📘 CodingMarble Learn

खाद्य निर्माण की मशीनें: बॉयलर और फ्रीज़र

फूड फैक्ट्री में मशीनें बहुत सारा खाना गरम करती, पकाती, ठंडा करती और जमाती हैं। बॉयलर ईंधन जलाकर पानी को भाप बनाता है, और भाप खाना पकाती या कीटाणु-रहित करती है। रेफ्रिजरेशन मशीन एक गैस को लूप में घुमाकर फ्रीज़र की गर्मी बाहर निकालती है: कंप्रेसर, कंडेंसर, एक्सपेंशन वाल्व, इवैपोरेटर। मछली -18 °C या उससे ठंडी रखी जाती है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. फूड फैक्ट्री में बड़ी मशीनें होती हैं। इन तीन को देखो: बॉयलर, कुकर और फ्रीज़र।
  2. बॉयलर ईंधन जलाकर पानी गरम करता है। गरम पानी भाप बन जाता है। देखो, भाप पाइप में ऊपर जा रही है।
  3. पाइप भाप को कुकर तक ले जाता है। भाप मछली को गरम करके पका देती है। गुलाबी रंग सफ़ेद हो जाता है।
  4. फ्रीज़र को एक गैस ठंडा करती है जो लूप में घूमती है। कंप्रेसर उसे दबाता है। कंडेंसर गर्मी बाहर देता है। वाल्व उसे ठंडा करता है। इवैपोरेटर फ्रीज़र की गर्मी खींच लेता है।
  5. फ्रीज़र को -18 °C पर रखा है। मछली गर्मी खोती है, ठंडी होती जाती है और जम जाती है।
  6. अब तुम्हारी बारी। आँच वाला स्लाइडर और फ्रीज़र वाला स्लाइडर चलाओ। भाप, मछली का रंग और तापमान देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

बॉयलर में सेफ़्टी वाल्व क्यों चाहिए?

बंद टंकी में भाप जमा होती जाती है। दबाव बहुत बढ़े तो टंकी फट सकती है। वाल्व खुलकर फालतू भाप निकाल देता है। चरण 1 में दबाव की सुई ऊपर जाती देखो।

पकाने के लिए भाप गरम पानी से बेहतर क्यों है?

भाप ठंडी मछली को छूकर पानी बनती है और अपनी बहुत सारी छिपी गर्मी दे देती है। गरम पानी इतनी गर्मी नहीं दे सकता। चरण 2 में मछली को सफ़ेद होते देखो।

फ्रीज़र की गर्मी कहाँ जाती है?

गैस उसे लूप में कंडेंसर तक ले जाती है, जो उसे बाहर की हवा को दे देता है। इसीलिए लाल हिस्सा गरम है। चरण 3 में लाल बिंदु देखो।

कंप्रेसर में गैस को दबाते क्यों हैं?

दबाने से गैस बाहर की हवा से ज़्यादा गरम हो जाती है। तभी वह कंडेंसर पर अपनी गर्मी हवा को दे पाती है।

0 °C नहीं, -18 °C ही क्यों?

0 °C पर कीटाणु और एंज़ाइम धीरे-धीरे चलते हैं और कुछ पानी द्रव रहता है। -18 °C पर वे लगभग रुक जाते हैं, इसलिए मछली महीनों सुरक्षित रहती है। चरण 4 में स्लाइडर चलाकर तुलना करो।

खाद्य निर्माण की मशीनें: पूरी तस्वीर

छोटी रसोई एक परिवार के लिए पकाती है। फैक्ट्री एक दिन में हज़ारों पैक बनाती है, इसलिए वह मशीनें इस्तेमाल करती है। ये कुछ समूहों में बँटी हैं:

अच्छी मशीनें स्टेनलेस स्टील की होती हैं, क्योंकि उसमें जंग नहीं लगता और धोना आसान है। मशीन साफ़ करने में आसान, मज़दूरों के लिए सुरक्षित हो और खाने में कुछ गिराए नहीं।

बॉयलर: भाप बनाना

बॉयलर स्टील की बंद टंकी है। उसके नीचे या अंदर भट्ठी में ईंधन (गैस, तेल, कोयला या लकड़ी का कचरा) जलता है। गर्मी से पानी उबलता है और भाप बनती है। भाप में बहुत गर्मी होती है, और ठंडी चीज़ को छूकर वह फिर पानी बनती है और अपनी गर्मी दे देती है। इसीलिए भाप पकाने, सुखाने और कीटाणु मारने में बहुत अच्छी है।

भाप कहाँ काम आती है: मछली और केकड़ा पकाना, रिटॉर्ट के डिब्बे गरम करना, मशीनें साफ़ करना, धोने का पानी गरम करना।

हर बॉयलर के सुरक्षा पुर्ज़े:

बॉयलर की जाँच प्रशिक्षित लोग तय समय पर करें, और बड़े बॉयलर केवल लाइसेंस वाले चलाएँ। कठोर पानी सफ़ेद परत (स्केल) छोड़ता है, इसलिए पानी का उपचार होता है।

फ्रीज़िंग और रेफ्रिजरेशन मशीनें

ठंडक अपने आप नहीं आती। रेफ्रिजरेशन मशीन ठंडे कमरे के अंदर की गर्मी को बाहर की हवा में पहुँचाती है। एक ख़ास गैस (रेफ्रिजरेंट, बड़े प्लांट में जैसे अमोनिया) चार हिस्सों वाले बंद लूप में घूमती है:

  1. इवैपोरेटर (वाष्पक): फ्रीज़र के अंदर। ठंडा द्रव उबलकर गैस बनता है और मछली व हवा से गर्मी खींचता है।
  2. कंप्रेसर: गैस को दबाता है। वह गरम और ऊँचे दबाव की हो जाती है। यह लूप की मोटर है।
  3. कंडेंसर (संघनित्र): बाहर। गरम गैस अपनी गर्मी हवा या पानी को देकर द्रव बन जाती है।
  4. एक्सपेंशन वाल्व: तंग छेद। दबाव अचानक गिरता है और द्रव बहुत ठंडा हो जाता है। फिर वह दोबारा इवैपोरेटर में जाता है।

मछली के लिए फ्रीज़र के प्रकार:

जमी मछली कोल्ड स्टोर में -18 °C या उससे ठंडी रखी जाती है (कच्चा खाने वाली चर्बीदार ट्यूना अक्सर बहुत ठंडी, लगभग -50 °C पर रखी जाती है)। तापमान स्थिर रहना चाहिए: बार-बार गरम-ठंडा होने से बर्फ़ के बड़े कण बनते हैं जो बनावट बिगाड़ते हैं। अमोनिया का रिसाव ख़तरनाक है, इसलिए प्लांट में गैस अलार्म लगे होते हैं।

खुद करके देखो

3D में: पहले अंदाज़ा लगाओ, फिर जाँचो। आँच का स्लाइडर 0 पर करो। क्या भाप बहेगी? (नहीं।) अब उसे 100 करो। क्या मछली जल्दी पकती है? फिर फ्रीज़र को -30 करो। क्या मछली -18 से भी ज़्यादा ठंडी होती है?

घर पर: चलते फ्रिज के पीछे हाथ रखकर देखो (बहुत गरम हों तो नलियाँ मत छूना)। वह गरम हवा तुम्हारे खाने के डिब्बे से निकली गर्मी है। प्रेशर कुकर भी देखो: अंदर पानी उबलता है तो वेंट से भाप निकलती है। किसी बड़े की मदद लो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. मछली 8 °C पर फ्रीज़र में आती है और उसे -18 °C तक पहुँचना है। कितने डिग्री ठंडी होनी चाहिए?

गिरावट = 8 − (−18) = 8 + 18 = 26 °C।

2. एक प्लेट फ्रीज़र हर घंटे 150 kg मछली के ब्लॉक जमाता है। 600 kg जमाने में कितना समय लगेगा?

समय = 600 ÷ 150 = 4 घंटे।

3. बॉयलर एक घंटे में 250 kg भाप बनाता है। कुकर एक बैच में 40 kg भाप लेता है। एक घंटे में कितने बैच चल सकते हैं?

बैच = 250 ÷ 40 = 6.25, यानी 6 पूरे बैच (बची भाप सातवें के लिए काफ़ी नहीं)।

4. रेफ्रिजरेशन लूप में गैस गर्मी कहाँ लेती है और कहाँ देती है?

वह इवैपोरेटर (फ्रीज़र के अंदर) में गर्मी लेती है और कंडेंसर (बाहर) में गर्मी देती है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. बॉयलर मुख्य रूप से क्या बनाता है:
2. दबाव बहुत बढ़ने पर कौन-सा पुर्ज़ा खुद खुलता है?
3. फ्रीज़र लूप में मछली से गर्मी लेने वाला हिस्सा है:
4. जमी मछली का सुरक्षित भंडारण तापमान:
5. कौन-सा फ्रीज़र हर झींगे को अलग-अलग जमाता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फूड फैक्ट्री में बॉयलर क्या करता है?

वह ईंधन जलाकर पानी को भाप बनाता है। भाप पाइपों से कुकर, रिटॉर्ट और सफ़ाई की मशीनों तक जाती है।

फ्रीज़र ठंडा कैसे होता है?

रेफ्रिजरेंट गैस एक लूप में घूमती है। वह इवैपोरेटर पर अंदर की गर्मी लेती है और कंडेंसर पर उसे बाहर फेंक देती है।

जमी मछली को एक स्थिर तापमान पर क्यों रखते हैं?

अगर वह बार-बार गरम-ठंडी हो, तो बर्फ़ के कण बड़े हो जाते हैं और मछली नरम व सूखी हो जाती है। वह जल्दी ख़राब भी हो सकती है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Food Manufacturing

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी भौतिक विज्ञान पाठ