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प्रकाश के प्रयोग: प्रकाश कैसे चलता है

पाँच आसान प्रयोग प्रकाश का व्यवहार दिखाते हैं। प्रकाश सीधी रेखा में चलता है, दर्पण से लौटता है (आपतन कोण = परावर्तन कोण), काँच में मुड़ता है, उत्तल लेंस उसे फोकस पर मिलाता है और प्रिज़्म उसे रंगों में बाँट देता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. प्रयोग 1। तीन कार्ड एक कतार में रखें, हर कार्ड में छेद है। छेद एक सीध में हों तो प्रकाश पार जाता है। बीच का कार्ड खिसकाएँ तो प्रकाश रुक जाता है। प्रकाश सीधी रेखा में चलता है।
  2. प्रयोग 2। किरण दर्पण से टकराकर लौटती है। बिंदीदार रेखा अभिलंब है। अंदर आने वाला कोण और बाहर जाने वाला कोण बराबर हैं।
  3. प्रयोग 3। किरण काँच के गुटके में घुसती है। काँच के अंदर वह अभिलंब की ओर मुड़ जाती है। बाहर निकलकर वह पहली किरण के समांतर हो जाती है।
  4. प्रयोग 4। उत्तल लेंस बीच में मोटा होता है। यह समांतर किरणों को एक बिंदु, फोकस, पर मिला देता है। लेंस मोटा करें तो फोकस पास आ जाता है।
  5. प्रयोग 5। सफेद प्रकाश प्रिज़्म में जाता है और इंद्रधनुष के रंगों में बँट जाता है। लाल सबसे कम मुड़ता है, बैंगनी सबसे ज़्यादा।
  6. अब आपकी बारी। कोई भी औज़ार चुनें और स्लाइडर चलाएँ। पहले अंदाज़ा लगाएँ, फिर देखें।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

प्रकाश कार्ड के मोड़ पर क्यों नहीं घूमता?

हवा में प्रकाश सीधी रेखा में चलता है। रास्ते में कार्ड आ जाए तो किरण वहीं रुक जाती है। 3D में बीच का कार्ड खिसकाकर देखें।

परावर्तन में कोण कहाँ से नापें?

अभिलंब से, यानी दर्पण से 90° वाली बिंदीदार रेखा से, दर्पण की सतह से नहीं। 3D के लेबल दोनों कोण बिंदीदार रेखा से दिखाते हैं।

काँच के अंदर किरण क्यों मुड़ती है?

काँच में प्रकाश हवा से धीमा चलता है। तिरछी आती किरण धीमी होने पर अभिलंब की ओर मुड़ जाती है। कोण स्लाइडर चलाएँ और देखें कि अंदर का कोण छोटा रहता है।

मोटे लेंस की फोकस दूरी कम क्यों होती है?

मोटा लेंस किरणों को ज़्यादा मोड़ता है, इसलिए वे जल्दी मिल जाती हैं। स्लाइडर से लेंस मोटा करें और लाल फोकस बिंदु को पास आता देखें।

क्या प्रिज़्म रंग बनाता है?

नहीं। सफेद प्रकाश में सब रंग पहले से होते हैं। प्रिज़्म हर रंग को अलग मात्रा में मोड़ता है, इसलिए वे फैल जाते हैं।

काँच के गुटके से किरण पहली किरण के समांतर क्यों निकलती है?

अंदर जाते समय वह अभिलंब की ओर मुड़ती है और समांतर फलक से बाहर आते समय उतनी ही अभिलंब से दूर मुड़ती है। दिशा बराबर हो जाती है, बस किरण थोड़ी खिसक जाती है।

प्रयोग 1: प्रकाश सीधी रेखा में चलता है

सामान: गत्ते के तीन कार्ड, हर कार्ड में एक ही जगह छेद, एक टॉर्च, कार्ड खड़े करने के लिए मिट्टी।

करें: कार्ड एक कतार में रखें ताकि छेद एक सीध में हों। पहले छेद पर टॉर्च जलाएँ। प्रकाश आखिरी छेद से बाहर आता है। अब बीच का कार्ड थोड़ा खिसकाएँ। प्रकाश रुक जाता है।

इससे पता चला: प्रकाश सीधी रेखा में चलता है। वह मोड़ पर घूम नहीं सकता। इसीलिए किसी वस्तु के पीछे छाया बनती है: वस्तु सीधी किरणों को रोक लेती है।

प्रयोग 2: दर्पण में परावर्तन

परावर्तन यानी प्रकाश का सतह से टकराकर लौटना। दर्पण पर 90° की एक रेखा खींचें। यह अभिलंब है। दर्पण पर पड़ने वाली किरण आपाती किरण है और लौटने वाली किरण परावर्तित किरण।

कोण हमेशा अभिलंब से नापें। हर बार मिलता है: आपतन कोण = परावर्तन कोण। आपाती किरण, अभिलंब और परावर्तित किरण एक ही समतल में होती हैं।

समतल दर्पण में प्रतिबिंब: प्रतिबिंब दर्पण के उतना ही पीछे दिखता है जितना आप आगे खड़े हैं। वह बराबर आकार का, सीधा होता है और दायाँ-बायाँ बदल जाता है। यह आभासी प्रतिबिंब है, इसे परदे पर नहीं उतार सकते।

प्रयोग 3: काँच में अपवर्तन

अपवर्तन यानी प्रकाश का एक पारदर्शी पदार्थ से दूसरे में जाते समय मुड़ना, जैसे हवा से काँच या पानी में। काँच में प्रकाश की चाल हवा से कम होती है, इसीलिए वह मुड़ता है।

हवा से काँच में जाते समय किरण अभिलंब की ओर मुड़ती है। काँच से हवा में आते समय अभिलंब से दूर। समांतर सतहों वाले काँच के गुटके से निकलकर किरण पहली किरण के समांतर रहती है, बस थोड़ी खिसक जाती है।

जो किरण सतह पर सीधी (अभिलंब के साथ) पड़ती है, वह बिल्कुल नहीं मुड़ती।

प्रयोग 4: उत्तल लेंस और फोकस

उत्तल लेंस बीच में मोटा होता है। यह समांतर किरणों को अंदर की ओर मोड़कर एक बिंदु, फोकस (F), पर मिला देता है। लेंस से फोकस तक की दूरी फोकस दूरी है। मोटा लेंस ज़्यादा मोड़ता है, इसलिए उसकी फोकस दूरी कम होती है।

घर पर फोकस दूरी ऐसे पता करें: आतिशी शीशे को कागज के ऊपर इस तरह पकड़ें कि धूप का सबसे छोटा, सबसे चमकीला बिंदु बने। लेंस से कागज तक की दूरी लगभग फोकस दूरी है। (बिंदु को कागज पर टिकने न दें, कागज जल सकता है।)

उत्तल लेंस वास्तविक प्रतिबिंब बना सकता है जो परदे पर उतरता है, जैसे कैमरे के अंदर। अवतल लेंस (बीच में पतला) किरणों को फैला देता है।

प्रयोग 5: प्रिज़्म में सफेद प्रकाश

प्रिज़्म काँच का त्रिभुजाकार टुकड़ा है। सफेद प्रकाश एक फलक से घुसते समय मुड़ता है और दूसरे फलक से निकलते समय फिर मुड़ता है। हर रंग अलग मात्रा में मुड़ता है, इसलिए सब रंग फैलकर एक पट्टी बनाते हैं: लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, बैंगनी। इसे विक्षेपण कहते हैं। लाल सबसे कम और बैंगनी सबसे ज़्यादा मुड़ता है।

यानी सफेद प्रकाश कई रंगों का मेल है। इंद्रधनुष बारिश की नन्ही बूँदों से बना विक्षेपण है।

करके देखें: रसोई का प्रकाश-प्रयोग

1) खाली कटोरे में सिक्का रखें और पीछे हटें जब तक कटोरे का किनारा उसे छिपा न ले। दोस्त से धीरे-धीरे पानी डलवाएँ। सिक्का दिखने लगेगा: अपवर्तन उसे ऊपर उठा देता है। 2) गिलास के पानी में पेंसिल खड़ी करें और बगल से देखें। वह टेढ़ी दिखती है। 3) 3D में स्लाइडर चलाने से पहले अंदाज़ा लगाएँ कि लाल और बैंगनी किरण कहाँ जाएँगी, फिर जाँचें।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक किरण समतल दर्पण पर अभिलंब से 35° का कोण बनाती है। परावर्तन कोण और आपाती-परावर्तित किरणों के बीच का कोण ज्ञात करें।

परावर्तन कोण = आपतन कोण = 35°। दोनों किरणों के बीच का कोण = 35° + 35° = 70°।

2. आप समतल दर्पण से 1.5 m आगे खड़े हैं। आप अपने प्रतिबिंब से कितनी दूर हैं?

प्रतिबिंब दर्पण के 1.5 m पीछे है। आपसे प्रतिबिंब तक दूरी = 1.5 + 1.5 = 3 m।

3. किरण हवा से काँच में अभिलंब से 30° पर जाती है। काँच के अंदर वह अभिलंब से लगभग 19° बनाती है। वह अभिलंब की ओर मुड़ी या दूर? क्यों?

19° का कोण 30° से छोटा है, इसलिए वह अभिलंब की ओर मुड़ी। काँच में प्रकाश धीमा हो जाता है और धीमे पदार्थ में जाने वाली किरण अभिलंब की ओर मुड़ती है।

4. आतिशी शीशे को कागज से 10 cm ऊपर रखने पर धूप का सबसे छोटा चमकीला बिंदु बनता है। उसकी फोकस दूरी क्या है? और मोटे लेंस की फोकस दूरी कैसी होगी?

धूप की किरणें लगभग समांतर होती हैं, इसलिए बिंदु फोकस पर है। फोकस दूरी लगभग 10 cm है। मोटा लेंस ज़्यादा मोड़ता है, इसलिए उसकी फोकस दूरी 10 cm से कम होगी।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. तीन कार्ड वाले प्रयोग में प्रकाश तभी पार जाता है जब छेद:
2. किरण दर्पण पर अभिलंब से 50° पर पड़ती है। परावर्तित किरण कितने कोण पर होगी?
3. हवा से काँच में जाते समय प्रकाश:
4. उत्तल लेंस से गुज़रकर समांतर किरणें कहाँ मिलती हैं?
5. प्रिज़्म में कौन-सा रंग सबसे ज़्यादा मुड़ता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रकाश के पाँच बुनियादी प्रयोग कौन-से हैं?

कार्डों से सीधी रेखा, समतल दर्पण में परावर्तन, काँच के गुटके में अपवर्तन, उत्तल लेंस से फोकस और प्रिज़्म से सफेद प्रकाश का विक्षेपण।

क्या ये प्रयोग घर पर हो सकते हैं?

हाँ। टॉर्च, छोटा शीशा, पानी का गिलास, आतिशी शीशा और सीडी या काँच का प्रिज़्म चाहिए। लेंस से कभी सीधे सूरज को न देखें।

परावर्तन और अपवर्तन में क्या अंतर है?

परावर्तन में प्रकाश सतह से टकराकर लौटता है। अपवर्तन में प्रकाश एक पदार्थ से दूसरे में जाते समय मुड़ता है।

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