1989 से लोकतांत्रिक शासन
दिसंबर 1989 में जन-प्रदर्शनों ने साम्यवादी शासन ख़त्म किया। 1990 से स्वतंत्र चुनाव हुए। लोकतंत्र की कई पहचानें हैं: स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, कई राजनीतिक दल, स्वतंत्र मीडिया और ऐसे अधिकार जिनका राज्य को सम्मान करना होता है। बहुलवाद (Pluralism) का अर्थ है कि कई आवाज़ें और दल शांति से मुक़ाबला करते हैं। एक-दलीय शासन से लोकतंत्र में बदलाव कठिन था: अर्थव्यवस्था बदलनी थी और संस्थाओं पर भरोसा फिर बनाना था।
शक्तियों का पृथक्करण
सत्ता बाँटी जाती है ताकि कोई एक व्यक्ति या समूह सब कुछ न चलाए। विधायिका (संसद) क़ानून बनाती है। कार्यपालिका (राष्ट्रपति और सरकार) उन्हें लागू करती है। न्यायपालिका (अदालतें) देखती है कि क़ानून का पालन हो रहा है या नहीं। हर कोई दूसरों पर नज़र रख सकता है।
केस स्टडी: 1991 का संविधान
संविधान देश का सर्वोच्च क़ानून है। रोमानिया का संविधान दिसंबर 1991 में जनमत-संग्रह में जनता ने मंज़ूर किया। वह रोमानिया को गणराज्य और क़ानून का राज्य बताता है, मानवाधिकारों की रक्षा करता है और संस्थाएँ बनाता है। 2003 में इसे संशोधित किया गया ताकि देश नाटो और यूरोपीय संघ में शामिल होने के लिए तैयार हो।
यूरो-अटलांटिक एकीकरण
नाटो अपने सदस्यों की सुरक्षा के लिए एक सैन्य गठबंधन है। रोमानिया 2004 में शामिल हुआ। यूरोपीय संघ साझा बाज़ार और साझा नियमों वाले देशों का संघ है; रोमानिया 1 जनवरी 2007 को शामिल हुआ। एकीकरण से व्यापार, धन और खुली आवाजाही मिली, पर पालन करने के नियम और सुधारों व भ्रष्टाचार पर कठिन बहसें भी आईं। इस पूरे रास्ते को यूरो-अटलांटिक एकीकरण कहते हैं।
ख़ुद करके देखें
"कक्षा नेता" के लिए तीन उम्मीदवारों के साथ कक्षा का चुनाव कीजिए। गुप्त मतपत्र इस्तेमाल कीजिए। सबके सामने वोट गिनिए। फिर 3D के खुले खेल में तीन दलों के लिए वोट डालिए और पट्टियाँ देखिए। ध्यान दीजिए कि जीतने वाला अकेली आवाज़ नहीं है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य वर्ष: 1989 (सत्ता गिरी), 1990 (स्वतंत्र चुनाव), 1991 (संविधान), 2004 (नाटो), 2007 (यूरोपीय संघ)
- तीन शक्तियाँ: विधायिका (क़ानून), कार्यपालिका (लागू करना), न्यायपालिका (न्याय)
- लोकतंत्र = स्वतंत्र चुनाव + कई दल + स्वतंत्र मीडिया + अधिकार
- संविधान = देश का सर्वोच्च क़ानून
- यूरो-अटलांटिक एकीकरण = नाटो + यूरोपीय संघ
हल किए गए उदाहरण
1. एक-दलीय राज्य लोकतंत्र क्यों नहीं है?
मतदाताओं के पास असली चुनाव नहीं होता, विपक्ष की अनुमति नहीं होती, और पार्टी मीडिया व अदालतों को नियंत्रित करती है। लोकतंत्र में दलों के बीच स्वतंत्र प्रतिस्पर्धा चाहिए।
2. अगर एक ही व्यक्ति क़ानून बनाए, लागू करे और उन पर न्याय करे तो क्या ग़लत होगा?
वह अन्यायपूर्ण क़ानून बना सकता है और उसे कोई रोक नहीं सकेगा। शक्तियों का बँटवारा हर एक को दूसरों की जाँच करने देता है।
3. नाटो और यूरोपीय संघ में क्या अंतर है?
नाटो सुरक्षा के लिए सैन्य गठबंधन है। यूरोपीय संघ साझा बाज़ार और नियमों वाला राजनीतिक व आर्थिक संघ है।
4. रोमानिया ने 2003 में संविधान संशोधित क्यों किया?
ताकि वह नाटो और यूरोपीय संघ में शामिल होने की शर्तों के अनुरूप हो और अधिकार व संस्थाएँ बेहतर हों।
आम गलतियाँ
- नाटो (2004, सुरक्षा) और यूरोपीय संघ (2007, साझा बाज़ार और नियम) को मिला देना।
- यह सोचना कि लोकतंत्र का मतलब सिर्फ़ वोट देना है। उसे स्वतंत्र मीडिया, अदालतें और अधिकार भी चाहिए।
- यह मानना कि 1989 का बदलाव तुरंत पूरा हो गया। नई संस्थाएँ बनने में सालों लगे।
- तीन शक्तियों में गड़बड़ी: संसद क़ानून बनाती है, सरकार लागू करती है, अदालतें न्याय करती हैं।