पीटर ने सुधार क्यों किए
लंबे उत्तरी युद्ध के लिए पीटर को धन, सैनिक और कुशल अधिकारी चाहिए थे। उसके सुधार लहरों में, अक्सर जल्दबाज़ी में आए। उसने स्वीडन, हॉलैंड और दूसरे यूरोपीय राज्यों से विचार लिए, पर उन्हें रूस के हिसाब से ढाला।
केंद्रीय और स्थानीय शासन
पुरानी बोयार ड्यूमा फीकी पड़ गई। 1711 में पीटर ने कुछ भरोसेमंद लोगों की सीनेट बनाई। वह उसकी ग़ैरमौजूदगी में राज चलाती थी। 1717–1718 में उसने कई पुराने दफ़्तरों (प्रिकाज़) की जगह कॉलेजियम बनाए, जैसे विदेश, सेना, नौसेना और वाणिज्य। हर कॉलेजियम का साफ़ काम था, आज के मंत्रालयों जैसा। 1722 में सीनेट पर नज़र रखने के लिए प्रोक्यूरेटर-जनरल बना।
स्थानीय स्तर पर रूस 1708 में बड़ी गुबेर्नियों में और 1719 में प्रांतों और ज़िलों में बँटा, जिन्हें केंद्र से भेजे अधिकारी चलाते थे।
चर्च
1700 में पैट्रिआर्क एड्रियन की मृत्यु पर पीटर ने नया पैट्रिआर्क नहीं बनाया। 1721 में उसने पैट्रिआर्क-पद ख़त्म किया और पवित्र सिनॉड बनाई, जो बिशपों और पादरियों की परिषद थी। 1722 से एक राज्य-अधिकारी, ओबेर-प्रोक्यूरेटर, उस पर नज़र रखता था। अब चर्च राज्य के हिस्से की तरह चलता था।
सेना और नौसेना
1705 से रंगरूट-भर्ती शुरू हुई: गाँवों को (लगभग हर 20 घर पर एक) जीवन-भर की सेवा के लिए रंगरूट भेजने पड़ते थे। पुरानी स्ट्रेल्ट्सी की जगह वर्दी, कवायद और लिखित नियमों (1716 का सैन्य विनियम) वाली नियमित सेना आई। पीटर ने सेंट पीटर्सबर्ग के जहाज़-घाटों और एडमिरल्टी के साथ बाल्टिक बेड़ा भी बनाया। नौसेना ने गंगुत (1714) और ग्रेनगम (1720) जीते।
कर
पुराना गृह-कर घर गिनता था। लोग कम कर देने के लिए कई रिश्तेदारों को एक घर में भर देते थे, इसलिए राज्य को घाटा होता था। 1718 से पीटर ने जनगणना कराई और प्रति-व्यक्ति कर (पदुशनाया पदात) शुरू किया: हर पुरुष "आत्मा" कर देता था, ग़ुलाम किसान भी, और ज़मींदार उसे वसूलने के ज़िम्मेदार थे। इससे आय बढ़ी, पर आम लोगों पर बोझ भारी पड़ा।
पद-तालिका (1722)
पद-तालिका में तीन सेवाओं, सेना, नागरिक सेवा और दरबार, के 14 पद थे। व्यक्ति नीचे से शुरू करता और सेवा और हुनर से ऊपर चढ़ता। बीच के पदों तक पहुँचने पर वंशानुगत कुलीनता मिलती थी। इससे कुलीन वर्ग प्रतिभाशाली लोगों के लिए खुला और कुलीनों को राज्य की सेवा करनी पड़ी।
कारख़ाने (मैन्युफ़ैक्टरी)
मैन्युफ़ैक्टरी शुरुआती कारख़ाने हैं। पीटर ने ख़ासकर यूराल में खदानें और लोहे के कारख़ाने, और कपड़ा, काँच, पालों का कपड़ा और हथियार के कारख़ाने बनवाए। कुछ राज्य के थे; देमिदोव जैसे व्यापारियों के कुछ राज्य की मदद से थे। पीटर ने आयात पर कर लगाकर रूसी माल की रक्षा की। कई मज़दूर कारख़ानों को सौंपे गए किसान थे, यानी जबरन श्रम। मुख्य उद्देश्य बंदूकें, जहाज़ और वर्दियाँ थीं।
करके देखो
पीटर की तरह गिनो। एक घर में 4 पुरुष हैं। पुराना कर: प्रति घर 1 सिक्का। नया कर: प्रति पुरुष 1 सिक्का। किस तरीक़े से ज़्यादा सिक्के मिलते हैं? पहले अंदाज़ा लगाओ, फिर 3D में स्टेप 3 से जाँचो। फिर 14 सीढ़ियों की सीढ़ी बनाओ और लिखो कि सेना में जाओ तो कहाँ से शुरू करोगे।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 1708 गुबेर्नियाँ → 1711 सीनेट → 1717-18 कॉलेजियम → 1719 प्रांत → 1721 पवित्र सिनॉड → 1722 पद-तालिका
- रंगरूट ≈ घर ÷ 20
- प्रति-व्यक्ति कर = पुरुष "आत्माओं" की संख्या × प्रति आत्मा कर
हल किए गए उदाहरण
1. एक ज़िले में 200 घर हैं। (प्रति 20 घर 1 रंगरूट) लगभग कितने रंगरूट भेजेगा?
200 ÷ 20 = 10 रंगरूट।
2. एक घर में 4 पुरुष हैं। गृह-कर (प्रति घर 1) और प्रति-व्यक्ति कर (प्रति पुरुष 1) में कितने सिक्के?
गृह-कर: 1 सिक्का। प्रति-व्यक्ति कर: 4 सिक्के।
3. पीटर ने प्रिकाज़ की जगह कॉलेजियम क्यों बनाए?
प्रिकाज़ के काम आपस में उलझे और धीमे थे। कॉलेजियम का एक साफ़ काम और नियम था, आधुनिक मंत्रालय की तरह, जिससे शासन तेज़ और व्यवस्थित हुआ।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि पीटर ने पैट्रिआर्क बनाए रखा। उसने 1721 में पैट्रिआर्क-पद ख़त्म करके सिनॉड बनाई।
- गृह-कर (घर गिनता है) और प्रति-व्यक्ति कर (पुरुष गिनता है) को मिलाना।
- यह कहना कि पद-तालिका ने सिर्फ़ जन्म से कुलीनता दी। उसने सेवा से पद दिया।
- यह सोचना कि सीनेट ने ज़ार की जगह ले ली। वह सिर्फ़ ज़ार की ग़ैरमौजूदगी में या उसके आदेश पर राज चलाती थी।