मुरोमाची शोगुनशाही: कैसे चलती थी
1336-1338 में कामाकुरा शोगुनशाही के अंत में मदद के बाद आशिकागा ताकाउजी ने क्योटो ले लिया और शोगुन बना। शोगुन का महल क्योटो के मुरोमाची मोहल्ले में था, इसलिए इस काल (1336-1573) को मुरोमाची कहते हैं। कामाकुरा के उलट यह शोगुनशाही सम्राट के पास क्योटो में थी।
शोगुन प्रांतों पर शुगो (सैन्य गवर्नर) से शासन करता था। समय के साथ शुगो ने ज़्यादा कर और ज़मीन ले ली और ताक़तवर क्षेत्रीय स्वामी बन गए, जिन्हें शुगो दाइम्यो कहते हैं। शोगुनशाही तभी मज़बूत थी जब वह इन दाइम्यो पर नियंत्रण रखती थी।
योशिमित्सु और दो दरबारों का अंत
ताकाउजी के बाद सम्राट गो-दाइगो भाग निकला और योशिनो में दक्षिणी दरबार बनाया, जबकि शोगुन ने क्योटो के उत्तरी दरबार का साथ दिया। लगभग 56 साल दो दरबार रहे। तीसरे शोगुन आशिकागा योशिमित्सु ने 1392 में यह ख़त्म किया और शोगुन को सबसे बड़ी ताक़त बनाया। उसने स्वर्ण मंडप (किंकाकु) भी बनवाया और मिंग चीन से व्यापार शुरू किया।
मिंग व्यापार: टैली व्यापार
1368 के बाद चीन पर मिंग वंश का राज था। वाको नाम के समुद्री डाकू उसके तटों पर हमला करते थे, इसलिए मिंग ने केवल अनुमति वाले जहाज़ों से व्यापार की इजाज़त दी। 1404 में योशिमित्सु ने डाकुओं को रोकने की बात मानी और मिंग को दूतमंडल भेजा। हर जहाज़ पर एक टैली (कांगो) होती थी, यानी लकड़ी का अनुमति-पत्र जिसका जोड़ीदार आधा हिस्सा मिंग अधिकारियों के पास रहता। इसलिए इसे टैली व्यापार (कांगो बोएकी) कहते हैं।
जापान भेजता था: तांबा, गंधक, तलवारें, तह होने वाले पंखे, लाख का सामान। जापान ख़रीदता था: तांबे के सिक्के, रेशम, किताबें, चीनी मिट्टी के बर्तन। मिंग के सिक्के जापान में आम पैसा बन गए, जिससे बाज़ार बढ़े। बाद में मंदिर और ताक़तवर दाइम्यो परिवार (ओउची, होसोकावा) व्यापार चलाते थे। 1500 के दशक में उनके आपसी झगड़ों के बाद यह बंद हो गया।
र्युक्यू: पूर्वी एशिया का पुल
र्युक्यू द्वीप जापान, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच समुद्र में हैं। 1429 में शो हाशी ने तीन छोटे राज्यों को जोड़कर र्युक्यू राज्य बनाया, जिसमें शूरी का क़िला और नाहा बंदरगाह था। राजा ने मिंग सम्राट को भेंट भेजी और बदले में व्यापार के अधिकार और जहाज़ों में मदद पाई।
र्युक्यू के जहाज़ चीनी रेशम और चीनी मिट्टी के बर्तन जापान, जापानी तलवारें और तांबा चीन व कोरिया, और काली मिर्च, सप्पनवुड व मसाले दक्षिण-पूर्व एशिया (स्याम, मलक्का, जावा) से ले जाते थे। इस बिचौलिया व्यापार ("राष्ट्रों का पुल") ने बिना बड़ी सेना के र्युक्यू को अमीर बनाया। व्यापारी संस्कृति भी फैलाते थे, इसलिए र्युक्यू की कला में चीनी, जापानी और दक्षिण-पूर्व एशियाई शैलियाँ मिलती हैं।
ओनिन युद्ध और युद्धरत राज्यों का युग
1467 में दाइम्यो के दो गुट, होसोकावा और यामाना के नेतृत्व में, इस पर आमने-सामने आ गए कि शोगुन योशिमासा के बाद कौन आएगा। ओनिन युद्ध (1467-1477) ने क्योटो का बड़ा हिस्सा जला दिया। शोगुन का नियंत्रण टूट गया। जल्द हर दाइम्यो अपनी ज़मीन के लिए लड़ने लगा, और कुछ निचले दर्जे के योद्धाओं ने अपने स्वामियों को हटा दिया (गेकोकुजो, "नीचे वाले ऊपर वालों को हराते हैं")। इसके बाद सौ साल के युद्धों का समय सेंगोकू (युद्धरत राज्य) काल है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुरोमाची शोगुनशाही: 1336/1338 से 1573, आशिकागा परिवार, राजधानी क्योटो
- शुगो = सैन्य गवर्नर; दाइम्यो = क्षेत्रीय स्वामी (शुगो दाइम्यो ताक़तवर हुए)
- टैली व्यापार (कांगो बोएकी, 1404): अनुमति वाले जहाज़; निर्यात तांबा, गंधक, तलवारें, पंखे; आयात सिक्के, रेशम, किताबें, चीनी मिट्टी
- र्युक्यू राज्य 1429 (शो हाशी): जापान, चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच व्यापार पुल; बंदरगाह नाहा
- ओनिन युद्ध 1467-1477 से सेंगोकू काल शुरू
हल किए गए उदाहरण
1. मिंग चीन के व्यापार को "टैली व्यापार" क्यों कहते थे?
हर जापानी जहाज़ के पास टैली (कांगो) होती थी, यानी लकड़ी का अनुमति-पत्र जिसका जोड़ीदार हिस्सा मिंग अधिकारियों के पास होता। मेल न खाने वाली टैली के जहाज़ व्यापार नहीं कर सकते थे।
2. र्युक्यू बिना बड़ी सेना के अमीर कैसे हुआ?
वह जापान, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच था। उसके जहाज़ बिचौलिये की तरह सामान ले जाते थे और राजा के पास मिंग चीन के व्यापार अधिकार थे।
3. ओनिन युद्ध के बाद शोगुन का नियंत्रण क्यों टूटा?
दाइम्यो आपस में लड़े और क्योटो जला। शोगुन उन्हें आदेश नहीं दे सका, इसलिए हर दाइम्यो ने अपनी ज़मीन पर शासन किया। कुछ निचले योद्धाओं ने स्वामियों से सत्ता छीन ली (गेकोकुजो)।
4. 1336 से 1573 तक गिनें तो मुरोमाची काल कितने वर्ष चला?
1573 - 1336 = 237 वर्ष।
आम गलतियाँ
- कामाकुरा और मुरोमाची में गड़बड़ी। कामाकुरा पहली शोगुनशाही का पूर्वी शहर है; मुरोमाची क्योटो का मोहल्ला है।
- यह सोचना कि र्युक्यू तब जापान या चीन का हिस्सा था। वह स्वतंत्र राज्य था जो दोनों से व्यापार करता था।
- टैली को सिक्का या जहाज़ समझ लेना। वह अनुमति-पत्र था।
- कहना कि मिंग व्यापार से शोगुन कमज़ोर हुआ। उससे पहले वह अमीर हुआ; ओनिन युद्ध और ताक़तवर दाइम्यो ने उसे कमज़ोर किया।