. छँटाई 4, क्षेत्र से: कानून देशों के बीच चलता है, पूरे देश में, या एक राज्य या शहर में?
  6. अब आप: कोई भी कानून और छँटाई का आधार चुनो, और देखो डिब्बा कहाँ जाता है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

एक ही डिब्बा अलग-अलग खानों में क्यों जाता है?

क्योंकि हर छँटाई अलग सवाल पूछती है। चोरी का कानून एक साथ सार्वजनिक, मूल, आपराधिक और राष्ट्रीय है।

आपराधिक विधि सार्वजनिक है या निजी?

सार्वजनिक। अपराध को समाज के विरुद्ध गलत माना जाता है, इसलिए राज्य मुकदमा चलाता है।

क्या सिविल विधि और निजी विधि एक ही हैं?

बहुत हद तक मिलती हैं, पर विचार अलग है। निजी विधि बताती है कौन शामिल है; सिविल बताती है उद्देश्य (राहत)।

छँटाई 3 में संधि और उपनियम बीच में क्यों रहते हैं?

ये मुख्य रूप से लोगों के बीच हर्जाने या सज़ा के बारे में नहीं हैं। संधि देशों को बाँधती है; उपनियम छोटे जुर्माने वाला नियम है।

क्या प्रक्रिया संहिता मूल विधि से कम ज़रूरी है?

नहीं। बिना प्रक्रिया के अधिकार लागू नहीं हो सकते। निष्पक्ष प्रक्रिया अपने आप में एक अधिकार है।

कानूनों का वर्गीकरण क्यों?

एक देश में हज़ारों कानून होते हैं। वर्गीकरण का मतलब है चीज़ों को किसी साझा गुण के आधार पर समूहों में रखना। कानून का समूह पता हो, तो पता चलता है कि केस कौन करेगा, कौन-सी अदालत सुनेगी और नतीजा क्या हो सकता है।

कोई एक तय सूची नहीं है। सबसे काम के चार आधार हैं: विषय, स्वभाव, उद्देश्य और क्षेत्र (अधिकार-क्षेत्र)। करके देखो: 3D में आधार बदलो और देखो वही डिब्बा अलग खाने में जाता है।

विषय से: सार्वजनिक विधि और निजी विधि

सार्वजनिक विधि (Public law) राज्य से जुड़ी है: राज्य कैसे बना है और लोगों से कैसे व्यवहार करता है। उदाहरण: संवैधानिक विधि, प्रशासनिक विधि, आपराधिक विधि, कर (टैक्स) विधि।

निजी विधि (Private law) आम लोगों और कंपनियों के आपसी रिश्तों से जुड़ी है। उदाहरण: अनुबंध विधि, संपत्ति विधि, पारिवारिक विधि, अपकृत्य विधि (टॉर्ट, जैसे लापरवाही से नुकसान)।

आसान जाँच: क्या सरकार, सरकार के रूप में, एक पक्ष है? हाँ = सार्वजनिक। नहीं = निजी।

स्वभाव से: मूल विधि और प्रक्रिया विधि

मूल (सारभूत) विधि असली अधिकार, कर्तव्य और गलत काम तय करती है। यह बताती है, "क्या करना ठीक है? अपराध क्या है? मालिक कौन है?" जैसे चोरी को दंडनीय बताने वाला कानून।

प्रक्रिया विधि अदालत में अधिकार लागू करने के कदम बताती है: केस कैसे दायर करें, सबूत कैसे दें, अपील कैसे करें, समय सीमा क्या है। जैसे सिविल प्रक्रिया संहिता, दंड प्रक्रिया की संहिता, साक्ष्य का कानून।

खेल की तरह सोचो: मूल विधि खेल के नियम है; प्रक्रिया विधि बताती है कि रेफ़री मैच कैसे चलाएगा।

उद्देश्य से: सिविल विधि और आपराधिक विधि

सिविल विधिआपराधिक विधि
केस कौन शुरू करता है?पीड़ित व्यक्ति (वादी)राज्य (अभियोजन)
उद्देश्यराहत: हर्जाना, कोई काम करने या रोकने का आदेशसज़ा: जुर्माना, जेल; समाज की रक्षा
कितना सबूतज़्यादा संभावना (संभावनाओं का संतुलन)उचित संदेह से परे
उदाहरणअनुबंध तोड़ना, ज़मीन का झगड़ा, तलाकचोरी, मारपीट, हत्या, धोखाधड़ी

एक ही काम से दोनों केस हो सकते हैं: शराब पीकर गाड़ी चलाने वाला किसी को घायल करे, तो राज्य उस पर आपराधिक केस करेगा और घायल व्यक्ति हर्जाने का सिविल केस भी कर सकता है।

क्षेत्र और अधिकार-क्षेत्र से

अधिकार-क्षेत्र (Jurisdiction) का मतलब है वह इलाका या विषय जिस पर किसी कानून या अदालत की ताकत चलती है।

कानूनों को स्रोत से भी बाँटते हैं: लिखित (संसद के बनाए, संहिताबद्ध कानून) और अलिखित (रिवाज़, अदालतों के फ़ैसलों से बना कानून); या सामान्य कानून (सबके लिए) और विशेष या व्यक्तिगत कानून (किसी समूह के लिए, जैसे भारत में अलग-अलग धर्मों के विवाह के व्यक्तिगत कानून)।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. चोरी को अपराध बनाने वाले कानून को चारों आधारों पर बाँटो।

विषय: सार्वजनिक (राज्य केस चलाता है)। स्वभाव: मूल (गलत काम तय करता है)। उद्देश्य: आपराधिक (सज़ा)। क्षेत्र: राष्ट्रीय (पूरे देश में)।

2. रवि ने ऑनलाइन लैपटॉप खरीदा, पर वह कभी नहीं आया। वह पैसे वापस पाने अदालत जाता है। कौन-से कानून लगेंगे?

अनुबंध और उपभोक्ता कानून उसे अधिकार देते हैं (निजी, मूल, सिविल)। सिविल प्रक्रिया संहिता बताती है कि केस कैसे दायर करें और चलाएँ (प्रक्रिया)।

3. एक शहर नियम बनाता है कि दुकानें रात 10 बजे तक तेज़ संगीत बंद करें। इसे बाँटो।

क्षेत्र से यह स्थानीय विधि (उपनियम) है। विषय से सार्वजनिक, क्योंकि नगर सरकार लोगों पर नियम लगा रही है। यह मूल विधि है, क्योंकि यह एक कर्तव्य तय करता है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. दो आम व्यक्तियों के बीच का कानून कहलाता है:
2. इनमें प्रक्रिया विधि कौन-सी है?
3. आपराधिक विधि का मुख्य उद्देश्य है:
4. शहर का पार्किंग उपनियम किसका उदाहरण है?
5. संवैधानिक विधि किसका भाग है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कानून का मुख्य वर्गीकरण क्या है?

सार्वजनिक व निजी; मूल व प्रक्रिया; सिविल व आपराधिक; और क्षेत्र से: अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय। लिखित-अलिखित और सामान्य-व्यक्तिगत भी।

सार्वजनिक और निजी विधि में क्या अंतर है?

सार्वजनिक विधि में राज्य शामिल होता है (संविधान, प्रशासन, अपराध, कर)। निजी विधि व्यक्तियों के बीच होती है (अनुबंध, संपत्ति, परिवार, अपकृत्य)।

देशीय (municipal) विधि क्या है?

किसी देश का अपना अंदरूनी कानून, अंतरराष्ट्रीय विधि के उलट। इसका मतलब सिर्फ़ नगर का कानून नहीं है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 11विधिशास्त्र, विधि की प्रकृति और स्रोत

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