सिविल सामग्री का परिचय (Overview of civil materials)
सिविल इंजीनियर वे चीज़ें बनाते हैं जो सालों तक बाहर खड़ी रहती हैं: सड़क, पुल, बाँध, सुरंग और इमारतें। मुख्य सामग्री हैं कंक्रीट, इस्पात, मिट्टी और चट्टान, लकड़ी और पॉलिमर (प्लास्टिक)। हर सामग्री में ताकत, वज़न, कीमत, उम्र और काम में आसानी का समझौता करना पड़ता है।
दो तरह के बोझ सबसे ज़रूरी हैं। संपीडन (compression) यानी दबाव, जो सामग्री को सिकोड़ता है। तनाव (tension) यानी खिंचाव, जो उसे खींचता है।
सामग्री के गुण और उपयोग (Properties and use of civil materials)
गुण वह बात है जिसे हम नाप सकते हैं।
- ताकत (strength): टूटने से पहले कितना बोझ सहती है। प्रतिबल = बल ÷ क्षेत्रफल, इकाई MPa (1 MPa = 1 N प्रति mm²)।
- कठोरता (stiffness): बोझ में कितना कम मुड़ती है।
- तन्यता (ductility): टूटने से पहले कितना खिंचती है। इस्पात तन्य है, पहले मुड़कर चेतावनी देता है। कंक्रीट भंगुर है, अचानक टूटता है।
- टिकाऊपन (durability): बारिश, जंग और रसायनों के सामने कितना टिकती है।
कंक्रीट (सीमेंट + रेत + गिट्टी + पानी) दबाव में मज़बूत है, लगभग 20 से 40 MPa, पर खिंचाव में उसका दसवाँ हिस्सा ही। इस्पात दोनों में मज़बूत है, लगभग 400 MPa या ज़्यादा। इसलिए बीम के निचले हिस्से में, जो खिंचता है, इस्पात की सरिया डालते हैं। इसे प्रबलित कंक्रीट कहते हैं।
मिट्टी एक निर्माण सामग्री (Soil as a civil engineering material)
मिट्टी हर जगह मिलती है, इसलिए सबसे सस्ती सामग्री है। इसे तटबंध (सड़क या रेल की ऊँची पटरी), बाँध और हर नींव को सहारा देने वाली ज़मीन के रूप में उपयोग करते हैं।
मिट्टी में ठोस कण, पानी और हवा होते हैं। रेत और बजरी (मोटे कण) पानी निकाल देते हैं और बोझ उठाते हैं। चिकनी मिट्टी (बारीक कण) पानी रोकती है, गीली होकर फूलती है और सूखकर सिकुड़ती है। पानी ज़्यादा तो ताकत कम।
मिट्टी को मज़बूत बनाने के लिए उसे पतली परतों में, सही मात्रा में पानी (इष्टतम नमी) डालकर रोलर से दबाते हैं। कण पास-पास आते हैं, हवा निकल जाती है और मिट्टी कड़ी हो जाती है।
पॉलिमर सामग्री का उपयोग (Using polymer materials)
पॉलिमर बहुत लंबे अणुओं से बने प्लास्टिक हैं। ये हल्के हैं, इनमें जंग नहीं लगती और किसी भी आकार में ढल जाते हैं। सिविल उपयोग: PVC पानी और नाली के पाइप, छत और सुरंग में पानी रोकने वाली शीट, जियोटेक्सटाइल (कपड़े की परत जो मिट्टी और गिट्टी को मिलने नहीं देती), जियोग्रिड (मिट्टी को थामने वाली प्लास्टिक जाली) और फाइबर-प्रबलित प्लास्टिक की छड़ें।
सीमाएँ: पॉलिमर इस्पात से कमज़ोर हैं, गर्मी में नरम पड़ते हैं और सालों तेज़ धूप में भंगुर हो सकते हैं। इसलिए जहाँ वज़न और जंग ज़्यादा मायने रखते हैं, वहीं इन्हें लगाते हैं।
करके देखें: घर पर दबाओ और खींचो
एक सूखा बिस्कुट और एक रबर बैंड लीजिए। बिस्कुट को दबाइए (संपीडन) और रबर बैंड को खींचिए (तनाव)। अब बिस्कुट को दोनों सिरों से खींचकर तोड़िए। कौन खींचने पर आसानी से टूटा? कंक्रीट बिस्कुट जैसा है। फिर सूखी और गीली मिट्टी की गोली अँगूठे से दबाइए। कौन ज़्यादा टिकी? पहले अंदाज़ा लगाइए, फिर जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रतिबल = बल ÷ क्षेत्रफल (MPa = N/mm²)
- कंक्रीट: दबाव में मज़बूत, खिंचाव में कमज़ोर (लगभग 1/10)
- इस्पात: दबाव और खिंचाव दोनों में मज़बूत
- गीली मिट्टी: सूखी मिट्टी से कम ताकत
- 1 kN = 1000 N; 1 MPa = 1 N/mm²
हल किए गए उदाहरण
1. 150 mm भुजा का कंक्रीट घन 675 kN के दबाव पर टूटता है। उसकी संपीडन ताकत निकालिए।
क्षेत्रफल = 150 × 150 = 22 500 mm²। बल = 675 kN = 675 000 N। प्रतिबल = 675 000 / 22 500 = 30 MPa।
2. 200 mm² क्षेत्रफल की इस्पात की छड़ 80 kN का खिंचाव सहती है। उसमें प्रतिबल कितना है?
बल = 80 000 N। प्रतिबल = 80 000 / 200 = 400 MPa।
3. कंक्रीट की बीम पर झुकाने वाला बोझ है। नीचे का हिस्सा खिंचता है, ऊपर का दबता है। इस्पात की सरिया कहाँ डालेंगे और क्यों?
नीचे। कंक्रीट खिंचाव में कमज़ोर है, इसलिए नीचे इस्पात खिंचाव सँभालता है। ऊपर दबाव है, जिसे कंक्रीट अच्छे से सह लेता है।
4. 0.5 m² की नींव (footing) 90 kN का बोझ उठाती है। मिट्टी पर दाब kPa में निकालिए।
दाब = 90 / 0.5 = 180 kN/m² = 180 kPa।
5. कंक्रीट दबाव में 30 MPa सहता है और खिंचाव में उसका दसवाँ हिस्सा। खिंचाव की ताकत क्या है, और 100 mm × 100 mm काट कितना खिंचाव सहेगा?
खिंचाव की ताकत = 3 MPa। क्षेत्रफल = 10 000 mm²। बोझ = 3 × 10 000 = 30 000 N = 30 kN।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि कंक्रीट हर तरह से मज़बूत है। खिंचाव में वह कमज़ोर है और फट जाता है।
- इकाई बदलना भूल जाना: 1 kN = 1000 N, और क्षेत्रफल mm² में हो तो प्रतिबल MPa में आता है।
- गीली चिकनी मिट्टी को सूखी जैसा मान लेना। पानी बढ़ते ही मिट्टी की ताकत तेज़ी से घटती है।
- प्लास्टिक को हमेशा कमज़ोर या खराब मानना। जहाँ जंग और वज़न की चिंता हो, वहाँ वही सबसे अच्छा है।