भूभौतिकी क्या है?
भूभौतिकी (Geophysics) पृथ्वी पर लगाई गई भौतिकी है। यह पृथ्वी के अंदर और आसपास की गर्मी, तरंगों, गुरुत्व, चुंबकत्व और बहाव को पढ़ती है।
पृथ्वी एक तंत्र है। ऊर्जा सूर्य से आती है, हवा, पानी, चट्टान और बर्फ़ से गुज़रती है और वापस अंतरिक्ष में चली जाती है। भौतिकी से हम इस ऊर्जा को गिन सकते हैं।
जलवायु की प्रक्रियाएँ: आती ऊर्जा = जाती ऊर्जा
सूर्य की ओर वाले हर वर्ग मीटर पर लगभग 1361 W पहुँचता है (सौर स्थिरांक S)। पृथ्वी गोल है, इसलिए पूरी सतह के हर वर्ग मीटर पर औसतन S ÷ 4 पहुँचता है।
लगभग 30 प्रतिशत धूप बादल, बर्फ़ और समुद्र से लौट जाती है (इसे एल्बिडो कहते हैं, a = 0.3)। इसलिए सोखी गई शक्ति S × (1 − a) ÷ 4 ≈ 238 W/m² है।
गर्म वस्तु गर्मी बाहर भेजती है। जितनी गर्म, उतनी ज़्यादा: P = σT⁴। जब P = 238 W/m², तब T ≈ 255 K = −18 °C।
ग्रीनहाउस प्रभाव
ग्रीनहाउस गैसें (जलवाष्प, CO₂, मीथेन) धूप को अंदर आने देती हैं पर जाती अवरक्त गर्मी को रोकती हैं और कुछ नीचे लौटा देती हैं। इसलिए सतह तब तक गर्म होती है जब तक पर्याप्त गर्मी निकल न सके। औसत तापमान लगभग 288 K = 15 °C हो जाता है। यह प्राकृतिक प्रभाव जीवन को संभव बनाता है। गैस बढ़ाने से यह और तेज़ हो जाता है।
पृथ्वी के अंदर: भूकंपीय तरंगें
कोई केंद्र तक खोद नहीं सकता, इसलिए हम भूकंप की तरंगों का सहारा लेते हैं। P-तरंगें (आगे-पीछे धक्का) तेज़ हैं और ठोस व द्रव दोनों से गुज़रती हैं। S-तरंगें (बगल की ओर हिलना) धीमी हैं और द्रव से नहीं गुज़र सकतीं।
पृथ्वी के दूसरी ओर S-तरंगें नहीं पहुँचतीं। इससे पता चला कि बाहरी कोर द्रव है। परत की सीमा पर तरंगें मुड़ती हैं और गति बदलती हैं, इसलिए भूकंपमापी (सिस्मोमीटर) से भूपर्पटी, मैंटल और कोर का नक्शा बनता है।
P और S के पहुँचने के समय का अंतर भूकंप की दूरी बताता है: d = Δt ÷ (1/vS − 1/vP)।
भूभौतिकीय डेटा का विश्लेषण
भूभौतिकीय डेटा समय या जगह के साथ बदलती संख्याएँ हैं: तापमान, समुद्र स्तर, भूकंप का समय, चुंबकीय क्षेत्र। विश्लेषण के कदम:
- साफ़ अक्षों और इकाइयों के साथ ग्राफ़ बनाओ।
- प्रवृत्ति (trend) यानी धीमा बदलाव और शोर (noise) यानी छोटे बेतरतीब उतार-चढ़ाव पहचानो।
- लंबे समय का औसत लो (जलवायु के लिए 30 साल), ताकि एक गर्म साल धोखा न दे।
- बदलाव की तुलना यंत्र की त्रुटि से करो।
- सहसंबंध (correlation) को कारण मत समझो। कारण भौतिकी से समझाओ।
खुद करके देखो
धूप में दो जार रखो: एक ढका हुआ पारदर्शी जार और एक खुला। दोनों में थर्मामीटर रखो। 20 मिनट बाद तुलना करो। पहले अनुमान लगाओ, फिर जाँचो। कौन ज़्यादा गर्म है और क्यों?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सोखी गई शक्ति = S × (1 − a) ÷ 4
- विकिरित गर्मी: P = σT⁴
- बिना ग्रीनहाउस तापमान ≈ 255 K = −18 °C
- भूकंप की दूरी: d = Δt ÷ (1/vS − 1/vP)
- K = °C + 273
हल किए गए उदाहरण
1. एल्बिडो 0.3 और S = 1361 W/m² है। औसत सोखी गई शक्ति प्रति m² निकालो।
S × (1 − a) ÷ 4 = 1361 × 0.7 ÷ 4 = 238 W/m²।
2. पृथ्वी 238 W/m² बाहर भेजती है। बिना ग्रीनहाउस परत के तापमान का अनुमान लगाओ। (σ = 5.67 × 10⁻⁸)
T⁴ = 238 ÷ 5.67×10⁻⁸ = 4.2×10⁹, इसलिए T ≈ 255 K = −18 °C।
3. एक भूकंप में S-तरंगें (4.5 km/s) P-तरंगों (8.0 km/s) के 45 s बाद पहुँचीं। भूकंप कितनी दूर है?
1/4.5 − 1/8.0 = 0.2222 − 0.125 = 0.0972 s/km। d = 45 ÷ 0.0972 ≈ 463 km।
आम गलतियाँ
- ग्रीनहाउस प्रभाव को अपने आप में बुरा मानना। इसके बिना पृथ्वी लगभग −18 °C होती। समस्या इसे बढ़ाने में है।
- मौसम और जलवायु को एक समझना। जलवायु लगभग 30 साल का औसत है।
- P = σT⁴ में °C लगाना। केल्विन ही लगाना है।
- यह कहना कि S-तरंगें द्रव कोर से गुज़रती हैं। वे नहीं गुज़र सकतीं।