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प्रतिशत लब्धि और परमाणु अर्थव्यवस्था

प्रतिशत लब्धि बताती है कि जितना उत्पाद मिल सकता था, उसमें से असल में कितना मिला: वास्तविक ÷ सैद्धांतिक × 100। परमाणु अर्थव्यवस्था बताती है कि अभिकारकों के कितने परमाणु चाहे गए उत्पाद में पहुँचे: चाहे गए उत्पाद का Mr ÷ अभिकारकों का कुल Mr × 100। दोनों से रसायन सस्ता और कम बर्बादी वाला बनता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. समीकरण से हमें 10 g उत्पाद की उम्मीद है। यह सबसे ज़्यादा संभव मात्रा सैद्धांतिक लब्धि है: 10 ख़ाली डिब्बे।
  2. असल में 7 g मिला: 7 डिब्बे भरे। प्रतिशत लब्धि = 7 ÷ 10 × 100 = 70%।
  3. बाक़ी 3 g: कुछ फ़्लास्क या फ़िल्टर में रह गया, कुछ से दूसरे उत्पाद बने, और अभिक्रिया पूरी नहीं हुई।
  4. अब परमाणु अर्थव्यवस्था। CaCO₃ गरम करने पर CaO (चाहिए, 56) और CO₂ (अपशिष्ट, 44)। परमाणु अर्थव्यवस्था = 56 ÷ 100 × 100 = 56%।
  5. एथीन + पानी से सिर्फ़ एथेनॉल बनता है। हर परमाणु काम का, इसलिए परमाणु अर्थव्यवस्था = 100%। कोई अपशिष्ट मीनार नहीं।
  6. अब तुम्हारी बारी: असली द्रव्यमान खिसकाकर लब्धि बदलो, या दूसरी अभिक्रिया चुनकर मीनारों की तुलना करो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या प्रतिशत लब्धि 100% से ज़्यादा हो सकती है?

शुद्ध, सूखे उत्पाद के लिए नहीं। 100% से ज़्यादा का मतलब आम तौर पर उत्पाद गीला या अशुद्ध है।

द्रव्यमान संरक्षित है, तो उत्पाद 'नष्ट' कैसे होता है?

परमाणु मौजूद रहते हैं, पर फ़्लास्क में, फ़िल्टर पेपर पर या दूसरे उत्पादों में रह जाते हैं, इसलिए इकट्ठा नहीं होते।

क्या CO₂ सच में अपशिष्ट है?

इस अभिक्रिया में हमें CaO चाहिए, इसलिए CO₂ अपशिष्ट गिना जाता है, जब तक उसे पकड़कर काम में न लिया जाए।

एथीन से एथेनॉल 100% क्यों है?

यह योगात्मक अभिक्रिया है: दो अणु मिलकर सिर्फ़ एक उत्पाद बनाते हैं, कोई परमाणु नहीं बचता।

क्या समीकरण की बड़ी संख्याएँ इस्तेमाल करूँ?

हाँ। जोड़ने से पहले हर Mr को संतुलित समीकरण में उसकी संख्या से गुणा करो।

प्रतिशत लब्धि

सैद्धांतिक लब्धि उत्पाद का वह सबसे बड़ा द्रव्यमान है जो संतुलित समीकरण से निकलता है। वास्तविक लब्धि वह द्रव्यमान है जो सच में इकट्ठा होता है।

प्रतिशत लब्धि = वास्तविक लब्धि ÷ सैद्धांतिक लब्धि × 100

लब्धि लगभग हमेशा 100% से कम होती है, क्योंकि:

सैद्धांतिक लब्धि मोल से निकालो: अभिकारक का द्रव्यमान → मोल → अनुपात → उत्पाद के मोल → द्रव्यमान।

परमाणु अर्थव्यवस्था

परमाणु अर्थव्यवस्था मापती है कि शुरुआती पदार्थ का कितना हिस्सा चाहे गए उत्पाद में पहुँचा।

परमाणु अर्थव्यवस्था = चाहे गए उत्पाद का Mr ÷ सभी अभिकारकों के Mr का योग × 100

संतुलित समीकरण की संख्याएँ इस्तेमाल करो: समीकरण में 2Fe हो तो 2 × 56 लो। द्रव्यमान संरक्षित है, इसलिए अभिकारकों का कुल Mr = सभी उत्पादों का कुल Mr।

सिर्फ़ एक उत्पाद वाली अभिक्रियाओं (जैसे एथीन और पानी से एथेनॉल) की परमाणु अर्थव्यवस्था 100% होती है। अपशिष्ट बनाने वाली अभिक्रियाओं की कम।

दोनों क्यों ज़रूरी: अभिक्रिया का रास्ता चुनना

ऊँची परमाणु अर्थव्यवस्था यानी कम बेकार परमाणु, कम प्रदूषण और कम कच्चा माल ख़र्च। यह सतत विकास के लिए ज़रूरी है। ऊँची लब्धि यानी कम उत्पाद नष्ट।

दोनों अलग हैं। किसी अभिक्रिया की परमाणु अर्थव्यवस्था 100% पर लब्धि कम हो सकती है (जैसे उत्क्रमणीय अभिक्रिया), या लब्धि ऊँची पर परमाणु अर्थव्यवस्था कम। रसायनज्ञ रास्ता चुनते समय परमाणु अर्थव्यवस्था, लब्धि, अभिक्रिया की दर, ऊर्जा, और यह देखते हैं कि अपशिष्ट उत्पाद बेचा या इस्तेमाल हो सकता है या नहीं। जैसे चूना बनाते समय निकली CO₂ को पकड़कर काम में लिया जा सकता है।

करके देखो: लड्डू की लब्धि

अगली बार कोई नाश्ता रेसिपी से बनाने में मदद करो, तो देखो रेसिपी कितना बनने को कहती है (सैद्धांतिक लब्धि) और असल में कितना बना (वास्तविक लब्धि)। प्रतिशत लब्धि निकालो। फिर लिखो कि कम क्यों बना: कटोरे में बचा मिश्रण, टूटे टुकड़े, बीच-बीच में चखना! यही विचार 3D में स्लाइडर से द्रव्यमान के साथ देखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. सैद्धांतिक लब्धि 20 g और वास्तविक लब्धि 15 g है। प्रतिशत लब्धि निकालो।

15 ÷ 20 × 100 = 75%।

2. CaO बनाने की परमाणु अर्थव्यवस्था: CaCO₃ → CaO + CO₂ (CaCO₃ 100, CaO 56)।

56 ÷ 100 × 100 = 56%।

3. लोहा बनाने की परमाणु अर्थव्यवस्था: Fe₂O₃ + 3CO → 2Fe + 3CO₂ (Fe₂O₃ 160, CO 28, Fe 56)।

अभिकारक: 160 + 3 × 28 = 244। चाहिए: 2 × 56 = 112। 112 ÷ 244 × 100 = 45.9%।

4. 50 g CaCO₃ गरम करने पर 22.4 g CaO मिला। प्रतिशत लब्धि निकालो।

n(CaCO₃) = 50 ÷ 100 = 0.5 mol → 0.5 mol CaO → सैद्धांतिक = 0.5 × 56 = 28 g। लब्धि = 22.4 ÷ 28 × 100 = 80%।

5. हाइड्रोजन CH₄ + H₂O → CO + 3H₂ से बन सकती है। हाइड्रोजन की परमाणु अर्थव्यवस्था निकालो (CH₄ 16, H₂O 18, H₂ 2)।

अभिकारक: 16 + 18 = 34। चाहिए: 3 × 2 = 6। 6 ÷ 34 × 100 = 17.6%।

6. किसी अभिक्रिया की लब्धि 85% है और सैद्धांतिक लब्धि 40 g। कितना द्रव्यमान मिला?

वास्तविक = 85 ÷ 100 × 40 = 34 g।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. प्रतिशत लब्धि =
2. किस अभिक्रिया की परमाणु अर्थव्यवस्था 100% है?
3. इनमें से कौन लब्धि 100% से कम होने का कारण नहीं है?
4. 10 g संभव में से 8 g मिला, तो लब्धि:
5. ऊँची परमाणु अर्थव्यवस्था अच्छी है क्योंकि…

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रतिशत लब्धि का सूत्र क्या है?

प्रतिशत लब्धि = वास्तविक लब्धि ÷ सैद्धांतिक लब्धि × 100।

परमाणु अर्थव्यवस्था का सूत्र क्या है?

परमाणु अर्थव्यवस्था = चाहे गए उत्पाद का Mr ÷ सभी अभिकारकों का कुल Mr × 100, संतुलित समीकरण से।

लब्धि और परमाणु अर्थव्यवस्था में क्या अंतर है?

परमाणु अर्थव्यवस्था समीकरण से निकलती है और सिद्धांत में बर्बादी बताती है। लब्धि प्रयोग में मापी जाती है और बताती है कि असल में कितना उत्पाद मिला।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

इंग्लैंडYear 104.3 Quantitative chemistry

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