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रूसी गृहयुद्ध (1918–1922): कारण, चरण, युद्ध साम्यवाद, परिणाम

1917 की अक्टूबर क्रांति के बाद रूस बोल्शेविक लाल सेना और बोल्शेविक-विरोधी श्वेत सेनाओं के गृहयुद्ध में फँस गया; बीच में हरे किसान दल और विदेशी सेनाएँ भी थीं। मुख्य लड़ाई 1918–1920 चली और लाल की जीत हुई। बोल्शेविकों ने युद्ध साम्यवाद (अनाज की वसूली, राष्ट्रीयकृत उद्योग, राशन) से अर्थव्यवस्था चलाई। युद्ध ने लाखों जानें लीं, उद्योग और खेती उजाड़ दी, और नई आर्थिक नीति तक पहुँचाया।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. कारण। चार धक्के युद्ध की ओर ले जाते हैं: सभा बंद होती है, ब्रेस्ट-लितोव्स्क की शांति होती है, अनाज और भूमि ज़बरदस्ती ली जाती है, और पुराने वर्ग सत्ता खो देते हैं।
  2. पक्ष। लाल यानी बोल्शेविक। श्वेत यानी अलग-अलग लक्ष्यों वाले बोल्शेविक-विरोधी समूह। हरे यानी दोनों से लड़ने वाले किसान। कुछ विदेशी सेनाएँ श्वेतों की मदद करती हैं।
  3. चार चरण। 1918 मोर्चे बने। 1919 तीन श्वेत सेनाओं ने साथ हमला किया और पीछे धकेली गईं। 1920 रांगेल और पोलैंड युद्ध। 1921–22 आख़िरी लड़ाई और विद्रोह।
  4. युद्ध साम्यवाद। राज्य किसानों का अतिरिक्त अनाज शहरों और सेना के लिए ले लेता है, उद्योग अपने हाथ में लेता है, निजी व्यापार रोकता है और राशन बाँटता है। अनाज को जाते देखिए।
  5. परिणाम। उद्योग 1913 से बहुत कम बनाता है, फ़सल घटती है और लाखों लोग मरते हैं। लाल जीतते हैं, पर देश थक चुका है।
  6. अब आपकी बारी। चारों चरणों में स्लाइडर चलाइए और 1918 से 1922 में अंत तक लाल टाइल को बढ़ते देखिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या गृहयुद्ध केवल बोल्शेविकों की वजह से शुरू हुआ?

नहीं। चार धक्के थे: बंद सभा, ब्रेस्ट-लितोव्स्क शांति, ज़बरदस्ती अनाज-भूमि नीति और पुराने वर्ग का पतन। कई पक्षों के पास लड़ने के कारण थे।

क्या लाल के सभी दुश्मन "श्वेत" थे?

नहीं। हरे दोनों से लड़ने वाले किसान थे, और विदेशी सेनाओं के अपने उद्देश्य थे। श्वेतों का भी कोई एक कार्यक्रम नहीं था।

हर चरण में क्या हुआ?

चार ब्लॉक देखिए: 1918 मोर्चे बने, 1919 तीन हमले, 1920 रांगेल और पोलैंड, 1921–22 अंत और विद्रोह।

किसानों को युद्ध साम्यवाद क्यों नापसंद था?

राज्य उनका अनाज ले लेता और लगभग कुछ नहीं देता था। अनाज की पट्टी घटती और शहर की पट्टी बढ़ती देखिए।

नुक़सान कितना बड़ा था?

लगभग 70 लाख–1 करोड़ मौतें और 1913 से बहुत छोटा उद्योग। पट्टियों की रेखाओं से तुलना कीजिए।

लाल के लिए कौन-सा चरण सबसे ख़तरनाक था?

1919, जब तीन श्वेत सेनाओं ने तीन ओर से हमला किया। चरण 2 पर जाइए और देखिए लाल के पास कितनी कम टाइल थीं।

गृहयुद्ध के कारण

कोई एक कारण नहीं था। अक्टूबर 1917 के बाद बहुत से समूहों को नुक़सान हुआ और बहुतों को नए शासन से डर था:

युद्ध के चरण

  1. 1918 (पहला चरण): मोर्चे बने। मई में रेल से पूर्व जा रहे चेकोस्लोवाक सैनिकों ने विद्रोह किया और वोल्गा क्षेत्र और साइबेरिया में बोल्शेविक-विरोधी सरकारों की मदद की। ब्रिटेन, फ़्रांस, अमेरिका और जापान ने उत्तर और सुदूर पूर्व में सेनाएँ उतारीं।
  2. 1919 (शिखर): एडमिरल कोल्चाक ने साइबेरिया से, जनरल देनिकिन ने दक्षिण से (अक्टूबर में ओर्योल के पास तक), जनरल यूदेनिच ने पेत्रोग्राद की ओर हमला किया। लेओन त्रोत्स्की ने भर्ती और पुराने ज़ारशाही अफ़सरों की मदद से जो लाल सेना बनाई थी, उसने एक-एक करके सबको रोका।
  3. 1920: कोल्चाक पकड़े गए और फ़रवरी में मारे गए। देनिकिन की सेना बिखर गई। पोलैंड-सोवियत युद्ध हुआ (रीगा की संधि, मार्च 1921)। जनरल रांगेल नवंबर 1920 तक क्रीमिया में टिके, फिर श्वेत चले गए।
  4. 1921–22 (अंत): आख़िरी लड़ाई सुदूर पूर्व में (अक्टूबर 1922 तक)। किसान विद्रोह (ताम्बोव) और क्रोनश्ताद्त में नाविकों का विद्रोह (मार्च 1921) युद्ध साम्यवाद से नाराज़गी दिखाते हैं। दिसंबर 1922 में सोवियत संघ बना।

युद्ध साम्यवाद

युद्ध साम्यवाद (1918–1921) आपातकालीन नीतियों का समूह था, जिससे बोल्शेविकों ने सेना और शहरों को खिलाया और युद्ध जीता।

इस नीति से लाल टिके रहे, पर किसानों ने बुवाई का रक़बा घटा दिया क्योंकि राज्य फ़सल ले लेता था। 1921 तक अकाल पड़ गया।

लाल क्यों जीते और परिणाम

लाल क्यों जीते: उनके पास मास्को, पेत्रोग्राद, ज़्यादातर कारख़ाने और रेलों का केंद्र वाला मध्य क्षेत्र था, इसलिए वे छोटी लाइनों पर तेज़ी से सेना भेज सकते थे। उनके पास एक कमान और एक पार्टी थी। श्वेत किनारों पर बिखरे और आपस में बँटे थे, और बहुत से किसान डरते थे कि श्वेतों की जीत से ज़मींदार लौटेंगे। विदेशी मदद थोड़ी और आधे-अधूरे मन से थी।

परिणाम:

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. गृहयुद्ध के तीन कारण बताइए।

संविधान सभा का बंद होना, ज़मीन छोड़ने वाली ब्रेस्ट-लितोव्स्क शांति, और क्रांति के बाद ज़मींदारों, अफ़सरों और दूसरों की ज़मीन, संपत्ति और सत्ता का छिनना। (साथ में: ज़बरदस्ती अनाज लेना।)

2. विदेशी देशों की मदद के बावजूद श्वेत क्यों हारे?

वे किनारों पर बिखरे थे और उनकी कोई साझा योजना या नेता नहीं था। बहुत से किसान ज़मींदारों की वापसी से डरते थे। विदेशी मदद छोटी थी और उसे विदेशी दख़ल माना गया। लाल के पास केंद्र, रेलें और एक कमान थी।

3. युद्ध साम्यवाद से खाद्य संकट क्यों हुआ?

राज्य किसानों का अतिरिक्त अनाज ले लेता था और लगभग कुछ नहीं देता था। इसलिए किसानों ने कम बोया ताकि जो उगे वह बचा रहे। 1921 के सूखे ने इसमें अकाल जोड़ दिया।

4. मार्च 1921 के क्रोनश्ताद्त विद्रोह ने नीति कैसे बदली?

नौसैनिक अड्डे के नाविकों ने, जो कभी बोल्शेविकों के बड़े समर्थक थे, अनिवार्य वसूली ख़त्म करने और ज़्यादा आज़ादी की माँग की। सरकार ने विद्रोह कुचला, पर नीति भी बदली: उसी महीने नई आर्थिक नीति की घोषणा हुई।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. गृहयुद्ध में "लाल" कौन थे?
2. युद्ध साम्यवाद का भाग क्या था?
3. लाल सेना किसने बनाई?
4. 1921 में नाविकों का जो विद्रोह युद्ध साम्यवाद के अंत में सहायक हुआ, कहाँ हुआ?
5. अकाल और बीमारी समेत गृहयुद्ध में लगभग कितने लोग मरे?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूसी गृहयुद्ध किसने जीता और क्यों?

लाल (बोल्शेविक) जीते। उनके पास रेलों और कारख़ानों वाला केंद्र, एक कमान और भर्ती की सेना थी, जबकि श्वेत बिखरे और बँटे हुए थे।

युद्ध साम्यवाद क्या था?

आपातकालीन नीतियों का समूह (1918–21): ज़बरदस्ती अनाज वसूली, राष्ट्रीयकृत उद्योग, निजी व्यापार पर रोक, राशन और अनिवार्य श्रम।

क्या यह विषय कक्षा 10 में है?

हाँ। यह रूस के कक्षा 10 पाठ्यक्रम की "रूस का इतिहास 1914–1922" इकाई का मुख्य विषय है, जिसके उप-विषय कारण, चरण, युद्ध साम्यवाद और परिणाम हैं।

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