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पीटर प्रथम के शासन की शुरुआत (1682–1698)

1682 में दस साल का पीटर और उसका सौतेला भाई इवान पंचम साथ ज़ार बने, और उनकी बहन सोफ़िया रीजेंट बनकर राज चलाती रही। 1689 में पीटर ने सत्ता ली। 1695 में बेड़ा न होने से वह आज़ोव में विफल रहा, फिर उसने वोरोनेज़ में बेड़ा बनाया और 1696 में आज़ोव जीत लिया। 1697-98 में वह महान दूत-मंडल के साथ गुप्त रूप से पश्चिमी यूरोप घूमा, जहाज़ बनाना और नई विद्याएँ सीखीं, और लौटकर रूस को बदलने लगा।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. 1682: दस साल का पीटर और उसका सौतेला भाई इवान पंचम साथ ज़ार बनते हैं। बड़ी बहन सोफ़िया रीजेंट है। असली ताक़त उसके पास है।
  2. 1689: सोफ़िया के सैनिक अभियान विफल रहे। 17 साल का पीटर सत्ता लेता है। सोफ़िया को मठ भेजा जाता है। अब पीटर असली शासक है।
  3. आज़ोव: 1695 में पीटर के पास बेड़ा नहीं है, इसलिए किला टिकता है। 1696 में वोरोनेज़ का नया बेड़ा आता है और आज़ोव जीत लिया जाता है।
  4. महान दूत-मंडल, 1697-98: पीटर गुप्त रूप से रीगा, हॉलैंड, इंग्लैंड और वियना जाता है। वह जहाज़ बनाना और नई विद्याएँ सीखता है।
  5. वह 1698 में लौटता है और जहाज़, औज़ार और किताबें लाता है। वह पुराने रिवाज़, जैसे लंबी दाढ़ी और पुरानी पोशाक, बदलना शुरू करता है।
  6. अब तुम खेलो: साल का स्लाइडर 1682 से 1698 तक चलाओ। पीटर को बड़ा होते, ताज पहनते देखो और हर घटना पढ़ो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

दो ज़ार क्यों थे?

ज़ार की मृत्यु के बाद दरबार ने पीटर (10) और इवान पंचम को साथ-साथ ज़ार चुना। स्टेप 0 में दोनों बच्चे गद्दी पर हैं।

1689 तक असली राज किसने किया?

रीजेंट सोफ़िया ने, गोलित्सिन के साथ। स्टेप 1 में वह हटती है और पीटर गद्दी लेता है।

आज़ोव का फ़ैसला बेड़े ने क्यों किया?

जहाज़ों ने उस समुद्री रास्ते को रोक दिया जिससे किले को रसद मिलती थी। स्टेप 2 में 1695 और 1696 के दोनों पक्ष दिखते हैं।

ज़ार ने बढ़ई का काम क्यों किया?

डच जहाज़-घाटों में हाथ से काम करके जहाज़ बनाना सीखने के लिए। स्टेप 3 में उसके पड़ाव दिखते हैं।

पीटर के लौटने पर क्या बदला?

वह विचार, औज़ार और किताबें लाया और पुराने रिवाज़ बदलने लगा। स्टेप 4 में पुराने और नए ढंग साथ-साथ हैं।

दो ज़ार और एक रीजेंट: सोफ़िया की रीजेंसी (1682–1689)

1682 में ज़ार की मृत्यु बिना साफ़ उत्तराधिकारी के हुई। स्ट्रेल्ट्सी (मॉस्को की बंदूकधारी सेना) के विद्रोह के बाद दस साल का पीटर और उसका बीमार सौतेला भाई इवान पंचम साथ-साथ ज़ार बनाए गए। उनकी बड़ी बहन सोफ़िया रीजेंट (बच्चे की जगह राज करने वाली) बनी। उसने अपने सलाहकार राजकुमार गोलित्सिन के साथ 7 साल राज किया।

1687 और 1689 में गोलित्सिन ने क्रीमिया ख़ानत के विरुद्ध दो क्रीमिया अभियान चलाए। दोनों में ज़मीन नहीं मिली और सोफ़िया की लोकप्रियता घटी। 1686 में रूस ने पोलैंड से "शाश्वत शांति" की और 1689 में नेरचिंस्क की संधि ने चिंग चीन के साथ सीमा तय की।

पीटर सत्ता लेता है (1689)

पीटर क्रेमलिन के बाहर पला और उसे नावें, कवायद और "खिलौना" पलटनें पसंद थीं, जो आगे असली गार्ड रेजिमेंट बनीं। अगस्त 1689 में उसने सोफ़िया के विरुद्ध क़दम उठाया। रईस और कई सैनिक उसके साथ आए। सोफ़िया को मठ में रखा गया। इवान पंचम 1696 में अपनी मृत्यु तक नाम का सह-ज़ार रहा, पर राज पीटर करता था।

आज़ोव अभियान (1695–1696)

रूस दक्षिणी समुद्र का रास्ता और ऑटोमन साम्राज्य से टक्कर चाहता था। आज़ोव दोन नदी के मुहाने पर एक किला है। पीटर ने 1695 में सिर्फ़ सेना के साथ हमला किया। किले को समुद्र से जहाज़ों से रसद मिलती रही, इसलिए हमला विफल हुआ।

पीटर ने जल्दी सीखा। सर्दी में उसने वोरोनेज़ में नदी का बेड़ा बनाया। 1696 में उसके बेड़े ने समुद्र का रास्ता रोका और आज़ोव जीत लिया गया। यह रूस की इस तरह की पहली सफलता थी। इसके बाद पीटर ने और बड़ी नौसेना बनवाने का आदेश दिया।

महान दूत-मंडल (1697–1698)

1697 में एक बड़ा दल मॉस्को से निकला, ताकि ऑटोमन विरोधी साथी ढूँढे और सीखे। पीटर गुप्त रूप से "पीटर मिख़ाइलोव" नाम के साधारण बढ़ई के रूप में उसके साथ गया। वह पश्चिमी यूरोप की यात्रा करने वाला पहला रूसी शासक था।

दूत-मंडल को साथी नहीं मिले, पर पीटर ने कई विशेषज्ञ नौकरी पर रखे और औज़ार व किताबें ख़रीदीं।

घर वापसी, 1698

1698 में स्ट्रेल्ट्सी ने फिर विद्रोह किया और पीटर जल्दी घर लौटा। विद्रोह दबाया जा चुका था, पर उसने नेताओं को कड़ी सज़ा दी और बाद में स्ट्रेल्ट्सी को भंग कर दिया। उसने रोज़मर्रा का जीवन बदलना शुरू किया: रईसों से लंबी दाढ़ी कटवाने और यूरोपीय कपड़े पहनने को कहा गया। उसके लाए विचारों ने बड़े सुधारों और स्वीडन से युद्ध की तैयारी की।

करके देखो

तारीख़ों की सड़क बनाओ। कागज़ की पट्टी पर 1682, 1689, 1695, 1696, 1697, 1698 लिखो। हर के नीचे पीटर की उम्र (साल − 1672) लिखो। पहले अंदाज़ा लगाओ: आज़ोव गिरा तब वह कितने साल का था? फिर 3D में स्लाइडर से जाँचो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 1689 में सत्ता लेते समय पीटर कितने साल का था?

1689 − 1672 = 17 साल।

2. सोफ़िया ने रीजेंट के रूप में कितने साल राज किया (1682 से 1689)?

1689 − 1682 = 7 साल।

3. पहला आज़ोव अभियान क्यों विफल रहा पर दूसरा सफल?

1695 में पीटर के पास बेड़ा नहीं था, इसलिए किले को समुद्र से रसद मिलती रही। 1696 में वोरोनेज़ के नए बेड़े ने समुद्र का रास्ता रोका और आज़ोव जीत लिया गया।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. पीटर और इवान पंचम की ओर से रीजेंट कौन थी?
2. पीटर ने किस साल सत्ता ली?
3. पहला आज़ोव अभियान (1695) क्यों विफल रहा?
4. महान दूत-मंडल में पीटर ने जहाज़-घाटों में कहाँ काम किया?
5. पीटर ने किस नाम से यात्रा की?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीटर की कहानी में सोफ़िया कौन थी?

पीटर की बड़ी सौतेली बहन। उसने 1682 से 1689 तक रीजेंट के रूप में राज किया, जब तक पीटर ने सत्ता लेकर उसे मठ नहीं भेजा।

महान दूत-मंडल क्या था?

1697-98 का बड़ा दल जिसने पश्चिमी यूरोप की यात्रा की, ऑटोमन विरोधी साथी ढूँढने और हुनर सीखने के लिए। पीटर उसमें गुप्त रूप से शामिल हुआ।

आज़ोव क्यों ज़रूरी था?

यह आज़ोव सागर के पास दोन नदी के मुहाने का किला था। 1696 में उसे जीतने से रूस को दक्षिण की ओर पहला क़दम मिला और बेड़े का महत्व दिखा।

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