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स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था

1947 में आज़ादी के समय लगभग दो सदी के औपनिवेशिक शासन ने भारत को गरीब और ठहरी हुई अर्थव्यवस्था दी थी। ज़्यादातर लोग खेती करते थे, पर ज़मींदारी में उपज कम थी। हस्तशिल्प नष्ट हो चुके थे और आधुनिक उद्योग छोटे थे। विदेशी व्यापार ब्रिटेन के हित में था और निर्यात अधिशेष बाहर चला जाता था। साक्षरता और जीवन प्रत्याशा कम थी; रेल और बंदरगाह मुख्य रूप से औपनिवेशिक ज़रूरतों के लिए थे।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. लगभग दो सौ साल भारत अंग्रेज़ों का उपनिवेश रहा। अर्थव्यवस्था 2% प्रति वर्ष से कम बढ़ी और प्रति व्यक्ति आय लगभग नहीं बढ़ी।
  2. 10 में से करीब 7 लोग खेती करते थे। पर ज़मींदार लगान लेते थे और पानी-खाद कम था, इसलिए उपज कम रही।
  3. कच्चा कपास सस्ते में ब्रिटेन गया। मिल का कपड़ा लौटकर आया और भारतीय बुनकरों का काम छिन गया। आधुनिक उद्योग छोटे थे।
  4. भारत ने आयात से ज़्यादा निर्यात किया। पर यह अधिशेष देश में आने की बजाय ब्रिटिश शासन के खर्च में गया। यही धन की निकासी थी।
  5. 100 में से करीब 16 लोग पढ़ सकते थे। औसत आयु करीब 32 साल थी। रेल बनी, पर मुख्य रूप से माल बंदरगाह तक ले जाने के लिए।
  6. अब आपकी बारी। हर क्षेत्र पर टैप कीजिए और पढ़िए कि 1947 में भारत कैसा था।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

इतने लंबे शासन में आय क्यों नहीं बढ़ी?

नीतियाँ ब्रिटिश उद्योग के लिए थीं: कच्चा माल बाहर, माल अंदर, अधिशेष बाहर। भारतीय खेतों और कारख़ानों में निवेश कम हुआ।

इतने लोग खेती करते थे, फिर भी खेती गरीब क्यों रही?

अधिशेष ज़मींदार ले जाते थे, और सिंचाई, खाद, नई तकनीक कम थी।

इसे विऔद्योगीकरण क्यों कहते हैं?

भारत के पुराने उद्योग (हस्तशिल्प) बढ़ने की बजाय सिकुड़ गए।

निर्यात अधिशेष बुरा कैसे?

अतिरिक्त पैसा औपनिवेशिक खर्च में भारत से बाहर गया, भारत को लाभ नहीं हुआ।

क्या रेल भारत के लिए बेकार थी?

नहीं, इसने बाज़ार और लोगों को जोड़ा, पर योजना मुख्य रूप से औपनिवेशिक व्यापार और नियंत्रण के लिए थी।

औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था

अंग्रेज़ी शासन से पहले भारत खेती और सूती-रेशमी कपड़े, धातु और आभूषण जैसे हस्तशिल्प के लिए जाना जाता था। औपनिवेशिक शासन (लगभग 1757 से 1947) में अर्थव्यवस्था को ब्रिटेन के लिए कच्चा माल देने और ब्रिटिश माल ख़रीदने वाला बना दिया गया।

कृषि: गतिहीन और पिछड़ी

लगभग 85% लोग गाँवों में रहते थे और ज़्यादातर खेती पर निर्भर थे। फिर भी प्रति एकड़ उपज कम और ठहरी हुई थी।

क्यों?

उद्योग: विऔद्योगीकरण

अंग्रेज़ी नीति के दो उद्देश्य थे: भारत को सस्ते कच्चे माल का स्रोत बनाना और ब्रिटिश कारख़ानों के माल का बड़ा बाज़ार बनाना।

विदेशी व्यापार और धन की निकासी

जनसंख्या और आधारिक संरचना

जनांकिकीय स्थिति

पहली पूरी जनगणना 1881 में हुई। 1921 से पहले ऊँची मृत्यु दर के कारण जनसंख्या धीरे बढ़ी; 1921 को महाविभाजन का वर्ष कहते हैं, उसके बाद वृद्धि तेज़ हुई।

व्यावसायिक संरचना

लगभग 70–75% श्रमिक कृषि में, 10% विनिर्माण में और 15–20% सेवाओं में; क्षेत्रों के बीच बड़ा अंतर।

आधारिक संरचना

रेल (1853 से), सड़कें, बंदरगाह, डाक और बिजली का तार बने। रेल से यात्रा और राष्ट्रीय बाज़ार को मदद मिली, पर मुख्य उद्देश्य कच्चा माल और सेना ले जाना तथा ब्रिटिश माल फैलाना था।

घर पर करके देखें

दो कॉलम की तालिका बनाइए: 'भारत 1947' और 'भारत आज', साक्षरता और जीवन प्रत्याशा के लिए। आज के आँकड़े खोजकर तुलना कीजिए।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. ब्रिटिश भारत में कम कृषि उत्पादकता के दो कारण बताइए।

(1) ज़मींदारी: ज़मींदार ऊँचा लगान लेते, सुधार नहीं करते। (2) पुरानी तकनीक: कम सिंचाई और खाद।

2. भारतीय हस्तशिल्प क्यों नष्ट हुए?

ब्रिटेन का सस्ता मशीनी माल भारत में भर गया, जबकि भारतीय माल पर ब्रिटेन में ऊँचे शुल्क थे। कारीगरों की माँग और काम छिन गया।

3. ब्रिटिश काल में निर्यात अधिशेष भारत के लिए अच्छा क्यों नहीं था?

अधिशेष ब्रिटिश प्रशासन, युद्ध और सेवाओं के भुगतान में गया, देश में सोना या माल नहीं आया। यह धन की निकासी थी।

4. 1921 को 'महाविभाजन का वर्ष' क्यों कहते हैं?

1921 से पहले ऊँची मृत्यु दर से जनसंख्या धीमी बढ़ी; उसके बाद मृत्यु दर घटी और वृद्धि तेज़ हुई।

5. ब्रिटिश भारत में रेल के दो अच्छे प्रभाव बताइए।

लोग दूर यात्रा कर सके और क्षेत्रों को जोड़कर राष्ट्रीय बाज़ार बना। पर मुख्य उद्देश्य औपनिवेशिक था।

6. 1947 में 100 श्रमिकों में से लगभग कितने कृषि, उद्योग और सेवाओं में थे?

लगभग 72 कृषि, 10 उद्योग और 18 सेवाओं में।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. 20वीं सदी के पहले आधे हिस्से में भारत की राष्ट्रीय आय कितनी बढ़ी?
2. जिस व्यवस्था में ज़मींदार लगान वसूलते थे:
3. TISCO की स्थापना हुई:
4. जनसंख्या का 'महाविभाजन वर्ष' है:
5. ब्रिटिश काल का निर्यात अधिशेष किसमें लगा?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वतंत्रता के समय भारतीय अर्थव्यवस्था की क्या स्थिति थी?

गरीब और ठहरी हुई: कम वृद्धि, पिछड़ी कृषि, नष्ट हस्तशिल्प, छोटे आधुनिक उद्योग, निकासी वाला विदेशी व्यापार, कम साक्षरता और छोटी उम्र, औपनिवेशिक ज़रूरत की आधारिक संरचना।

विऔद्योगीकरण क्या है?

ब्रिटिश मशीनी माल और अनुचित नीतियों के कारण भारत के परंपरागत उद्योगों, ख़ासकर हस्तशिल्प का पतन।

क्या अंग्रेज़ी शासन ने कुछ उपयोगी छोड़ा?

कुछ आधारिक संरचना जैसे रेल, बंदरगाह, तार और एक प्रशासन। पर ये औपनिवेशिक उद्देश्य से बने और व्यापक विकास नहीं हुआ।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12विकास अनुभव (1947-90) और 1991 से आर्थिक सुधार

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