चलाने, इंजन और संचार के उपकरण
उपकरण (equipment) यानी वे औज़ार और मशीनें जो जहाज़ अपने काम के लिए रखता है।
व्हीलहाउस (ब्रिज) वह कमरा है जहाँ से कप्तान जहाज़ चलाता है। वहाँ पहिया, कम्पास, रडार और नक्शा होता है। पीछे लगा पतवार (rudder) जहाज़ को मोड़ता है। इंजन प्रोपेलर को घुमाता है और प्रोपेलर जहाज़ को आगे धकेलता है। बात करने के लिए रेडियो है, जिसका एंटीना मस्तूल पर लगा है। साथ में सैटेलाइट फ़ोन और GPS भी होता है जो जहाज़ की जगह बताता है।
यह सब क्यों? समुद्र में रास्ता दिखता नहीं। कप्तान को दिशा, जगह और ख़तरा पता होना चाहिए और मदद बुलाने की सुविधा भी चाहिए।
लंगर और माल उठाने के उपकरण
मूरिंग (mooring) यानी जहाज़ को एक जगह रोके रखना। बंदरगाह पर जहाज़ को मज़बूत रस्सों से किनारे से बाँधा जाता है। किनारे से दूर वह लंगर (anchor) डालता है, एक भारी धातु का काँटा जो समुद्र की तली में धँस जाता है।
विंच (winch) मोटर से घूमने वाला ड्रम है जो रस्सी और लंगर की ज़ंजीर खींचता है। लंगर वाली विंच को विंडलास कहते हैं।
माल के लिए बूम या क्रेन (उठाने वाली भुजा) और डेरिक काम आते हैं। मछली के जहाज़ पर यही मछली और बर्फ़ के डिब्बे उठाते हैं।
जहाज़ का सामान (Ship's stores)
जहाज़ का सामान (stores) वह है जो सफ़र में खर्च होता है: खाना, पीने का पानी, ईंधन, तेल, रस्सियाँ, पेंट और फ़ालतू पुर्ज़े।
चालक दल को पूरे सफ़र के लिए और देरी के लिए थोड़ा अतिरिक्त सामान गिनकर रखना पड़ता है। ईंधन जहाज़ में नीचे टंकियों में रहता है। जो खाना ख़राब होता है वह फ्रिज में रहता है। समुद्र के बीच कार्यशाला नहीं होती, इसलिए फ़ालतू पुर्ज़े साथ रखे जाते हैं।
सुरक्षा और सफ़ाई की सुविधाएँ
सुरक्षा उपकरण जान बचाते हैं। इनके तीन भाग हैं। जान बचाने वाले: लाइफ़बोट, लाइफ़ राफ़्ट, लाइफ़ जैकेट, लाइफ़बॉय (तैरने वाला छल्ला)। आग बुझाने वाले: अग्निशामक, पाइप और पंप। संकेत देने वाले: फ़्लेयर, बत्तियाँ और भोंपू।
सफ़ाई की सुविधाएँ (sanitary) लोगों को स्वस्थ रखती हैं: टॉयलेट, शावर, साफ़ पीने के पानी की टंकी, और कपड़े-बर्तन धोने की जगह। छोटे भीड़-भरे जहाज़ पर गंदगी से बीमारी जल्दी फैलती है।
मछली पकड़ने के उपकरण
अलग तरीके के लिए अलग औज़ार चाहिए। ट्रॉलर जाल को घसीटता है। पर्स सीनर लंबे जाल से मछलियों को घेरकर थैली की तरह बंद कर देता है। लॉन्गलाइनर एक लंबी रस्सी पर बहुत सारे काँटे लगाता है।
जहाज़ पर आम औज़ार: जाल का ड्रम (जाल लपेटने और रखने के लिए), विंच (खींचने के लिए), फ़िश फ़ाइंडर (गूँज वाली मशीन जो जहाज़ के नीचे मछलियाँ दिखाती है), तैरने वाले गोले और वज़न। फ़िश फ़ाइंडर नीचे आवाज़ भेजकर मछलियों से लौटी गूँज सुनता है।
फ्रीज़र और ठंडा भंडार
गरम मछली में कीटाणु जल्दी बढ़ते हैं, इसलिए मछली जल्दी ख़राब होती है। ठंड कीटाणुओं को धीमा कर देती है। इसीलिए पकड़ी हुई मछली को ठंडा रखा जाता है।
तीन तरीके हैं। बर्फ़: मछली को कुचली बर्फ़ की परतों के बीच रखते हैं (लगभग 0 डिग्री)। ठंडा समुद्री पानी: मछली ठंडे किए पानी में रहती है। फ्रीज़र और ठंडा भंडार: मछली को कड़ी जमाकर, अकसर -20 डिग्री या उससे कम पर, ढके हुए मछली-कमरे में रखते हैं। कम्प्रेसर और पाइप कमरे की गरमी बाहर निकालते हैं, जैसे घर के फ्रिज में।
करके देखें (Try it)
3D में: सूची से हर समूह चुनें। पहले अंदाज़ा लगाएँ कि कौन-सा भाग उसका है, फिर नाम पढ़ें। घर पर: एक कटोरी पानी फ्रीज़र में और एक फ्रिज में रखें। देखें कौन-सा बर्फ़ बनता है। इसीलिए जहाज़ पर सिर्फ़ ठंडा कमरा नहीं, फ्रीज़र भी होता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: व्हीलहाउस (चलाने का कमरा), पतवार (मोड़ने वाला), विंच (रस्सी खींचने वाली), बूम (उठाने वाली भुजा), लाइफ़बॉय (तैरता छल्ला)।
- मछली भंडारण का तापमान: बर्फ़ लगभग 0 °C; जमा हुआ भंडार लगभग -20 °C या उससे कम।
- सफ़र का ईंधन = रोज़ का ईंधन × दिन + अतिरिक्त।
हल किए गए उदाहरण
1. एक मछली की नाव रोज़ 150 लीटर ईंधन जलाती है। सफ़र 12 दिन का है। मालिक 20% अतिरिक्त चाहता है। कितना ईंधन भरना चाहिए?
ज़रूरी ईंधन = 150 × 12 = 1800 लीटर। अतिरिक्त 20% = 1800 × 0.20 = 360 लीटर। कुल = 1800 + 360 = 2160 लीटर।
2. 10 लोगों का दल रोज़ हर आदमी 3 लीटर पानी पीता है। 8 दिन के लिए कितना पानी चाहिए?
एक दिन में = 10 × 3 = 30 लीटर। 8 दिन में = 30 × 8 = 240 लीटर।
3. मछली-कमरे में मछली को 25 डिग्री C से -20 डिग्री C तक ठंडा करना है। तापमान कितने डिग्री गिरना चाहिए?
गिरावट = 25 - (-20) = 25 + 20 = 45 डिग्री C।
आम गलतियाँ
- लंगर को चलते जहाज़ को रोकने वाला समझना। वह जहाज़ को एक जगह टिकाए रखता है; रुकने का काम इंजन करता है।
- जहाज़ के सामान (खाना, ईंधन, पुर्ज़े) और माल (cargo) को एक मान लेना। माल वह है जो दूसरों के लिए ढोया जाता है।
- बर्फ़ और फ्रीज़र को एक जैसा मानना। बर्फ़ लगभग 0 °C देती है; फ्रीज़र -20 °C या कम तक जाता है और मछली बहुत ज़्यादा टिकती है।
- सफ़ाई की सुविधा को सुरक्षा से अलग मानना। गंदा पानी और ख़राब टॉयलेट समुद्र में बीमारी लाते हैं।