ओदा नोबुनागा: बंदूकें और खुले बाज़ार
ओदा नोबुनागा ओवारी इलाक़े से शुरू हुआ। उसने बड़ी पैदल सेनाएँ प्रशिक्षित कीं और नागाशिनो (1575) की लड़ाई में बंदूकों की बौछार इस्तेमाल की। उसने 1573 में आख़िरी आशिकागा शोगुन को हटाया, जिससे मुरोमाची बाकुफ़ु समाप्त हुआ, और अज़ुची क़िला (1576) बनाया। राकुइची-राकुज़ा से उसने बाज़ार खोले और संघों के एकाधिकार हटाए, इसलिए व्यापार बढ़ा; उसने कुछ हथियारबंद मंदिरों की शक्ति भी ख़त्म की। 1582 में होन्नोजी में एक सेवक के हमले पर वह मारा गया।
तोयोतोमी हिदेयोशी: सर्वे, तलवार-शिकार और दर्जा
तोयोतोमी हिदेयोशी, जो कभी पैदल सैनिक था, नोबुनागा की सेना में आगे बढ़ा और प्रतिद्वंद्वियों को हराया। उसने 1590 में जापान का एकीकरण पूरा किया। उसकी मुख्य नीतियाँ:
- भूमि-सर्वे (केंची): हर खेत नापा गया, उसकी धान-पैदावार (कोकुदाका) दर्ज हुई और जोतने वाले का नाम लिखा गया। कर और सैन्य कर्तव्य इसी संख्या से तय हुए।
- तलवार-शिकार (1588): किसानों और मंदिरों को तलवारें, भाले और बंदूकें देनी पड़ीं, ताकि विद्रोह रुकें।
- योद्धा-किसान का अलगाव: योद्धा क़िला-नगरों में गए और किसान ज़मीन पर रहे।
- कोरिया पर दो हमले (1592, 1597) विफल रहे और 1598 में उसकी मृत्यु पर समाप्त हुए।
यूरोपीय संपर्क
1543 में पुर्तगाली नाविक तानेगाशिमा द्वीप पहुँचे। जापानी लोहारों ने उनकी बंदूकों की जल्दी नक़ल कर ली, जिससे युद्ध बदल गया। 1549 में जेसुइट फ्रांसिस ज़ेवियर ने ईसाई मिशन शुरू किए। पुर्तगाली (और बाद में स्पेनी) व्यापारी रेशम और बंदूकें लाए और चाँदी ले गए; इसे नानबान ("दक्षिणी बर्बर") व्यापार कहते हैं। कुछ दाइम्यो आंशिक रूप से व्यापार के लिए ईसाई बने। 1587 में हिदेयोशी ने वफ़ादारी और ज़मीन चर्च के पास जाने की चिंता से पादरियों को जाने का आदेश दिया, पर व्यापार का स्वागत जारी रखा।
इसे बदलाव क्यों कहते हैं
एक सदी के युद्ध के बाद एक सत्ता ने फिर जापान के अधिकांश हिस्से पर राज किया। नए क़िले, नापा हुआ देहात और साफ़ वर्ग-रेखा ने ईदो व्यवस्था (अगला पाठ) की ज़मीन तैयार की। ओदा और तोयोतोमी के काल को दो क़िलों के नाम पर अज़ुची-मोमोयामा भी कहते हैं।
करके देखिए
चार पंक्तियों की तालिका बनाइए (बंदूकें, मुक्त बाज़ार, भूमि-सर्वे, तलवार-शिकार)। एक स्तंभ में नेता, अगले में असर लिखिए। असर वाला स्तंभ ढककर किसी दोस्त से पूछिए। 3D में हर औज़ार पर टैप कीजिए और पहले उसका असर बोलिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- नोबुनागा: आशिकागा शोगुन को हटाया 1573; नागाशिनो 1575; मृत्यु 1582
- हिदेयोशी: भूमि-सर्वे; तलवार-शिकार 1588; एकीकरण 1590; कोरिया 1592, 1597
- तानेगाशिमा में पुर्तगाली 1543; ज़ेवियर 1549
- पादरी-निष्कासन आदेश 1587
- कोकुदाका = खेत की धान-पैदावार, कर और कर्तव्य के लिए
हल किए गए उदाहरण
1. एक खेत 3 इकाई का है और 30 कोकु धान देता है। कर पैदावार का 40 प्रतिशत है। कर कितने कोकु है?
30 का 40 प्रतिशत = 0.4 x 30 = 12 कोकु। सर्वे से राज्य हर खेत के लिए यह संख्या निकाल पाता है।
2. तलवार-शिकार ने शांति रखने में कैसे मदद की?
जिन किसानों के पास हथियार नहीं थे वे आसानी से विद्रोह नहीं कर सकते थे या किसी सरदार से नहीं जुड़ सकते थे। हथियार सिर्फ़ योद्धाओं के पास थे, इसलिए शासक बल पर नियंत्रण रख सका।
3. 1543 के बाद बंदूकों ने युद्ध कैसे बदला?
बंदूक वाला प्रशिक्षित पैदल सैनिक घुड़सवार योद्धा को रोक सकता था। बड़ी सेनाएँ और मज़बूत दीवारों वाले नए क़िले जीत की कुंजी बने।
आम गलतियाँ
- नागाशिनो का श्रेय हिदेयोशी को देना। वह नोबुनागा का था।
- यह सोचना कि पुर्तगाली जीतने आए थे। वे व्यापारी और पादरी बनकर आए।
- तलवार-शिकार (1588) और भूमि-सर्वे को गड़बड़ाना। ये दो अलग नीतियाँ हैं।
- यह भूलना कि 1587 का आदेश पादरियों के विरुद्ध था, व्यापार के नहीं।