पावेल प्रथम: वह कौन था
पावेल प्रथम का जन्म 1754 में हुआ, वह कैथरीन द्वितीय और पीटर तृतीय का पुत्र था। उसकी माँ ने उसे कई वर्ष सत्ता से दूर रखा और दोनों एक-दूसरे को पसंद नहीं करते थे। कैथरीन की मृत्यु पर नवंबर 1796 में 42 वर्ष की आयु में वह सम्राट बना। उसने लगभग पाँच वर्ष शासन किया। उसने अपनी माँ की कई नीतियाँ उलट दीं और राज्य में व्यवस्था, पदक्रम और अनुशासन चाहा।
उत्तराधिकार का क़ानून (1797)
पीटर महान ने शासक को उत्तराधिकारी चुनने का अधिकार दिया था। 1725 के बाद इससे कई महल-तख़्तापलट हुए। 1797 में 5 अप्रैल को अपने राज्याभिषेक पर पावेल ने उत्तराधिकार अधिनियम जारी किया: सिंहासन सबसे बड़े पुत्र को, फिर अगले पुत्रों को जाएगा, और केवल पुत्र न होने पर महिला-वंश को। यह नियम 1917 तक चला।
भूदास, कुलीन और सख़्त अनुशासन
उसी दिन पावेल ने घोषणापत्र जारी किया कि ज़मींदार भूदासों से हफ़्ते में तीन दिन से ज़्यादा काम न कराएँ और रविवार को बिल्कुल नहीं। यह काग़ज़ पर सीमा थी और लागू करना कठिन था। साथ ही पावेल ने कुलीनों पर ज़्यादा कर्तव्य डाले और कैथरीन के समय के कुछ विशेषाधिकार रद्द किए। वह प्रशा की तरह सख़्त सैन्य अनुशासन चाहता था, तय वर्दियों और कवायद के साथ, और अफ़सरों की छोटी ग़लतियों पर कड़ी सज़ाओं के साथ। उसने सेंसरशिप कसी और 1800 में बहुत सी विदेशी किताबों पर रोक लगाई।
विदेश नीति और शासन का अंत
रूस 1798 में क्रांतिकारी फ़्रांस के विरुद्ध ऑस्ट्रिया और ब्रिटेन के साथ शामिल हुआ। सेनापति अलेक्सांद्र सुवोरोव ने उत्तरी इटली में जीत पाई और 1799 में स्विट्ज़रलैंड में अपनी सेना को आल्प्स के पार ले गए। एडमिरल फ़्योदोर उशाकोव ने भूमध्य सागर में आयोनियन द्वीप लिए। 1798 में पावेल माल्टा ऑर्डर का ग्रैंड मास्टर भी बना।
1800 में पावेल का ऑस्ट्रिया और ब्रिटेन से झगड़ा हुआ और वह फ़्रांस से शांति की ओर बढ़ा, यहाँ तक कि भारत की ओर अभियान की भी योजना बनी। बहुत से कुलीन और अफ़सर उसके अचानक ग़ुस्से से डरते थे। मार्च 1801 में अफ़सरों के एक समूह ने महल-षड्यंत्र में हिस्सा लिया और पावेल की मृत्यु हो गई। उसका पुत्र अलेक्सांद्र प्रथम सम्राट बना।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 1796: पावेल प्रथम सम्राट बने
- 1797 (अप्रैल): उत्तराधिकार अधिनियम; भूदासों के लिए हफ़्ते में अधिकतम 3 दिन
- 1798 से 1799: फ़्रांस से युद्ध; सुवोरोव आल्प्स पार करते हैं (1799)
- 1800: विदेशी किताबों पर रोक; सहयोगियों से अलगाव
- 1801 (मार्च): महल-षड्यंत्र में पावेल की मृत्यु; अलेक्सांद्र प्रथम का शासन
हल किए गए उदाहरण
1. 1797 के उत्तराधिकार अधिनियम में क्या कहा गया?
ताज पिता से सबसे बड़े पुत्र को और फिर अगले पुत्रों को जाएगा। इससे शासक का किसी को भी उत्तराधिकारी चुनने का अधिकार ख़त्म हुआ।
2. एक ज़मींदार हफ़्ते में 5 दिन काम लेता है। पावेल की सीमा 3 दिन है। कम से कम कितने दिन भूदास को वापस मिलने चाहिए?
5 - 3 = 2 दिन (अगर ज़मींदार नियम मानता)।
3. कुछ कुलीन और अफ़सर पावेल के ख़िलाफ़ क्यों हो गए?
उसने उनके कुछ विशेषाधिकार घटाए, कड़ी सज़ाएँ दीं, अचानक नियम बदले और जल्दी ग़ुस्सा करता था, इसलिए बहुत से असुरक्षित महसूस करते थे।
आम गलतियाँ
- सोचना कि पावेल ने भूदासों को आज़ाद किया। उसने केवल काग़ज़ पर हफ़्ते में तीन दिन की सीमा रखी।
- पावेल को पीटर से मिला देना। पावेल प्रथम (1796 से 1801) कैथरीन का पुत्र था; पीटर प्रथम महान थे।
- कहना कि उत्तराधिकार क़ानून से महल-तख़्तापलट हमेशा के लिए रुक गए। वे घटे, पर पावेल ख़ुद षड्यंत्र में मारा गया।
- वर्ष मिला देना: क़ानून और घोषणापत्र 1797, आल्प्स 1799, अंत मार्च 1801।