जीवित तंत्रों में भौतिकी
जैवभौतिकी (Biophysics) भौतिकी के विचार (बल, दाब, ऊर्जा, तरंगें, विद्युत) जीवित चीज़ों पर लगाती है। शरीर एक मशीन है: हृदय पंप है, फेफड़े दाब बदलकर हवा चलाते हैं, हड्डियाँ और मांसपेशियाँ उत्तोलक हैं, तंत्रिकाएँ छोटे विद्युत संकेत ले जाती हैं, आँख और कान प्रकाश और ध्वनि से काम करते हैं।
रक्त प्रवाह: दाब, बहाव और त्रिज्या
रक्त दाबांतर की वजह से चलता है, जो हृदय और शरीर के बाकी हिस्से के बीच होता है। बहाव यानी प्रति सेकंड आयतन: Q = ΔP ÷ R, जहाँ R नली का प्रतिरोध है (ओम के नियम जैसा)।
लंबी पतली नली में प्रतिरोध त्रिज्या पर बहुत निर्भर है: R ∝ 1/r⁴। इसलिए समान दाब पर Q ∝ r⁴। त्रिज्या आधी तो बहाव सिर्फ 1/16। पतली नली में वही बहाव रखने के लिए दाब बढ़ाना पड़ता है।
रक्तचाप सिस्टोलिक/डायस्टोलिक में लिखा जाता है, जैसे 120/80 mmHg। 1 mmHg ≈ 133 Pa।
शरीर की यांत्रिकी और स्वास्थ्य व सुरक्षा
अग्रबाहु एक उत्तोलक है। कोहनी आलंब है, बाइसेप्स आलंब के पास खींचती है और भार दूर होता है। इसलिए मांसपेशी को भार के भार से बहुत ज़्यादा बल लगाना पड़ता है: F × dमांसपेशी = W × dभार (आघूर्ण बराबर)।
दाब p = F ÷ A: पतली एड़ी के नीचे दाब ज़्यादा, चौड़े जूते में कम। सुरक्षा: पैरों से उठाओ, भार शरीर के पास रखो (भार भुजा छोटी), तेज़ शोर में मत रुको (ध्वनि की तीव्रता कान को नुकसान करती है), और एक्स-रे जैसे विकिरण की मात्रा ज़रूरत भर रखो।
जैविक घटनाओं का विश्लेषण
शरीर को भौतिकी से पढ़ने के कदम:
- भौतिक राशि चुनो (दाब, बल, चाल, शक्ति)।
- सरल मॉडल बनाओ (नली के लिए पाइप, बाँह के लिए उत्तोलक)।
- सही मात्रक लगाओ (Pa या mmHg, N, m/s, W)।
- पहले अनुमान लगाओ: हृदय प्रति धड़कन लगभग 70 mL और 70 धड़कन/मिनट, यानी लगभग 5 L प्रति मिनट।
- जाँचो कि उत्तर असली शरीर के लिए ठीक लगता है।
खुद करके देखो
पानी पतली स्ट्रॉ से और फिर चौड़ी स्ट्रॉ से (या दो पतली साथ में) पीओ। पहले अनुमान लगाओ कि कौन आसान है। फिर मन में त्रिज्या आधी करो। यह कितनी गुना कठिन होनी चाहिए?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- बहाव: Q = ΔP ÷ R
- Q ∝ r⁴ (समान दाब पर)
- दाब: p = F ÷ A
- उत्तोलक: F₁ × d₁ = F₂ × d₂
- 1 mmHg ≈ 133 Pa
- हृदय निर्गत = स्ट्रोक आयतन × हृदय गति
हल किए गए उदाहरण
1. नली की त्रिज्या पुरानी की 0.8 गुना हो गई। समान दाब पर पुराने बहाव का कितना भाग बचेगा?
Q ∝ r⁴ = 0.8⁴ = 0.41, यानी लगभग 41 प्रतिशत।
2. 600 N भार का व्यक्ति 0.02 m² क्षेत्रफल वाले एक पैर पर खड़ा है। दाब निकालो।
p = F ÷ A = 600 ÷ 0.02 = 30 000 Pa = 30 kPa।
3. बाइसेप्स कोहनी से 4 cm पर खींचती है और 5 kg का बैग (49 N) कोहनी से 32 cm पर है। मांसपेशी का बल निकालो।
F × 0.04 = 49 × 0.32, इसलिए F = 15.68 ÷ 0.04 = 392 N।
आम गलतियाँ
- यह मानना कि त्रिज्या आधी तो बहाव आधा। असल में वह सोलहवाँ हिस्सा होता है।
- यह भूलना कि भार भुजा मांसपेशी भुजा से लंबी है, इसलिए मांसपेशी का बल भार से बड़ा होता है।
- mmHg और Pa को बिना बदले मिला देना।
- उत्तोलक या दाब के सूत्र में cm को m में बदले बिना लगाना।