सांख्यिकीय जाँच क्या है?
सांख्यिकीय जाँच (statistical inquiry) आँकड़ों की मदद से सवाल का जवाब ढूँढने का तरीका है। इसके पाँच चरण हैं, जिन्हें PPDAC कहते हैं:
- समस्या (Problem) – ऐसा सवाल लिखो जिसका जवाब आँकड़ों से मिले।
- योजना (Plan) – क्या नापना है, किससे पूछना है, कैसे।
- आँकड़े (Data) – इकट्ठा करो, लिखो, गलतियाँ ठीक करो।
- विश्लेषण (Analysis) – छाँटो, आलेख बनाओ, सार निकालो।
- निष्कर्ष (Conclusion) – जवाब दो और बताओ कितना भरोसा है।
अच्छे सांख्यिकीय सवाल के जवाब अलग-अलग होते हैं। “मेरी लंबाई कितनी है?” सांख्यिकीय नहीं (एक ही जवाब)। “कक्षा 8 के बच्चों की लंबाई कितनी है?” सांख्यिकीय है।
योजना: समष्टि, प्रतिदर्श और चर
समष्टि (population) वह पूरा समूह है जिसके बारे में सवाल है। सबसे पूछना जनगणना (census) कहलाता है। अक्सर हम एक छोटे समूह, प्रतिदर्श (sample), से पूछते हैं। निष्पक्ष प्रतिदर्श यादृच्छिक (random) होता है: हर सदस्य के चुने जाने का मौका बराबर।
चर (variable) वह है जो हम नापते हैं। यह गुणात्मक/श्रेणी वाला (बस, पैदल, कार) या संख्यात्मक (मिनट में समय, cm में लंबाई) हो सकता है। सवाल के शब्द, विकल्प, इकाई और लिखने का तरीका (मिलान सारणी, स्प्रेडशीट) पहले से तय करो।
प्राथमिक और द्वितीयक आँकड़े
प्राथमिक आँकड़े तुम खुद इकट्ठा करते हो (सर्वे, प्रयोग, अवलोकन)। द्वितीयक आँकड़े किसी और ने इकट्ठे किए (जनगणना सारणी, मौसम रिकॉर्ड, वेबसाइट)।
आँकड़े इकट्ठा करना और विश्लेषण (कंप्यूटर के साथ)
हर जवाब तुरंत लिखो। गलतियाँ जाँचो, जैसे 1,500 cm लंबाई (असल में 150 cm)। फिर आँकड़ों को बारंबारता सारणी में रखो।
सही आलेख चुनो: श्रेणियों के लिए दंड-आलेख या पाई चार्ट, संख्याओं के लिए आयतचित्र या बिंदु-आलेख, समय के साथ बदलाव के लिए रेखा-आलेख। एक केंद्र (माध्य, माध्यिका, बहुलक) और फैलाव (परिसर) निकालो।
स्प्रेडशीट समय बचाती है: एक कॉलम में आँकड़े लिखो, AVERAGE, MEDIAN, MAX, MIN, COUNTIF जैसे फ़ंक्शन लगाओ और चार्ट बनाओ।
निष्कर्ष और किसी अध्ययन की आलोचना
निष्कर्ष मूल सवाल का जवाब शब्दों और संख्याओं में देता है: “हमारे प्रतिदर्श में लगभग 40% बच्चे पैदल आते हैं; पैदल आना सबसे आम है।”
फिर आलोचना करो – अपनी या किसी और की (समाचार, विज्ञापन):
- क्या प्रतिदर्श काफ़ी बड़ा और यादृच्छिक था?
- क्या पक्षपात (bias) था? सिर्फ़ बस-स्टॉप पर पूछने से बस वाले ज़्यादा आएँगे।
- क्या सवाल किसी एक जवाब की तरफ़ धकेलता था?
- क्या नतीजा दूसरे स्कूलों या मौसमों पर लागू होगा?
अच्छी जाँच एक नए सवाल पर खत्म होती है, और चक्र फिर घूमता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- PPDAC: समस्या → योजना → आँकड़े → विश्लेषण → निष्कर्ष
- समष्टि (population): पूरा समूह जिसके बारे में सवाल है
- प्रतिदर्श (sample): समष्टि का वह हिस्सा जिसे जाँचा गया
- जनगणना (census): समष्टि के हर सदस्य से आँकड़े
- चर (variable): जो बदल सकता है (श्रेणी वाला या संख्यात्मक)
- पक्षपात (bias): तरीके की वह कमी जो नतीजे को एक तरफ़ धकेले
- प्रतिशत = (बारंबारता ÷ कुल) × 100
हल किए गए उदाहरण
1. क्या “मेरे स्कूल बैग का वज़न कितना है?” सांख्यिकीय सवाल है? नहीं तो बदलो।
नहीं – इसका एक ही जवाब है। सांख्यिकीय रूप: “हमारे स्कूल के कक्षा 8 के बच्चों के बैग का आम वज़न कितना है?” इसके कई अलग-अलग जवाब होंगे।
2. 40 बच्चों में से 14 ने फ़ुटबॉल, 10 ने क्रिकेट, 9 ने बास्केटबॉल और 7 ने बैडमिंटन चुना। हर एक का प्रतिशत और बहुलक बताओ।
फ़ुटबॉल 14/40 × 100 = 35%; क्रिकेट 25%; बास्केटबॉल 22.5%; बैडमिंटन 17.5%। जाँच: कुल 100%। बहुलक फ़ुटबॉल है।
3. एक अख़बार ने जिम के बाहर 200 लोगों से पूछा कि क्या वे रोज़ कसरत करते हैं; 80% ने हाँ कहा। उसने छापा “शहर के 80% लोग रोज़ कसरत करते हैं”। आलोचना करो।
प्रतिदर्श पक्षपाती है: जिम के बाहर वाले लोग औसत से ज़्यादा कसरत करते हैं, वे पूरे शहर जैसे नहीं हैं। प्रतिदर्श यादृच्छिक नहीं है। पूरे शहर से यादृच्छिक लोग चुनने चाहिए थे, इसलिए 80% को पूरे शहर पर लागू नहीं कर सकते।
आम गलतियाँ
- एक ही जवाब वाला सवाल पूछना – वह सांख्यिकीय सवाल नहीं है।
- दोस्तों या एक ही कक्षा से पूछकर उसे यादृच्छिक प्रतिदर्श कहना।
- ऐसा सवाल लिखना जो लोगों को एक जवाब की तरफ़ धकेले।
- प्रतिदर्श से बड़े समूह के बारे में निष्कर्ष दे देना।