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रूस के पावेल प्रथम: 1796 से 1801 का छोटा शासन

कैथरीन द्वितीय के पुत्र पावेल प्रथम ने 1796 से 1801 तक रूस पर शासन किया। 1797 में उसने उत्तराधिकार का साफ़ नियम बनाया: ताज पिता से सबसे बड़े पुत्र को जाएगा। उसी साल उसने कहा कि भूदासों से हफ़्ते में तीन दिन से ज़्यादा ज़मींदार के लिए काम न कराया जाए, हालाँकि इस नियम को लागू करना कठिन था। उसने सख़्त अनुशासन, सेना की कवायद और छपाई पर कड़े नियंत्रण की माँग की और कुलीनों के कुछ विशेषाधिकार घटाए। विदेश नीति में रूस क्रांतिकारी फ़्रांस के विरुद्ध युद्ध में शामिल हुआ (सुवोरोव का आल्प्स पार करना और उशाकोव का भूमध्य सागर अभियान, 1799), फिर पावेल ने ऑस्ट्रिया और ब्रिटेन से नाता तोड़ा और फ़्रांस से शांति की ओर बढ़ा। मार्च 1801 में महल-षड्यंत्र ने उसका शासन ख़त्म कर दिया और उसका पुत्र अलेक्सांद्र प्रथम सम्राट बना।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. पावेल प्रथम 1796 में सम्राट बने और केवल पाँच वर्ष, 1801 तक, शासन किया। वर्ष-ब्लॉक गिनिए।
  2. 1797 में उसने सिंहासन के लिए साफ़ नियम बनाया: ताज पिता से सबसे बड़े पुत्र को जाता है। इससे उत्तराधिकारी को लेकर पुराने महल-षड्यंत्र रुके।
  3. अप्रैल 1797 में उसने कहा कि भूदास ज़मींदार के लिए हफ़्ते में तीन दिन से ज़्यादा काम न करें। तीन लाल दिन, चार खाली दिन। इसकी जाँच कठिन थी।
  4. उसे सख़्त अनुशासन पसंद था: एक जैसी वर्दियाँ, रोज़ कवायद और छपाई पर कड़ा नियंत्रण। 1800 में विदेशी किताबों पर रोक लगी।
  5. रूस ने ऑस्ट्रिया और ब्रिटेन के साथ फ़्रांस से युद्ध किया। 1799 में सुवोरोव ने आल्प्स पार किए। फिर पावेल ने सहयोगियों से नाता तोड़ा और फ़्रांस से शांति की ओर बढ़ा।
  6. अब आपकी बारी। 1796 से 1801 के वर्षों पर स्लाइडर चलाइए और बताइए कि कुछ कुलीन पावेल के ख़िलाफ़ क्यों हो गए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

पावेल का शासन इतना छोटा क्यों था?

उसने पाँच साल शासन किया और फिर महल-षड्यंत्र में मारा गया। चरण 1 के वर्ष-ब्लॉक देखिए।

उत्तराधिकार क़ानून क्यों ज़रूरी था?

इससे अगला शासक कौन होगा इसका साफ़ नियम मिला, इसलिए झगड़े और षड्यंत्र कम हुए। चरण 2 देखिए।

क्या तीन दिन के नियम ने भूदासों को आज़ाद कर दिया?

नहीं। उसने काग़ज़ पर काम सीमित किया पर लागू करना कठिन था। चरण 3 देखिए।

लोग पावेल से क्यों डरते थे?

वह सख़्त अनुशासन माँगता था, छोटी ग़लतियों पर सज़ा देता था और नियम अचानक बदलता था। चरण 4 देखिए।

1800 में रूस ने पाला क्यों बदला?

पावेल का युद्ध को लेकर ऑस्ट्रिया और ब्रिटेन से झगड़ा हुआ और वह फ़्रांस से शांति और व्यापार चाहता था। चरण 5 देखिए।

पावेल के बाद शासन किसने किया?

उसके पुत्र अलेक्सांद्र प्रथम ने, जैसा उत्तराधिकार क़ानून कहता था। चरण 6 देखिए।

पावेल प्रथम: वह कौन था

पावेल प्रथम का जन्म 1754 में हुआ, वह कैथरीन द्वितीय और पीटर तृतीय का पुत्र था। उसकी माँ ने उसे कई वर्ष सत्ता से दूर रखा और दोनों एक-दूसरे को पसंद नहीं करते थे। कैथरीन की मृत्यु पर नवंबर 1796 में 42 वर्ष की आयु में वह सम्राट बना। उसने लगभग पाँच वर्ष शासन किया। उसने अपनी माँ की कई नीतियाँ उलट दीं और राज्य में व्यवस्था, पदक्रम और अनुशासन चाहा।

उत्तराधिकार का क़ानून (1797)

पीटर महान ने शासक को उत्तराधिकारी चुनने का अधिकार दिया था। 1725 के बाद इससे कई महल-तख़्तापलट हुए। 1797 में 5 अप्रैल को अपने राज्याभिषेक पर पावेल ने उत्तराधिकार अधिनियम जारी किया: सिंहासन सबसे बड़े पुत्र को, फिर अगले पुत्रों को जाएगा, और केवल पुत्र न होने पर महिला-वंश को। यह नियम 1917 तक चला।

भूदास, कुलीन और सख़्त अनुशासन

उसी दिन पावेल ने घोषणापत्र जारी किया कि ज़मींदार भूदासों से हफ़्ते में तीन दिन से ज़्यादा काम न कराएँ और रविवार को बिल्कुल नहीं। यह काग़ज़ पर सीमा थी और लागू करना कठिन था। साथ ही पावेल ने कुलीनों पर ज़्यादा कर्तव्य डाले और कैथरीन के समय के कुछ विशेषाधिकार रद्द किए। वह प्रशा की तरह सख़्त सैन्य अनुशासन चाहता था, तय वर्दियों और कवायद के साथ, और अफ़सरों की छोटी ग़लतियों पर कड़ी सज़ाओं के साथ। उसने सेंसरशिप कसी और 1800 में बहुत सी विदेशी किताबों पर रोक लगाई।

विदेश नीति और शासन का अंत

रूस 1798 में क्रांतिकारी फ़्रांस के विरुद्ध ऑस्ट्रिया और ब्रिटेन के साथ शामिल हुआ। सेनापति अलेक्सांद्र सुवोरोव ने उत्तरी इटली में जीत पाई और 1799 में स्विट्ज़रलैंड में अपनी सेना को आल्प्स के पार ले गए। एडमिरल फ़्योदोर उशाकोव ने भूमध्य सागर में आयोनियन द्वीप लिए। 1798 में पावेल माल्टा ऑर्डर का ग्रैंड मास्टर भी बना।

1800 में पावेल का ऑस्ट्रिया और ब्रिटेन से झगड़ा हुआ और वह फ़्रांस से शांति की ओर बढ़ा, यहाँ तक कि भारत की ओर अभियान की भी योजना बनी। बहुत से कुलीन और अफ़सर उसके अचानक ग़ुस्से से डरते थे। मार्च 1801 में अफ़सरों के एक समूह ने महल-षड्यंत्र में हिस्सा लिया और पावेल की मृत्यु हो गई। उसका पुत्र अलेक्सांद्र प्रथम सम्राट बना।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 1797 के उत्तराधिकार अधिनियम में क्या कहा गया?

ताज पिता से सबसे बड़े पुत्र को और फिर अगले पुत्रों को जाएगा। इससे शासक का किसी को भी उत्तराधिकारी चुनने का अधिकार ख़त्म हुआ।

2. एक ज़मींदार हफ़्ते में 5 दिन काम लेता है। पावेल की सीमा 3 दिन है। कम से कम कितने दिन भूदास को वापस मिलने चाहिए?

5 - 3 = 2 दिन (अगर ज़मींदार नियम मानता)।

3. कुछ कुलीन और अफ़सर पावेल के ख़िलाफ़ क्यों हो गए?

उसने उनके कुछ विशेषाधिकार घटाए, कड़ी सज़ाएँ दीं, अचानक नियम बदले और जल्दी ग़ुस्सा करता था, इसलिए बहुत से असुरक्षित महसूस करते थे।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. उत्तराधिकार अधिनियम किस वर्ष जारी हुआ?
2. 1797 में ज़मींदारों के लिए भूदासों के काम की सीमा क्या थी?
3. 1799 में आल्प्स किस सेनापति ने पार किए?
4. पावेल प्रथम के बाद सम्राट कौन बना?
5. पावेल प्रथम ने कितने समय शासन किया?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पावेल प्रथम का मुख्य सुधार क्या था?

1797 का उत्तराधिकार अधिनियम, जिससे ताज पिता से सबसे बड़े पुत्र को जाने लगा।

क्या पावेल प्रथम ने भूदासों की मदद की?

उसने कहा कि भूदास हफ़्ते में तीन दिन से ज़्यादा काम न करें, पर नियम लागू करना कठिन था और भूदास प्रथा बनी रही।

पावेल प्रथम का शासन कैसे ख़त्म हुआ?

मार्च 1801 में अफ़सरों के महल-षड्यंत्र ने उसका शासन ख़त्म किया और अलेक्सांद्र प्रथम सम्राट बना।

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