सामग्री क्यों मायने रखती है
अच्छी संरचना को सही जगह सही सामग्री चाहिए। सामग्रियों को उनके गुणों से तौलते हैं: कितनी मज़बूत, कितनी भारी, आग और पानी में कैसी, और दाम कितना। कोई सामग्री हर तरह से सबसे अच्छी नहीं होती, इसलिए इंजीनियर काम के हिसाब से चुनते हैं।
ताक़त दो मुख्य प्रकार की है। दबाव-ताक़त (compressive strength) दबाए जाने को सहने की क्षमता है। खिंचाव-ताक़त (tensile strength) खींचे जाने को सहने की क्षमता। खंभा मुख्यतः दबता है; लटकता तार सिर्फ़ खिंचता है; बीम दोनों करता है, ऊपर से दबता है और नीचे से खिंचता है।
लकड़ी, इस्पात, कंक्रीट, ईंट और RCC
लकड़ी: हल्की, काटने-जोड़ने में आसान, रेशे की दिशा में दबाव और खिंचाव दोनों में अच्छी, नवीकरणीय। कमज़ोरियाँ: जलती है, गीली हो तो सड़ती है और दीमक खा सकते हैं।
इस्पात (स्टील): दबाव और खिंचाव दोनों में बहुत मज़बूत, इसलिए पतले हिस्से बड़ा भार उठाते हैं और लंबी दूरी पार होती है। कमज़ोरियाँ: जंग लगती है और तेज़ आग में ताक़त खो देता है, इसलिए उस पर आग-रोधी परत चढ़ाते हैं।
कंक्रीट (सीमेंट, रेत, पत्थर और पानी): दबाव में मज़बूत, सस्ता, गीली अवस्था में किसी भी आकार में ढलता है, आग सह लेता है। खिंचाव में कमज़ोर और भारी।
प्रबलित कंक्रीट (RCC): कंक्रीट जिसमें वहाँ इस्पात की सरिया रखी जाती है जहाँ खिंचाव आता है। सरिया खिंचाव सँभालती है, कंक्रीट दबाव और सरिया को आग-जंग से बचाता है।
ईंट और चिनाई: दबाव में अच्छी, आग और गर्मी सहती है, सस्ती, हाथ से लगाना आसान। खिंचाव में कमज़ोर, इसलिए ऊँची ईंट की दीवार को सहारा चाहिए।
वज़न और घनत्व
घनत्व आयतन में द्रव्यमान है: घनत्व = द्रव्यमान ÷ आयतन। लगभग मान: लकड़ी 500 kg/m³, ईंट 1,800 kg/m³, कंक्रीट 2,400 kg/m³, इस्पात 7,850 kg/m³। इस्पात प्रति घन मीटर भारी है, पर इतना मज़बूत है कि बहुत कम मात्रा लगती है, इसलिए उसी भार के लिए इस्पात का ढाँचा अक्सर कंक्रीट से हल्का होता है।
वज़न इसलिए मायने रखता है कि संरचना को अपना वज़न (मृत भार) भी उठाना होता है, और भारी इमारत को बड़ी नींव चाहिए।
आग, टिकाऊपन और दाम
आग: कंक्रीट और ईंट आग को अच्छी तरह सहते हैं। लकड़ी जलती है, पर मोटा बीम बाहर से कोयला बनकर कुछ देर भीतर का हिस्सा बचाए रखता है। खुला इस्पात तेज़ आग में मुड़ सकता है, इसलिए परत या कंक्रीट का आवरण चाहिए।
टिकाऊपन: इस्पात को जंग से, लकड़ी को पानी और दीमक से, और कंक्रीट को उन दरारों से बचाना होता है जिनसे पानी सरिया तक पहुँचता है।
दाम और पर्यावरण: कई इलाक़ों में ईंट और कंक्रीट सस्ते और स्थानीय हैं, इस्पात और सीमेंट बनाने में बहुत ऊर्जा लगती है, और अच्छी तरह प्रबंधित जंगल की लकड़ी नवीकरणीय है। सिर्फ़ ख़रीद-मूल्य नहीं, इमारत की पूरी उम्र सोचो।
काम के हिसाब से चुनना
तरीक़ा: काम को क्या चाहिए लिखो, हर गुण को 0 (मायने नहीं रखता) से 4 (बहुत ज़रूरी) तक भार दो, फिर हर सामग्री के स्तर को भार से गुणा करके जोड़ो। सबसे ज़्यादा अंक वाली सबसे ठीक है। उदाहरण: लंबे बीम को खिंचाव-ताक़त और हल्कापन चाहिए, इसलिए इस्पात, लकड़ी और RCC के अंक ऊँचे आते हैं। आग-सुरक्षित दीवार को आग से सुरक्षा चाहिए, इसलिए कंक्रीट, ईंट और RCC जीतते हैं।
याद रखो, असली चुनाव में स्थानीय उपलब्धता, कुशल कारीगर, मौसम और नियम भी देखे जाते हैं, सिर्फ़ संख्याएँ नहीं।
करके देखो: सामग्री चुनो
3D में आख़िरी चरण पर जाओ और हर काम का बटन दबाओ। हर काम के लिए "सबसे अच्छा" का निशान किस सामग्री पर आता है? पहले अंदाज़ा लगाओ, फिर जाँचो। फिर चरण 2 दोबारा देखो और बताओ कि बीम के लिए RCC सादे कंक्रीट से बेहतर क्यों है।
घर पर: एक सूखा बिस्कुट मोड़ो (खिंचाव में कमज़ोर, कंक्रीट जैसा) और फिर किसी मज़बूत स्केल के साथ पेंसिल लंबाई में पकड़ो (RCC में इस्पात की सरिया जैसा)। या लकड़ी की डंडी, स्टील का चम्मच और ईंट हाथ में लो: कौन सबसे हल्का लगता है, कौन सबसे मज़बूत?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- घनत्व = द्रव्यमान ÷ आयतन, इसलिए द्रव्यमान = घनत्व × आयतन
- प्रतिबल = बल ÷ क्षेत्रफल
- सामग्री का अंक = (गुण का स्तर × काम का भार) का जोड़
- बीम: ऊपर दबता है, नीचे खिंचता है
हल किए गए उदाहरण
1. 0.2 m³ इस्पात (घनत्व 7,850 kg/m³) का द्रव्यमान निकालो।
द्रव्यमान = 7,850 × 0.2 = 1,570 kg।
2. उतने ही आयतन की लकड़ी (500 kg/m³) का द्रव्यमान निकालो। वह इस्पात से कितनी गुना हल्की है?
द्रव्यमान = 500 × 0.2 = 100 kg। इस्पात ÷ लकड़ी = 1,570 ÷ 100 = 15.7, यानी बराबर आयतन पर लकड़ी लगभग 16 गुना हल्की है।
3. कंक्रीट का खंभा 0.4 m × 0.4 m × 3 m है। घनत्व 2,400 kg/m³ है। द्रव्यमान निकालो।
आयतन = 0.4 × 0.4 × 3 = 0.48 m³। द्रव्यमान = 2,400 × 0.48 = 1,152 kg।
4. बीम में इस्पात की सरिया कंक्रीट को मज़बूत क्यों बनाती है?
बीम का निचला हिस्सा खिंचता है। कंक्रीट खिंचाव में कमज़ोर है, इसलिए चटकता है। सरिया खिंचाव में मज़बूत है और वह खिंचाव सँभाल लेती है। कंक्रीट ऊपर का दबाव सँभालता रहता है।
5. एक सामग्री के अंक (दबाव, खिंचाव, हल्कापन, आग, दाम) = (5, 5, 2, 2, 2) हैं और काम के भार (1, 3, 3, 1, 0)। अंक निकालो।
5×1 + 5×3 + 2×3 + 2×1 + 2×0 = 5 + 15 + 6 + 2 + 0 = 28।
6. रसोई के चूल्हे के पास की दीवार को सबसे ज़्यादा आग-सुरक्षा चाहिए। लकड़ी, खुला इस्पात और ईंट में से चुनो और कारण बताओ।
ईंट। वह आग और गर्मी अच्छी तरह सहती है। लकड़ी जलती है और खुला इस्पात तेज़ आग में ताक़त खो देता है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि इस्पात हर काम के लिए सबसे अच्छा है। उसमें जंग लगती है, आग में नरम पड़ता है और ईंट-कंक्रीट से महँगा हो सकता है।
- यह कहना कि कंक्रीट मज़बूत है, इसलिए बीम में सरिया नहीं चाहिए। कंक्रीट खिंचाव में कमज़ोर है और सरिया के बिना चटक जाता है।
- वज़न और ताक़त को मिला देना। इस्पात प्रति m³ भारी है पर उसकी बहुत कम मात्रा लगती है।
- रसोई या सीढ़ी के लिए सामग्री चुनते समय आग-सुरक्षा भूल जाना।