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सेंट पीटर्सबर्ग और पीटर महान की नई संस्कृति

1703 में पीटर महान ने नेवा नदी के दलदली किनारे पर नया शहर बसाना शुरू किया। यही राजधानी बना और रूस की "यूरोप की खिड़की" कहलाया। पीटर नए विचार भी चाहते थे: उन्होंने स्कूल खोले, अख़बार और संग्रहालय शुरू किया, विज्ञान अकादमी की योजना बनाई, कैलेंडर बदला, अक्षर सरल किए और सामंतों को पश्चिमी ढंग से रहना सिखाया। बदलाव तेज़ और ज़बरदस्ती वाले थे, और हज़ारों मज़दूरों ने भारी क़ीमत चुकाई।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. 1703: नेवा नदी के पास ख़ाली दलदल। पीटर यहाँ क़िला बनाते हैं। नया शहर शुरू होता है।
  2. हज़ारों मज़दूर पत्थर और लकड़ी लाते हैं। सीधी सड़कें और पत्थर की इमारतें उठती हैं। 1712 में यह राजधानी बनता है।
  3. पीटर नौसेना-विद्यालय, अख़बार और संग्रहालय खोलते हैं और विज्ञान अकादमी की योजना बनाते हैं। ज्ञान बढ़ता है।
  4. अब साल 1 जनवरी से शुरू होता है और ईसा के जन्म से गिना जाता है। अक्षर पढ़ने में आसान हो जाते हैं।
  5. सामंत लंबी दाढ़ी और चोग़े छोड़कर पश्चिमी कपड़े पहनते हैं। सभाओं (असेंबली) में अब स्त्री-पुरुष साथ मिलते हैं।
  6. खुद करो: हर बदलाव दोबारा देखने के लिए बटन दबाओ।

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🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

मास्को छोड़कर दलदल पर शहर क्यों बनाया?

मास्को समुद्र से दूर था। पीटर को जहाज़ों और व्यापार के लिए बाल्टिक का बंदरगाह चाहिए था, इसलिए उन्होंने वहाँ बसाया जहाँ नेवा समुद्र से मिलती है।

शहर किसने बनाया?

ज़्यादातर ज़बरदस्ती लाए गए किसान और सैनिक, और योजना विदेशी वास्तुकारों ने बनाई। बहुत मज़दूर मरे।

क्या मास्को अब महत्त्वहीन हो गया?

मास्को बड़ा पुराना शहर रहा और राज्याभिषेक की जगह भी, पर सरकार और दरबार सेंट पीटर्सबर्ग से काम करते थे।

पीटर ने संग्रहालय और अकादमी क्यों खोली?

वे चाहते थे कि रूस यूरोप से विज्ञान और तकनीक सीखे और अपने विद्वान बनाए, ताकि जहाज़, तोपें और मशीनें बन सकें।

कैलेंडर क्यों ज़रूरी था?

दूसरे देशों जैसा वर्ष-अंक और शुरुआत होने से व्यापार, संधियाँ और चिट्ठियाँ आसानी से मेल खाईं।

क्या आम किसान भी पश्चिमी कपड़े पहनने लगे?

नहीं। नियम ज़्यादातर सामंतों और शहरवासियों के लिए थे। गाँव का जीवन बहुत कम बदला।

दलदल पर नई राजधानी

मई 1703 में पीटर ने बाल्टिक सागर के पास नेवा नदी के एक द्वीप पर पीटर और पॉल क़िला बनाना शुरू किया। ज़मीन गीली, समतल और अक्सर बाढ़ वाली थी। फिर यहाँ क्यों बनाया? रूस बाल्टिक तट के लिए स्वीडन से लड़ रहा था, और पीटर को ऐसा बंदरगाह चाहिए था जो पश्चिमी यूरोप तक समुद्री रास्ता खोले।

रूस के कई हिस्सों से हज़ारों मज़दूर ज़बरदस्ती लाए गए। उन्होंने कड़ाके की ठंड में खुदाई की, पानी निकाला और पत्थर ढोया; बहुत-से मर गए। पीटर ने आदेश दिया कि नए शहर में पत्थर के घर बनें और कई दूसरे शहरों में पत्थर की इमारतें मना कर दीं, ताकि राजमिस्त्री यहीं आएँ। इटली और दूसरे देशों के वास्तुकारों ने सीधी सड़कों और नहरों वाली पहली योजनाएँ बनाईं।

लगभग 1712 में सरकार और दरबार यहाँ आ गए और सेंट पीटर्सबर्ग राजधानी बन गया। लोग इसे रूस की यूरोप की खिड़की कहते थे: इसी से जहाज़, माल और विचार आते थे।

नए स्कूल, किताबें और विज्ञान

पीटर को नाविक, इंजीनियर और अफ़सर चाहिए थे, इसलिए उन्होंने स्कूल खोले। गणित और नौसंचालन विद्यालय (1701) में गणित, नक़्शे पढ़ना और जहाज़ चलाना सिखाया जाता था। युवा सामंतों को पढ़ने विदेश भी भेजा गया।

1702 में वेदोमोस्ती आया, रूस का पहला छपा हुआ अख़बार, जिसमें युद्ध और व्यापार की ख़बरें होती थीं। 1714 में नई राजधानी में कुन्स्तकामेरा, यानी प्रकृति के अजूबों और दुर्लभ चीज़ों का संग्रहालय, बना। 1724 में पीटर ने विज्ञान अकादमी का आदेश दिया; वह उनकी मृत्यु के तुरंत बाद 1725 में खुली। विदेशी विद्वान वहाँ काम करने आए।

इन क़दमों से रूस को पहले सरकारी स्कूल और शोध की जगहें मिलीं। फिर भी ज़्यादातर आम किसान किसी स्कूल नहीं जा पाए।

नया कैलेंडर और सरल अक्षर

1700 से पहले रूसी लोग 1 सितंबर से साल शुरू करते थे और वर्ष "सृष्टि की रचना" से गिनते थे। इसलिए 1700 का साल 7208 कहलाता था। पीटर ने आदेश दिया कि 1 जनवरी 1700 से नया साल जनवरी में शुरू होगा और वर्ष ईसा के जन्म से गिने जाएँगे, जैसा यूरोप के बड़े हिस्से में होता था। इससे दूसरे देशों से व्यापार और पत्राचार आसान हुआ। (रूस अब भी पुराना जूलियन कैलेंडर ही चलाता था।)

1708 से 1710 के बीच पीटर ने अक्षरों को नया रूप देकर नागरिक लिपि बनवाई: पुराने चर्च वाले अक्षरों से गोल और सरल। इसमें विज्ञान, व्यापार और क़ानून की किताबें छपीं, ताकि ज़्यादा लोग पढ़ सकें।

सामंतों का रोज़ का जीवन बदलता है

पीटर ने सामंतों के रंग-ढंग और रहन-सहन को बदलवाया। लंबी दाढ़ी पर कर लगा (1698 से)। लंबे चोग़ों की जगह छोटे कोट और पश्चिमी कपड़े आए। 1717 की शिष्टाचार की किताब नौजवानों का सम्मानित दर्पण ने सिखाया कि कैसे झुकना, खाना और बात करना है।

1718 में उन्होंने असेंबलियाँ शुरू कीं: सामंतों के घरों में शाम की सभाएँ, जिनमें बातचीत, खेल, नाच और चाय होती थी। जो स्त्रियाँ पहले ऐसे मौक़ों पर पुरुषों से अलग रहती थीं, वे अब शामिल हुईं। सामंतों को राजधानी में पत्थर के घर बनाने, विदेशी भाषा सीखने और राज्य की सेवा करने की ज़रूरत थी।

ये नियम मुख्यतः सामंतों और शहरवासियों पर लागू हुए। गाँवों में किसान लगभग पहले जैसे ही रहे, इसलिए रूस में जीवन के दो ढंग बन गए।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. पीटर ने सेंट पीटर्सबर्ग नेवा पर क्यों बनाया? दो कारण दो।

इससे रूस को व्यापार और जहाज़ी बेड़े के लिए बाल्टिक सागर पर बंदरगाह मिला, और यह युद्ध के शत्रु स्वीडन के पास था। यह पुराने मास्को के रिवाज़ों से दूर नई शुरुआत भी थी।

2. 1700 के कैलेंडर बदलाव से रूस को क्या फ़ायदा हुआ?

साल अब 1 जनवरी से शुरू होता और ईसा के जन्म से गिना जाता था, जैसे ज़्यादातर यूरोप में। व्यापारी और राजदूत दूसरे देशों की तारीख़ों से आसानी से मिलान कर पाते।

3. असेंबलियों को बड़ा बदलाव क्यों माना गया?

पहले सामंत स्त्रियाँ सभाओं में पुरुषों से अलग रहती थीं। असेंबली में स्त्री-पुरुष पश्चिमी ढंग से साथ मिले, बोले और नाचे, जिससे तौर-तरीक़े बदले।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. सेंट पीटर्सबर्ग किस नदी के किनारे है?
2. सेंट पीटर्सबर्ग की स्थापना कब हुई?
3. वेदोमोस्ती क्या था?
4. 1700 के कैलेंडर में नया साल कब शुरू होता है?
5. असेंबलियाँ क्या थीं?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेंट पीटर्सबर्ग कब और क्यों बसाया गया?

1703 में पीटर महान ने, रूस को बाल्टिक बंदरगाह, स्वीडन के विरुद्ध अड्डा और यूरोप की खिड़की देने के लिए।

पीटर ने कौन-से सांस्कृतिक बदलाव किए?

नए स्कूल, अख़बार, संग्रहालय, विज्ञान अकादमी, नया कैलेंडर, सरल अक्षर, पश्चिमी पहनावा और असेंबलियाँ।

क्या ये बदलाव सभी रूसियों तक पहुँचे?

नहीं। ये मुख्यतः सामंतों और शहरवासियों तक पहुँचे; ज़्यादातर किसान पुराने ढंग से रहे।

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