प्रतिरोध, गठबंधन और संघ
प्रतिरोध मतलब हमलावर के ख़िलाफ़ खड़े होना। लगभग 1000 ई. से मध्य एशिया के शासकों ने उत्तर भारत पर हमले किए। महमूद ग़ज़नवी ने कई बार हमला किया (लगभग 1000–1027) और सोमनाथ (1025) जैसे धनी मंदिर लूटे। बाद में ग़ोरी और फिर दिल्ली सल्तनत (1206 से) ने उत्तर में शासन जमाया, और 1526 से मुग़ल आए।
प्रतिरोध करने वाले कुछ राज्य
- राजपूत राज्य: राणा कुंभा ने मज़बूत क़िले बनाए; मेवाड़ के राणा प्रताप ने हल्दीघाटी (1576) में मुग़लों से लड़ाई की और पहाड़ों से संघर्ष जारी रखा।
- विजयनगर साम्राज्य (1336 में हरिहर और बुक्का ने स्थापित किया) ने 200 से ज़्यादा साल दक्षिण की रक्षा की। सबसे महान राजा कृष्णदेवराय कवि भी थे। 1565 में तालीकोटा में हार हुई, पर राजधानी हम्पी आज भी अद्भुत है।
- असम के अहोमों ने कई बार मुग़ल हमले हराए। सेनापति लचित बोरफुकन ने ब्रह्मपुत्र पर सराईघाट का नौसैनिक युद्ध (1671) जीता।
- गोंड राज्य की रानी दुर्गावती ने हार मानने के बजाय मुग़ल सेना से युद्ध किया (1564)।
- मराठा: शिवाजी ने पहाड़ी क़िलों, तेज़ घुड़सवारों और नौसेना से राज्य बनाया और 1674 में राज्याभिषेक हुआ। मराठे दशकों तक मुग़लों से लड़ते रहे।
- चोल (लगभग 1000 ई.) के पास मज़बूत नौसेना थी; राजेंद्र प्रथम ने दक्षिण-पूर्व एशिया तक समुद्री अभियान भेजा।
गठबंधन और संघ
गठबंधन मतलब शासक एक-दूसरे की मदद का वादा करें। संघ (कॉन्फ़ेडरेसी) मतलब अलग-अलग राज्य अपना शासन रखते हुए युद्ध जैसे कामों में साथ चलें। राजपूत शासक कभी-कभी साथ आए (जैसे राणा सांगा के साथ खानवा, 1527)। दक्कन सल्तनतें 1565 में विजयनगर के ख़िलाफ़ एक हुईं। बाद में मराठा सरदार संघ की तरह चले। गठबंधन टूटना भी हार का आम कारण था।
क़िले, अर्थव्यवस्था और राज्य
क़िले
क़िला ऊँची दीवारों वाली मज़बूत जगह है जो लोगों, सैनिकों और सामान की रक्षा करे। राज्यों ने बनाए:
- पहाड़ी क़िले (गिरि दुर्ग): रायगढ़, सिंहगढ़, कुंभलगढ़।
- जल दुर्ग: समुद्र में टापू पर, जैसे जंजीरा और सिंधुदुर्ग।
- मैदानी क़िले खाई के साथ, जैसे गोलकोंडा; पठार पर चित्तौड़गढ़।
क़िलों में मोटी दीवारें, मुड़े हुए दरवाज़े (ताकि दुश्मन सीधे न घुस सके), लंबी घेराबंदी के लिए पानी के कुंड, अन्न-भंडार और बुर्ज होते। इनसे छोटी सेना भी बड़ी सेना के सामने टिक सकती थी।
अर्थव्यवस्था और राज्य
ज़्यादातर लोग किसान थे। राज्य फ़सल का हिस्सा भू-राजस्व (कर) के रूप में लेता। इस पैसे से सैनिक, अधिकारी और कारीगरों को वेतन मिलता। राजा:
- तालाब और नहरें बनवाते (जैसे विजयनगर के तालाब),
- व्यापार मार्गों और बंदरगाहों की रक्षा करते; विजयनगर समुद्र से घोड़े ख़रीदता,
- मंदिरों को भूमि-दान देते; मंदिर खेती, लेन-देन, शिल्प और बाज़ार के केंद्र बने,
- व्यापारी श्रेणियों के साथ काम करते, जैसे दक्षिण की 'अय्यावोले पाँच सौ' और 'मणिग्रामम'।
सूती कपड़ा, धातु और जहाज़ बनाने जैसे शिल्प बढ़े। भारतीय कपड़ा पूरे एशिया में मशहूर था।
कला, वास्तुकला, भाषाएँ और साहित्य
लचीलापन मतलब मुश्किल के बाद फिर से उठना और आगे बढ़ना। युद्ध के समय में भी लोगों ने महान कला रची।
वास्तुकला
- तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर, राजराज चोल ने लगभग 1010 में बनवाया, बहुत ऊँचा शिखर (विमान)।
- कोणार्क का सूर्य मंदिर (13वीं सदी), पत्थर के पहियों वाले विशाल रथ जैसा।
- हम्पी (विजयनगर): संगीत वाले खंभों और पत्थर के रथ वाला विट्ठल मंदिर।
- नई इंडो-इस्लामी इमारतें भी, जैसे मेहराब-गुंबद वाली क़ुतुब मीनार, बाद में मुग़ल इमारतें।
- राजपूत महल-क़िले और अहोमों का रंग घर।
भाषाएँ और साहित्य
कई क्षेत्रीय भाषाएँ बढ़ीं और उनमें महान ग्रंथ लिखे गए:
- कन्नड़ और तेलुगु: कृष्णदेवराय ने तेलुगु में आमुक्तमाल्यदा लिखा।
- मराठी: ज्ञानेश्वर ने गीता को मराठी में समझाया (ज्ञानेश्वरी, लगभग 1290)।
- असमिया: शंकरदेव के नाटक और गीत; अहोमों के इतिहास-ग्रंथ 'बुरंजी'।
- हिंदी (अवधी, ब्रज): तुलसीदास का रामचरितमानस; सूरदास के पद।
- उत्तर में फ़ारसी दरबार की भाषा बनी; मेल-जोल से उर्दू बनी।
राजपूत और मुग़ल लघुचित्र जैसी चित्रकला भी बढ़ी।
भक्ति परंपरा
भक्ति मतलब ईश्वर के प्रति प्रेम भरी श्रद्धा। भक्त संतों ने सिखाया कि अमीर-ग़रीब, स्त्री-पुरुष, किसी भी जाति का व्यक्ति प्रेम से ईश्वर तक पहुँच सकता है। वे लोगों की अपनी भाषा में गाते, ताकि सब समझें।
- शुरुआत: तमिल क्षेत्र के आलवार (विष्णु भक्त) और नायनार (शिव भक्त), 1000 ई. से पहले।
- बसवन्ना (12वीं सदी, कर्नाटक): वीरशैव/लिंगायत आंदोलन; उनके वचन जाति और खोखले कर्मकांड पर सवाल उठाते।
- उत्तर में रामानंद, कबीर (जुलाहे, दोहे लिखे), रैदास, सूरदास, तुलसीदास।
- मीराबाई: राजपूत राजकुमारी जिन्होंने कृष्ण के लिए गाया।
- महाराष्ट्र में नामदेव, एकनाथ, तुकाराम (पंढरपुर की वारी वाली वारकरी परंपरा)।
- बंगाल-ओडिशा में चैतन्य; असम में शंकरदेव, जिन्होंने नामघर (प्रार्थना-घर) बनाए।
- गुरु नानक (1469–1539): एक ईश्वर, ईमानदार मेहनत और बाँटकर खाना; उनकी शिक्षाओं से सिख धर्म बढ़ा, जिसमें लंगर में सब साथ खाते हैं।
सूफ़ी संतों ने भी ईश्वर से प्रेम की ऐसी ही बात कही। भक्ति और सूफ़ी विचारों ने लोगों को साथ रहने और कठिन समय में हिम्मत रखने में मदद की।
करके देखें
3D के आख़िरी चरण में पहले कम फ़सल, फिर ज़्यादा फ़सल रखो। पहले अंदाज़ा लगाओ: सैनिकों, क़िलों और मंदिरों का क्या होगा? घर पर: अपनी भाषा का एक भक्ति गीत या दोहा ढूँढो (किसी बड़े से पूछो)। वह प्रेम, जाति या कर्मकांड के बारे में क्या कहता है? अपने शब्दों में एक लाइन लिखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रतिरोध = हमले के सामने खड़े होना; लचीलापन = फिर से उठना
- गठबंधन = शासक एक-दूसरे की मदद करें; संघ = अलग राज्य साथ चलें
- विजयनगर: 1336 (हरिहर, बुक्का) → तालीकोटा 1565
- अहोम: लचित बोरफुकन, सराईघाट 1671
- शिवाजी का राज्याभिषेक 1674: पहाड़ी क़िले + घुड़सवार + नौसेना
- भक्ति = ईश्वर से प्रेम; सबके लिए, लोगों की भाषा में
हल किए गए उदाहरण
1. छोटे राज्यों के लिए पहाड़ी क़िले क्यों काम के थे?
खड़ी पहाड़ी पर ऊँची दीवारें चढ़ना मुश्किल था। मुड़े दरवाज़े हमलावर को धीमा करते। पानी के कुंड और अन्न-भंडार से रक्षक लंबी घेराबंदी झेल लेते।
2. गठबंधन और संघ में क्या अंतर है?
गठबंधन मदद का समझौता है। संघ ऐसा टिकाऊ समूह है जिसमें राज्य अपना शासन रखते हुए युद्ध जैसे कामों में साथ चलते हैं।
3. भक्त संतों ने सामाजिक व्यवस्था को कैसे चुनौती दी?
उन्होंने कहा कि किसी भी जाति या लिंग का व्यक्ति प्रेम से ईश्वर पा सकता है। वे लोगों की भाषा में गाते और कई साधारण मेहनतकश परिवारों से थे, जैसे जुलाहे कबीर।
4. मंदिरों ने अर्थव्यवस्था में कैसे मदद की?
मंदिरों को भूमि-दान मिलता, वे बहुत लोगों को काम देते, उधार देते, बाज़ार-मेले लगाते और बुनाई, मूर्तिकला, धातु-कला को सहारा देते।
5. विजयनगर 1336 से 1565 की हार तक चला। कितने साल?
1565 − 1336 = 229 साल।
आम गलतियाँ
- सोचना कि कोई प्रतिरोध नहीं हुआ। राजपूत, विजयनगर, अहोम, गोंड, मराठा सदियों तक लड़े।
- प्रतिरोध (लड़ना) और लचीलापन (फिर उठना, रचना) को एक समझना।
- सोचना कि भक्ति एक ही इलाके में थी। यह तमिल क्षेत्र से हर क्षेत्र और भाषा में फैली।
- कहना कि शिवाजी सिर्फ़ ज़मीन पर लड़े। उन्होंने नौसेना और सिंधुदुर्ग जैसे समुद्री क़िले भी बनाए।