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विद्युत पदार्थ: चालक, चुंबकीय और विद्युतरोधी

विद्युत मशीनों में तीन तरह के पदार्थ लगते हैं। चालक (तांबा, एल्युमिनियम, नाइक्रोम) में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं और प्रतिरोधकता कम होती है। विद्युतरोधी (चीनी मिट्टी, रबर, अभ्रक, तेल) अपने इलेक्ट्रॉन पकड़े रखते हैं और भंजन वोल्टेज पर ही फेल होते हैं। चुंबकीय पदार्थ नरम (आसानी से चुंबकित-अचुंबकित, कोर के लिए) या कड़े (चुंबकत्व रखते हैं, स्थायी चुंबक के लिए) होते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह तांबे जैसी धातु का टुकड़ा है। स्लेटी गेंदें परमाणु हैं। नीले बिंदु मुक्त इलेक्ट्रॉन हैं। वोल्टेज न हो तो वे बस इधर-उधर काँपते हैं।
  2. अब वोल्टेज बढ़ाओ। मुक्त इलेक्ट्रॉन आगे बहने लगते हैं और धारा चलती है। ज़्यादा धक्का, तेज़ बहाव।
  3. यह कुचालक का टुकड़ा है, जैसे चीनी मिट्टी या रबर। इसके इलेक्ट्रॉन परमाणुओं से बँधे हैं। वोल्टेज देने पर भी कुछ नहीं बहता।
  4. वोल्टेज और बढ़ाओ। भंजन वोल्टेज पर इलेक्ट्रॉन खिंचकर छूट जाते हैं। चिंगारी कूदती है और धारा बह निकलती है। कुचालक फेल हो गया।
  5. अब चुंबकीय पदार्थ। हर लाल तीर एक नन्हा चुंबक है। नरम लोहे में तीर क्षेत्र के साथ घूमते हैं और क्षेत्र हटते ही बिखर जाते हैं।
  6. कड़े स्टील में तीर मुश्किल से घूमते हैं, पर क्षेत्र हटने पर भी घूमे रहते हैं। चारों बटनों से हर पदार्थ आज़माओ।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

नीले बिंदु क्या हैं?

ये मुक्त इलेक्ट्रॉन हैं। चालक में ये किसी एक परमाणु से बँधे नहीं होते।

वोल्टेज ज़्यादा तो धारा ज़्यादा क्यों?

बड़ा धक्का इलेक्ट्रॉनों को तेज़ बहाता है, इसलिए हर सेकंड ज़्यादा आवेश गुज़रता है।

तार पर रबर छूना सुरक्षित क्यों है?

उसके इलेक्ट्रॉन परमाणुओं से बँधे हैं, इसलिए सामान्य वोल्टेज पर कुछ नहीं बहता।

क्या विद्युतरोधी भी धारा दे सकता है?

हाँ, वोल्टेज बहुत ज़्यादा हो तो। वह चिंगारी के साथ टूटता है और आमतौर पर खराब हो जाता है।

डोमेन क्या है?

यह नन्हा क्षेत्र है जहाँ सारे परमाणु एक छोटे चुंबक की तरह काम करते हैं। लाल तीर इन्हें दिखाते हैं।

स्टील चुंबकीय क्यों बना रहता है?

उसके डोमेन मुश्किल से घूमते हैं, इसलिए क्षेत्र हटने पर वे वापस नहीं घूमते।

चालक पदार्थ

चालक में बहुत सारे मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं। इसकी प्रतिरोधकता (ρ) बहुत कम होती है। तार का प्रतिरोध R = ρ L / A (L लंबाई, A अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल)।

गरम होने पर धातु का प्रतिरोध बढ़ता है, क्योंकि परमाणु ज़्यादा काँपते हैं और इलेक्ट्रॉन रोकते हैं।

विद्युतरोधी पदार्थ

विद्युतरोधी (कुचालक) में लगभग कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होता। प्रतिरोधकता बहुत ऊँची होती है (काँच में 1010 Ω·m या ज़्यादा)। यह धारा को सही जगह रखता है और लोगों को सुरक्षित।

हर विद्युतरोधी की एक सीमा है। डाइइलेक्ट्रिक सामर्थ्य वह सबसे बड़ा विद्युत क्षेत्र (kV प्रति mm) है जो वह सह सकता है। इससे ऊपर भंजन (breakdown) होता है: चिंगारी, और विद्युतरोधी खराब। हवा लगभग 3 kV/mm सहती है; अच्छे ठोस कहीं ज़्यादा।

गर्मी से रोधन बूढ़ा होता है। रोधन को उसके सहने योग्य अधिकतम ताप से वर्ग में रखते हैं, ताकि मोटर न जले।

चुंबकीय पदार्थ: नरम और कड़े

लोहे के अंदर डोमेन नाम के नन्हे क्षेत्र होते हैं, हर एक छोटे चुंबक जैसा। चुंबकीय क्षेत्र इन्हें एक रेखा में करता है। दो गुण उपयोग तय करते हैं:

नरम चुंबकीय पदार्थ (नरम लोहा, सिलिकॉन स्टील, फ़ेराइट) में दोनों कम होते हैं। वे आसानी से चुंबकित-अचुंबकित होते हैं और हर चक्र में गर्मी कम बनती है। ट्रांसफ़ॉर्मर और मोटर कोर, रिले और विद्युत चुंबक में काम आते हैं।

कड़े चुंबकीय पदार्थ (कार्बन स्टील, एल्निको, नियोडिमियम मिश्रधातु) में दोनों ज़्यादा होते हैं। इन्हें अचुंबकित करना कठिन है। स्पीकर, मीटर और छोटी मोटर के स्थायी चुंबक में प्रयोग।

चुंबकन बनाम क्षेत्र का लूप शैथिल्य लूप (hysteresis loop) है। उसका क्षेत्रफल हर चक्र में खोई ऊर्जा है: नरम का लूप पतला, कड़े का मोटा।

खुद करके देखो: पदार्थ परखो

3D खोलो। चालक दबाओ और वोल्टेज स्लाइडर खींचो। सोचो: वोल्टेज दुगना करने पर इलेक्ट्रॉन दुगनी गति से चलेंगे? जाँचो। कुचालक दबाकर 100 तक खींचो: चिंगारी किस वोल्टेज पर आती है? (स्लाइडर 80।)

नरम चुंबक दबाकर क्षेत्र बढ़ाओ, फिर शून्य करो। क्या तीर एक ओर रहते हैं? कड़े चुंबक में दोहराओ: पहले 6 के पार जाओ। घर पर: स्टील की सुई को चुंबक पर रगड़ो और देखो कि वह पिन उठाती है; नरम लोहे की कील जल्दी भूल जाती है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. तांबे का तार 100 m लंबा है और क्षेत्रफल 1.7 mm² है। प्रतिरोध निकालो। (ρ = 1.7 × 10⁻⁸ Ω·m)

A = 1.7 × 10⁻⁶ m²। R = ρ L / A = 1.7 × 10⁻⁸ × 100 / 1.7 × 10⁻⁶ = 1 Ω।

2. नाइक्रोम हीटर तार में L = 1 m, A = 0.1 mm², ρ = 1.1 × 10⁻⁶ Ω·m है। R निकालो।

A = 1 × 10⁻⁷ m²। R = 1.1 × 10⁻⁶ × 1 / 1 × 10⁻⁷ = 11 Ω।

3. हवा की दरार 2 mm है। किस वोल्टेज पर भंजन होगा? (3 kV/mm)

3 kV/mm × 2 mm = 6 kV।

4. 0.5 mm मोटी रोधक चादर का डाइइलेक्ट्रिक सामर्थ्य 20 kV/mm है। वह कितना वोल्टेज सहेगी?

20 × 0.5 = 10 kV।

5. ट्रांसफ़ॉर्मर कोर के लिए कौन-सा ठीक है: नरम लोहा या कड़ा स्टील? क्यों?

नरम लोहा या सिलिकॉन स्टील। कोर एक सेकंड में 50 बार चुंबकित-अचुंबकित होता है, इसलिए कम धारणशीलता यानी पतला लूप और कम गर्मी।

6. ऊपरी लाइन के लिए तांबा बेहतर है या एल्युमिनियम?

अक्सर एल्युमिनियम: हल्का और सस्ता है, तो एक मोटा तार लंबी दूरी पार कर लेता है। तांबा प्रति क्षेत्रफल बेहतर चालक है पर भारी और महँगा।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. कौन-सा अच्छा विद्युतरोधी है?
2. स्थायी चुंबक के लिए कौन-सा पदार्थ लगता है?
3. हीटर तार नाइक्रोम का क्यों बनता है?
4. ऊँचे वोल्टेज पर विद्युतरोधी के अचानक फेल होने को कहते हैं:
5. ट्रांसफ़ॉर्मर कोर में किस गुण का पदार्थ लगता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तार में तांबा क्यों लगता है?

उसकी प्रतिरोधकता बहुत कम है, इसलिए गर्मी में कम ऊर्जा बर्बाद होती है। वह मोड़ने और सोल्डर करने में भी आसान है।

नरम और कड़े चुंबकीय पदार्थ में क्या अंतर है?

नरम आसानी से चुंबकित-अचुंबकित होते हैं (कोर)। कड़े चुंबकित बने रहते हैं (स्थायी चुंबक)।

डाइइलेक्ट्रिक सामर्थ्य क्या है?

यह वह सबसे बड़ा विद्युत क्षेत्र है जिसे विद्युतरोधी टूटने से पहले सह सकता है। इसे kV प्रति mm में देते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Electrical Machines

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