महल तख़्तापलट के कारण
साफ़ नियम नहीं। 1722 में पीटर ने नियम बनाया कि शासक किसी को भी उत्तराधिकारी चुन सकता है। 1725 में वे बिना किसी का नाम बताए मरे, इसलिए कई लोग गद्दी का दावा कर सकते थे।
कमज़ोर वंश-रेखा। पीटर का बेटा अलेक्सेई 1718 में मर चुका था। आगे के शासक स्त्रियाँ, एक बालक और एक शिशु थे, जो अकेले दृढ़ता से शासन नहीं कर सकते थे।
गार्ड्स। राजधानी में महल के पास अभिजात रेजिमेंटें (प्रेओब्राज़ेंस्की और सेम्योनोव्स्की) रहती थीं। जिसे वे समर्थन दें वह तेज़ी से, अक्सर रात में, बिना ज़्यादा लड़ाई के सत्ता ले सकता था।
दरबारी गुट। सामंत परिवारों और अफ़सरों ने प्रतिद्वंद्वी गुट बनाए और जीतने के लिए गार्ड्स का सहारा लिया। महल तख़्तापलट वह शासक-परिवर्तन है जो महल और सेना के भीतर कुछ लोग करते हैं, जनता का विद्रोह नहीं।
शासक, एक-एक करके
कैथरीन प्रथम (1725 से 1727): पीटर की पत्नी। राजकुमार मेन्शिकोव और गार्ड्स ने उन्हें गद्दी पर बैठाया। पीटर द्वितीय (1727 से 1730): पीटर का युवा पोता; 14 साल की उम्र में चेचक से मरा।
अन्ना (1730 से 1740): पीटर की भतीजी। सर्वोच्च प्रिवी परिषद के एक छोटे समूह ने उन्हें बुलाया पर लिखित शर्तों से उनकी शक्ति सीमित करना चाहा। कई सामंतों और गार्ड्स को यह पसंद नहीं आया; उन्होंने शर्तें फाड़ दीं और पूर्ण निरंकुश रूप में शासन किया।
इवान षष्ठ (1740 से 1741): अन्ना द्वारा नामित एक शिशु; उसकी ओर से संरक्षक शासन करते थे। एलिज़ाबेथ (1741 से 1761): पीटर की बेटी; नवंबर 1741 में वे प्रेओब्राज़ेंस्की गार्ड्स के पास गईं, जिन्होंने उन्हें रातों-रात साम्राज्ञी बना दिया। उनका शासन शांत और संस्कृति में समृद्ध रहा।
पीटर तृतीय (1761 से 1762): उनका भतीजा। उसने प्रशिया से युद्ध ख़त्म किया और सामंतों को अनिवार्य सेवा से मुक्त किया, पर राजधानी में कई लोग उसे नापसंद करते थे। जून 1762 में उसकी पत्नी कैथरीन द्वितीय ने गार्ड्स की मदद से गद्दी ले ली।
चहेतावाद: ताक़तवर दोस्त
चहेतावाद का अर्थ है कि शासक किसी क़रीबी दोस्त को धन और ताक़त दे, योग्यता के कारण नहीं, नज़दीकी के कारण। कैथरीन प्रथम के समय मेन्शिकोव, अन्ना के समय बिरोन, एलिज़ाबेथ के समय रज़ुमोव्स्की और शुवालोव परिवार, और कैथरीन द्वितीय की मदद करने वाले ओर्लोव भाई प्रसिद्ध उदाहरण हैं।
चहेते क़ानून, ज़मीनें और नौकरियाँ प्रभावित कर सकते थे। अन्ना के समय कई जर्मन ऊँचे पदों पर थे और रूसी सामंत इससे चिढ़ते थे। चहेते जल्दी उठते-गिरते भी थे: मेन्शिकोव 1727 में निर्वासित हुआ।
इस बीच सामंतों को लाभ हुआ: 1736 में उनकी सेवा घटाकर 25 साल हुई, और 1762 में वैकल्पिक हो गई। सीनेट और दूसरे दफ़्तर कमज़ोर रहे।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- उत्तराधिकार क़ानून (1722): शासक किसी को भी उत्तराधिकारी चुन सकता है।
- महल तख़्तापलट: महल और सेना के भीतर कुछ लोगों द्वारा शासक का बदलाव।
- गार्ड रेजिमेंटें: राजधानी के अभिजात सैनिक जो तय करते थे कि कौन शासन करे।
- चहेता: शासक का क़रीबी दोस्त जिसे बड़ी ताक़त और दौलत मिली।
- महल तख़्तापलट का युग: 1725 से 1762 (37 वर्ष, कैथरीन द्वितीय से पहले छह शासक)।
- शर्तें (1730): अन्ना की शक्ति पर सीमाएँ, जिन्हें उन्होंने फाड़ दिया।
हल किए गए उदाहरण
1. महल तख़्तापलट के तीन कारण बताओ।
1722 के क़ानून के बाद साफ़ उत्तराधिकार नियम न होना और 1725 में कोई नाम न होना; कमज़ोर शासक, जैसे स्त्रियाँ, बालक और शिशु; और राजधानी की गार्ड रेजिमेंटें जो शासक बना या गिरा सकती थीं।
2. एलिज़ाबेथ 1741 में साम्राज्ञी कैसे बनीं?
वे रात को प्रेओब्राज़ेंस्की गार्ड्स के पास गईं। गार्ड्स ने पीटर की बेटी के रूप में उनका साथ दिया, शिशु इवान षष्ठ और उसके संरक्षक को गिरफ़्तार किया और बिना बड़ी लड़ाई के उन्हें साम्राज्ञी बना दिया।
3. अन्ना वाली 1730 की घटना महत्त्वपूर्ण क्यों है?
परिषद के एक समूह ने लिखित शर्तों से उनकी शक्ति सीमित करने की कोशिश की। कई सामंतों और गार्ड्स ने उनका साथ दिया और उन्होंने शर्तें फाड़ दीं, इसलिए निरंकुशता बनी रही।
आम गलतियाँ
- महल तख़्तापलट को "क्रांति" कहना। वे छोटे दरबारी गुटों द्वारा शासक-बदलाव थे, जनता का उभार नहीं।
- यह कहना कि पीटर ने उत्तराधिकारी चुना। उन्होंने नहीं चुना; 1722 के क़ानून ने सिर्फ़ चुनने की छूट दी थी।
- एलिज़ाबेथ को पीटर के बाद का पहला शासक मानना। वे 1741 में आईं, कैथरीन प्रथम, पीटर द्वितीय, अन्ना और इवान षष्ठ के बाद।
- यह भूलना कि यह युग 1762 में कैथरीन द्वितीय पर ख़त्म हुआ, एलिज़ाबेथ पर नहीं।